इंग्लैंड की रेड बॉल टीम के कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलावों के बीच एक अहम खबर सामने आई है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज बैटर माइकल हसी ने इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की ओर से मिले टेस्ट टीम के बैटिंग कोच बनने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। हाल ही में जुलाई में इंग्लैंड के नए टेस्ट हेड कोच नियुक्त किए गए स्टीफन फ्लेमिंग और ECB प्रबंधन ने हसी को अपनी कोचिंग टीम में शामिल करने के लिए संपर्क किया था। गौरतलब है कि हसी और फ्लेमिंग इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक साथ काम कर चुके हैं। हालांकि, पुरानी पेशेवर नजदीकी के बावजूद हसी ने इंग्लैंड टीम के साथ पूर्णकालिक रूप से जुड़ने के बजाय क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के साथ काम करने का निर्णय लिया है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का पार्ट-टाइम कंसल्टेंट रोल चुनने की वजह
माइकल हसी ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया द्वारा दिए गए पार्ट-टाइम कंसल्टेंट के पद को स्वीकार किया है। इस विशेष व्यवस्था की वजह से हसी को अपने अन्य पेशेवर और मीडिया से जुड़े प्रतिबद्धताओं को बिना किसी बाधा के जारी रखने की पूरी आजादी मिलेगी। वह द हंड्रेड जैसी विदेशी लीगों के अलावा कई अन्य फ्रेंचाइजी टी20 टूर्नामेंटों में अपनी कोचिंग भूमिकाएं निभाते रहेंगे। इसके साथ ही वह ऑस्ट्रेलिया में फॉक्स स्पोर्ट्स नेटवर्क के लिए बतौर क्रिकेट एक्सपर्ट और कमेंटेटर भी अपनी सेवाएं लगातार देते रहेंगे। इंग्लैंड का बैटिंग कोच बनने पर उन्हें साल भर राष्ट्रीय टीम के साथ यात्रा करनी पड़ती, जिससे उनकी बाकी व्यावसायिक भूमिकाओं पर असर पड़ सकता था।
इंग्लैंड क्रिकेट टीम के साथ हसी का पिछला जुड़ाव
यह पहला मौका नहीं होता जब माइकल हसी इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के साथ दिखाई देते। इससे पहले भी उनका इंग्लिश क्रिकेट सेटअप के साथ एक बेहद सफल अनुभव रहा है। साल 2022 में ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर आयोजित हुए ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप के दौरान हसी ने इंग्लैंड की टीम में पार्ट-टाइम कंसल्टेंट के रूप में अपनी भूमिका निभाई थी। उस वैश्विक टूर्नामेंट में इंग्लैंड की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेलबर्न में खेले गए फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को हराकर T20 विश्व कप की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। उस जीत में हसी के कोचिंग इनपुट और रणनीतिक सलाह की काफी तारीफ हुई थी।
मार्कोस ट्रेस्कोथिक को पद पर बरकरार रखने का विकल्प
हसी द्वारा इस अहम प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद अब ECB अपने मौजूदा कोचिंग ढांचे में ही विकल्प तलाश रहा है। बोर्ड पूर्व इंग्लिश ओपनर मार्कस ट्रेस्कोथिक को ही टेस्ट टीम के नियमित बैटिंग कोच के रूप में बनाए रखने पर गंभीरता से विचार कर सकता है। ट्रेस्कोथिक इस समय पाकिस्तान के खिलाफ खेली जा रही 3 मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड के कार्यवाहक हेड कोच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनकी देखरेख में इंग्लिश टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है, जहां टीम ने शुरुआती दोनों टेस्ट मैचों में बड़ी जीत हासिल की है। इस समय 3 मैचों की इस रेड बॉल सीरीज में इंग्लैंड 2-0 से अजेय बढ़त बनाकर श्रृंखला अपने नाम कर चुका है।
स्टीफन फ्लेमिंग के सामने बड़ी चुनौतियाँ और भविष्य का खाका
इंग्लैंड के नए टेस्ट हेड कोच बनाए गए स्टीफन फ्लेमिंग आधिकारिक रूप से दिसंबर 2026 में टीम की कमान संभालेंगे, जब इंग्लैंड की टीम साउथ अफ्रीका के लंबे दौरे पर जाएगी। फ्लेमिंग के सामने इंग्लैंड की रेड बॉल टीम को पुनर्गठित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। इसके तुरंत बाद साल 2027 में इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक द्विपक्षीय मुकाबले खेलने हैं और अपनी सरजमीं पर प्रतिष्ठित एशेज सीरीज की मेजबानी भी करनी है। इन बड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए फ्लेमिंग के सपोर्ट स्टाफ में एक मजबूत बैटिंग कोच की तैनाती ECB के लिए काफी निर्णायक मानी जा रही है।



















