इंडियन प्रीमियर लीग में पंजाब किंग्स का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी शशांक सिंह ने एक बड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ की घरेलू टीम का साथ छोड़ दिया है। अब वह आगामी सत्र में पुडुचेरी की टीम की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ पुडुचेरी के पूर्व अध्यक्ष पी. दामोदरन ने इस बात पर मुहर लगा दी है। इसके अलावा मुंबई के विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रसाद पवार ने भी पुडुचेरी के स्क्वाड में एंट्री कर ली है।
छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ पर लगाए गंभीर आरोप
अपनी घरेलू टीम से अलग होने के फैसले पर बात करते हुए शशांक ने एक साक्षात्कार में अपनी बात खुलकर रखी। उन्होंने बताया कि उन्होंने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ से अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी ले ली है और वह 2026-27 सीजन से पुडुचेरी के साथ जुड़ रहे हैं। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि पिछले सीजन के दौरान उन्हें कंधे और उंगली में गंभीर चोटें लग गई थीं, लेकिन उस मुश्किल समय में संघ ने उनका कोई साथ नहीं दिया। सीजन समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग 2026 के खिलाड़ियों की सूची से भी उनका नाम हटा दिया गया था। इसके साथ ही प्री-सीजन कैंप के लिए तैयार की गई छत्तीसगढ़ की टीम से भी उनका नाम नदारद था, और जब उन्होंने इसकी वजह जाननी चाही तो उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
बीसीसीआई पुरस्कार और चयन को लेकर रखी बात
शशांक ने संघ पर यह आरोप भी लगाया कि उन्हें यह कहकर नजरअंदाज किया गया कि वह केवल आईपीएल में रुचि रखते हैं और छत्तीसगढ़ के लिए घरेलू क्रिकेट नहीं खेलना चाहते। जबकि हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत थी, क्योंकि पिछले साल ही उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा लिमिटेड ओवरों के सर्किट में देश का सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर चुना गया था। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रतिष्ठित लाला अमरनाथ पुरस्कार से नवाजा गया था। पिछले घरेलू सत्र में उनके प्रदर्शन पर नजर डालें तो उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के सात मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 450 रन बनाए थे और 11 विकेट अपने नाम किए थे। इसके अलावा, 2024-25 सत्र की सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी के सात मैचों में उन्होंने 188 रनों का योगदान दिया था।
सफेद गेंद के क्रिकेट पर रहेगा खास फोकस
अपने भविष्य की योजनाओं के बारे में बताते हुए शशांक ने कहा कि उनका शरीर पूरी तरह से तरोताजा महसूस कर रहा है, और यही वजह है कि वह लिमिटेड ओवरों के क्रिकेट पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस सत्र के लिए उन्होंने लाल गेंद के क्रिकेट से दूरी बनाने का फैसला किया है। उन्होंने खुद को एक पूर्ण ऑलराउंडर बताते हुए स्पष्ट किया कि उनका पूरा ध्यान पुडुचेरी के लिए और आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए टी20 फॉर्मेट में गेंदबाजी के अपने कोटे के चारों ओवर पूरे करने पर है।
छत्तीसगढ़ के लिए ऐसा रहा है अब तक का सफर
अगर छत्तीसगढ़ के लिए शशांक के पुराने करियर पर नजर डाली जाए तो वह साल 2019 में इस टीम के साथ जुड़े थे और तब से लगातार इसके अहम खिलाड़ी बने रहे। उन्होंने छत्तीसगढ़ के लिए कुल 24 फर्स्ट क्लास मुकाबले खेले, जिसमें 29.9 की औसत से 905 रन बनाए और अपनी मीडियम पेस गेंदबाजी से 47.87 की औसत से 16 विकेट झटके। लिस्ट ए क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड और भी ज्यादा प्रभावशाली रहा है, जहां उन्होंने 35 मैचों में 40.53 की औसत से 1054 रन बनाने के साथ-साथ 37 शिकार किए। वहीं, टी20 फॉर्मेट में उनका बल्लेबाजी औसत 25.55 का रहा है।



















