बेंगलुरु में हाल ही में दिए गए बयानों के अनुसार, वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान शिवनारायण चंद्रपॉल ने कहा है कि भारत के विरुद्ध खेली गई सीमित ओवरों की सीरीज ने कैरेबियाई टीम में नई जान फूंक दी है। उनका यह मानना है कि इस चुनौतीपूर्ण दौरे पर खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन ने टीम का मनोबल काफी ऊंचा किया है, जो भविष्य के मुकाबलों में बहुत काम आएगा। हालांकि वेस्टइंडीज की टीम वनडे सीरीज अपने नाम नहीं कर सकी, लेकिन टी20 मुकाबलों में उन्होंने मेजबान टीम को जबरदस्त टक्कर दी और आखिरी वनडे मैच में शानदार जीत भी दर्ज की।
भारत के खिलाफ प्रदर्शन से बढ़ा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास
कप्तान शाई होप के नेतृत्व में उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने भारत को वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय दोनों ही फॉर्मेट में कड़ी चुनौती दी। इस शानदार खेल ने एक बार फिर उस दौर की याद ताजा कर दी जब कैरेबियाई टीम का विश्व क्रिकेट में एकछत्र राज हुआ करता था। सीरीज का शुरुआती मुकाबला हारने के बाद मेहमान टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए दूसरे और चौथे मैच में जीत दर्ज की और सीरीज में बराबरी हासिल की।
दुनिया में कहीं भी जीत सकती है वेस्टइंडीज टीम
एक खास बातचीत के दौरान शिवनारायण चंद्रपॉल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अब खिलाड़ियों को पूरा विश्वास हो गया है कि वे भारत या दुनिया के किसी भी कोने में जाकर मैच जीत सकते हैं और उन्होंने मैदान पर ऐसा करके भी दिखाया है। जब खिलाड़ियों को बड़ी सफलता मिलती है और उन्हें अपनी क्षमता का अहसास होता है, तो वे आगामी मुकाबलों में अपनी जीत के लिए खुद पर पूरा भरोसा करने लगते हैं।
टेस्ट फॉर्मेट में प्रदर्शन सुधारने की बड़ी चुनौती
चंद्रपॉल के मुताबिक, कैरेबियाई टीम के सामने अब सबसे बड़ी परीक्षा इस सीमित ओवरों की सफलता को लंबे फॉर्मेट यानी टेस्ट क्रिकेट में भी दोहराने की होगी। उन्होंने कहा कि टेस्ट टीम को इसके लिए बहुत कड़ी मेहनत करनी होगी क्योंकि उसने हाल के दिनों में ज्यादा मुकाबले नहीं जीते हैं। हालांकि घरेलू मैदानों पर पाकिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ टीम ने कुछ मैच जरूर जीते हैं, लेकिन ये जीतें उतनी नहीं हैं जितनी टीम और उसके समर्थक उम्मीद करते हैं।



















