इंग्लैंड के गेंदबाजों ने एजबेस्टन के मैदान पर शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तानी बल्लेबाजी क्रम की धज्जियां उड़ा दीं। तीन मैचों की इस सीरीज के अंतिम मुकाबले के पहले दिन मेहमान टीम अपनी पहली पारी में महज 133 रन पर सिमट गई। शुरुआत से ही पाकिस्तानी बल्लेबाजों को इंग्लिश पेस अटैक का सामना करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और एक समय ऐसा लग रहा था कि स्कोर तिहाई आंकड़े तक भी नहीं पहुंच पाएगा। जोश टंग ने धारदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट अपने नाम किए, जबकि ओली रॉबिन्सन और जोफ्रा आर्चर ने तीन-तीन पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई।
पारी की शुरुआत से ही मेहमान टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और महज 48 रन के कुल स्कोर पर उसके पांच प्रमुख बल्लेबाज आउट होकर पवेलियन लौट चुके थे। कप्तान बाबर आजम भी क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिक सके और केवल 7 रन के निजी स्कोर पर जोश टंग की एक बेहतरीन गेंद पर बोल्ड हो गए। गेंद गुड लेंथ से टप्पा खाकर अंदर की तरफ आई और सीधा उनका ऑफ स्टंप उखाड़ ले गई। इसके अलावा अजान अवैस भी कुछ खास नहीं कर सके और उन्हें टंग ने मिडविकेट पर कैच आउट करा दिया। शान मसूद भी जोफ्रा आर्चर की गेंद पर मिडविकेट क्षेत्र में कैच थमा बैठे, जिससे टीम गहरे संकट में फंस गई।
सऊद शकील ने संभाला मोर्चा लेकिन अंततः गिरे विकेट
महज 26 रन के स्कोर पर चार विकेट गंवाने के बाद सऊद शकील ने पाकिस्तानी पारी को संभालने की कोशिश की और कुछ आकर्षक शॉट भी खेले। उन्हें पारी के दौरान एक जीवनदान भी मिला जब स्लिप में उनका कैच छूट गया, जिसका फायदा उठाते हुए उन्होंने कुछ बेहतरीन चौके जड़े। हालांकि, विरोधी गेंदबाजों के लगातार दबाव के बीच वह भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और अंततः जोश टंग का शिकार बन गए। टंग की एक खतरनाक गेंद ऑफ स्टंप के बाहर से अंदर आई और सऊद शकील का ऑफ स्टंप उड़ गया। उन्होंने आउट होने से पहले 47 गेंदों का सामना करते हुए 4 दिनों के खेल के दौरान 43 रन की सर्वाधिक पारी खेली। उनके अलावा टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर रहे विकेटकीपर गाजी घोरी ने अपनी पारी की पहली ही गेंद पर चौका लगाया, लेकिन जोश टंग ने जल्द ही उन्हें पगबाधा आउट कर दिया। इसके अलावा डेब्यू करने वाले एक अन्य खिलाड़ी मोहम्मद इमरान रंधावा भी टंग की गेंदबाजी का शिकार बने और पवेलियन लौट गए।
लंच के बाद रॉबिन्सन की घातक गेंदबाजी
भोजनकाल तक पाकिस्तान की आधी से ज्यादा टीम यानी सात बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे और टीम का स्कोर 100 रन था। लंच के बाद खेल की तीसरी ही गेंद पर ओली रॉबिन्सन ने अपने पहले मैच में खेल रहे रज़ाउल्लाह को स्लिप में कैच कराकर पाकिस्तान को एक और करारा झटका दिया। रॉबिन्सन ने पूरे मैच में बेहद अनुशासन और किफायती गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने कोटे के ओवरों में मात्र 15 रन खर्च करते हुए तीन अहम विकेट झटके और उनका इकॉनमी रेट चौंका देने वाला 1.36 रहा। इंग्लिश गेंदबाजों की कसी हुई लाइन-लेंथ के आगे पाकिस्तानी बल्लेबाजों के पास कोई ठोस रणनीति नजर नहीं आई और पूरी टीम दबाव में बिखर गई।
आखिरी विकेट के लिए हुई संघर्षपूर्ण साझेदारी
एक समय ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तानी पारी दहाई का आंकड़ा पार करने के तुरंत बाद सिमट जाएगी, लेकिन आखिरी क्रम के बल्लेबाजों ने कुछ देर संघर्ष किया। मोहम्मद अब्बास और मोहम्मद अली की अंतिम जोड़ी ने मैदान पर टिककर 26 रन जोड़े, जो इस पूरी पारी की सबसे बड़ी और अहम साझेदारी साबित हुई। इस सीरीज में पाकिस्तान की ओपनिंग जोड़ियों का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है और पांच पारियों को मिलाकर भी उनके सलामी बल्लेबाजों के बीच 20 रन की साझेदारी नहीं हो सकी है। आखिरकार जोफ्रा आर्चर ने मोहम्मद अब्बास को दूसरी स्लिप में कैच आउट कराकर इस संघर्ष का अंत किया। आर्चर की इस सफलता के साथ ही पाकिस्तान की पूरी पारी 133 रन पर समाप्त हो गई और इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने अपना दबदबा पूरी तरह साबित कर दिया।



















