सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ उपखंड के तहत आने वाले विभिन्न ग्रामीण इलाकों में संपर्क मार्गों की स्थिति में बड़ा सुधार होने जा रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने क्षेत्र के तीन प्रमुख कच्चे रास्तों को पक्की सड़कों में बदलने के प्रस्ताव को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दे दी है। इस बुनियादी ढांचा विकास कार्य के लिए विभाग द्वारा 1.97 करोड़ रुपये की कुल राशि स्वीकृत की गई है। पक्की सड़कें बनने से क्षेत्र की विभिन्न ढाणियों में निवास करने वाले लोगों को आवागमन में सीधी राहत मिलेगी, जिससे बारिश के दिनों में होने वाली जलभराव और कीचड़ की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
लक्ष्मणगढ़ में पक्की सड़कों के लिए मंजूर हुए 1.97 करोड़ रुपये
सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा जारी आधिकारिक मंजूरी के तहत इन सड़कों का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य दूर-दराज की ढाणियों को मुख्य संपर्क मार्गों से जोड़ना है। मानसून के समय कच्चे रास्तों पर पानी भरने के कारण ग्रामीणों का संपर्क मुख्य सडकों से कट जाता था। पक्के मार्गों के निर्माण से न केवल आम नागरिकों को बल्कि रोजाना स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और आपातकालीन वाहनों को भी आवाजाही में काफी सुविधा होगी।
तीन प्रमुख ग्रामीण रास्तों का होगा कायाकल्प
स्वीकृत की गई परियोजना के अंतर्गत पहला निर्माण कार्य छोटा घिरनिया से ब्राह्मणों की ढाणी तक मुख्य सड़क को जोड़ने वाले रास्ते पर होगा। इस 600 मीटर लंबे मार्ग को पक्का करने के लिए 21.85 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इस रास्ते के बनने से आसपास के लगभग 300 लोगों को सीधा लाभ पहुंचेगा और उन्हें गांव से मुख्य मार्ग तक जाने में आसानी होगी।
दूसरा कार्य पाटोदा से चौमालों की ढाणी तक 2.50 किलोमीटर लंबे रास्ते का है। इस सड़क के निर्माण पर करीब 87.50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस मार्ग के पक्का बनने से पुजारियों और ब्राह्मणों के मोहल्ले सहित लगभग 180 घरों की 600 आबादी को सीधा फायदा होगा। इसके अलावा, तीसरा मार्ग दीनवा से छिंछास तक नेमीचंद शर्मा के फार्महाउस से होते हुए बनाया जाएगा। इस 2.50 किलोमीटर लंबी सड़क पर भी 87.50 लाख रुपये खर्च होंगे, जिससे लगभग 2200 ग्रामीणों और किसानों की ग्राम पंचायत कार्यालय तथा नजदीकी स्थानों तक पहुंच आसान होगी।
किसानों और विद्यार्थियों को मिलेगी विशेष राहत
पीडब्ल्यूडी एक्सईएन प्रकाशचंद्र निठारवाल के अनुसार, वर्तमान समय में इन इलाकों के कई रास्ते पूरी तरह कच्चे और कंकड़-पत्थर से भरे हुए हैं। बारिश के दौरान इन रास्तों पर भारी कीचड़ हो जाने से पैदल चलना और वाहन चलाना बेहद कठिन हो जाता है। पक्की सड़कें बनने के बाद हर मौसम में आवागमन सुचारू रहेगा।
इस कदम से स्थानीय किसानों को भी अपनी कृषि उपज मंडी तक पहुंचाने में सहूलियत होगी। खराब रास्तों की वजह से ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य कृषि वाहनों को ले जाने में काफी दिक्कतें आती थीं। पक्की सड़क बनने के उपरांत फसलों का परिवहन आसान होगा, जिससे किसानों का समय और खर्च दोनों बचेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक संस्थानों तक आना-जाना अधिक सुरक्षित हो जाएगा।




















