पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मैदान पर खराब प्रदर्शन के बाद अब अजीबोगरीब बयानों का दौर शुरू हो गया है। अपनी कमियों को सुधारने के बजाय पूर्व दिग्गजों द्वारा बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत पुरानी है, लेकिन इस बार मामला और आगे बढ़ गया है। पाकिस्तान के एक पूर्व खिलाड़ी ने हद पार करते हुए इंग्लैंड में मौजूद टीम के कोच पर सीधा निशाना साधा है और उन्हें ऐसा एजेंट बता दिया है जो कथित तौर पर भारत के इशारे पर काम कर रहा है। इस तरह की बयानबाजी से एक बार फिर पड़ोसी देश की क्रिकेट व्यवस्था और वहां की सोच पर सवाल उठने लगे हैं.
इस पूरे विवाद की जड़ इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही टेस्ट सीरीज में टीम का बेहद खराब प्रदर्शन है। लगातार मिल रही हार के दबाव में आकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी ने सीरीज के बीच में ही बड़े फेरबदल किए थे। बोर्ड ने सरफराज अहमद को टेस्ट कोच के पद से हटा दिया और उनकी जिम्मेदारी माइक हेसन को सौंप दी, जो पहले से ही सीमित ओवरों के कोच थे। इस बदलाव के बाद टीम में कई सीनियर खिलाड़ियों को बाहर कर दिया गया, जिससे अंदरूनी कलह और अधिक बढ़ गई और मैदान पर भी इसका बुरा असर देखने को मिला.
नतीजों से बौखलाए पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने एक टेलीविजन चर्चा के दौरान अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने बिना किसी ठोस आधार के कोच पर गंभीर सवाल खड़े किए और कहा कि जो लोग इंडियन प्रीमियर लीग या भारतीय क्रिकेट से जुड़े रहे हैं, वे पाकिस्तान टीम के प्रति कभी ईमानदार नहीं हो सकते। उनका यह इशारा सीधे तौर पर माइक हेसन की तरफ था, जिन्होंने अतीत में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी फ्रेंचाइजी के साथ काम किया है। पूर्व कप्तान का तर्क था कि ऐसे विदेशी कोचों को जिम्मेदारी देने से पहले उनके अतीत की जांच की जानी चाहिए थी, क्योंकि वे कथित रूप से टीम को नुकसान पहुंचा रहे हैं.
सबसे हैरानी की बात यह है कि इस तरह के बेहद संगीन और भड़काऊ आरोप लगाने वाले पूर्व खिलाड़ी के पास अपनी बात साबित करने के लिए कोई भी तथ्य या दस्तावेज मौजूद नहीं हैं। जब उनसे इन दावों के समर्थन में सबूत मांगे गए, तो उन्होंने यह स्वीकार किया कि यह केवल उनकी अपनी व्यक्तिगत सोच है। किसी भी तरह के प्रमाण के बिना राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच पर इस स्तर के आरोप लगाना यह साफ दिखाता है कि पाकिस्तानी क्रिकेट हलकों में इस समय कितनी अधिक हताशा और नकारात्मकता भरी हुई है.
इस बेतुके बयान के सामने आने के बाद खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों ने पूर्व कप्तान की जमकर आलोचना की है। सोशल मीडिया पर आम लोगों का कहना है कि जब भी पाकिस्तानी खिलाड़ी मैदान पर असफल होते हैं, तो वे अपनी तकनीकी कमजोरियों को स्वीकार करने के बजाय भारत या आईपीएल का नाम लेकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश करते हैं। दुनिया भर में अपनी कोचिंग क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले शख्स पर इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाना पाकिस्तान क्रिकेट के गिरते हुए स्तर और बढ़ती असुरक्षा की भावना को खुलकर सामने लाता है.

















