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टेस्ट कैप का सपना अधूरा: युजवेंद्र चहल का लाल गेंद वाला करियर शायद कभी शुरू ही न होक्रिकेट
14 जून 2026, 5:43 am (46 दिन पहले)· 0

टेस्ट कैप का सपना अधूरा: युजवेंद्र चहल का लाल गेंद वाला करियर शायद कभी शुरू ही न हो

वनडे और टी20 में भारत के लिए 217 विकेट लेने वाले लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल बार-बार टेस्ट खेलने की इच्छा जताते रहे, मगर उन्हें कभी मौका नहीं मिला — और अब तो सीमित ओवरों में भी उनकी जगह पक्की नहीं रही।

क्रिकेट के मौजूदा दौर पर भले ही टी20 का रंग चढ़ा हुआ हो, लेकिन इस खेल को दिल से जीने वाले खिलाड़ियों के लिए असली कसौटी आज भी पांच दिन का टेस्ट मैच ही है। नियम बदले, खेलने का अंदाज बदला और सोच भी बदली, फिर भी लाल गेंद से खेले जाने वाले इस सबसे लंबे फॉर्मेट की पहचान वैसी की वैसी बनी हुई है। यही वजह है कि किसी भी क्रिकेटर के लिए खुद को साबित करने का सबसे बड़ा मंच टेस्ट क्रिकेट को ही माना जाता है। और यही वह सपना था जिसे एक समय भारत की सीमित ओवरों की गेंदबाजी की रीढ़ रहे युजवेंद्र चहल जीवनभर पूरा करना चाहते रहे — मगर यह सौभाग्य उनके हिस्से कभी नहीं आया।

चहल ने कई इंटरव्यू और बातचीत में खुलकर कहा कि वे भारत के लिए लाल गेंद का क्रिकेट खेलना चाहते हैं। दुर्भाग्य की बात यही रही कि अपनी उंगलियों के इशारों पर गेंद को नचाने वाले इस लेग स्पिनर को टेस्ट टीम का दरवाजा कभी नहीं खुला। हालत अब इतनी बदल चुकी है कि टीम इंडिया में चहल की जगह सिर्फ टेस्ट में ही नहीं, बल्कि वनडे और टी20 में भी पक्की नहीं रही। ऐसा नहीं कि वे कोशिश से पीछे हट गए हों, मगर क्रिकेट का मिजाज ही ऐसा है कि जरा सी चूक खिलाड़ी को मैदान से बाहर कर देती है।

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युवाओं की ओर मुड़ती चयनकर्ताओं की नजर

आज की चयन समिति की प्राथमिकता भविष्य है। वह चहल से आगे देखते हुए नई और युवा प्रतिभाओं को आजमाने में जुटी है। ऐसे माहौल में चहल जैसे अनुभवी गेंदबाज की वापसी का रास्ता तभी खुल सकता है, जब वे ऐसा कुछ कर दिखाएं कि चयनकर्ताओं के पास उन्हें दोबारा चुनने के अलावा कोई चारा न बचे।

वनडे और टी20 में चहल के आंकड़े

युजवेंद्र चहल ने साल 2016 में भारत के लिए वनडे और टी20, दोनों में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्हें टीम इंडिया की जर्सी में 72 वनडे और 80 टी20 मुकाबले खेलने को मिले। वनडे में उन्होंने 5.26 की इकॉनमी रेट के साथ 121 विकेट चटकाए, और इस फॉर्मेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 42 रन देकर 6 विकेट का रहा। टी20 में चहल ने 8.19 की इकॉनमी रेट से गेंदबाजी करते हुए 96 शिकार किए, जहां उनका बेहतरीन स्पेल 25 रन देकर 6 विकेट का रहा।

घरेलू क्रिकेट में दमदार छाप

देश के लिए लाल गेंद का क्रिकेट खेलने का मौका भले न मिला हो, लेकिन घरेलू सर्किट में चहल ने अपनी काबिलियत साबित की है। हरियाणा की ओर से लिस्ट ए क्रिकेट में उतरते हुए उन्होंने 144 मैचों में 225 विकेट अपने नाम किए हैं। ये आंकड़े इशारा करते हैं कि अगर उन्हें टेस्ट में आजमाया जाता, तो शायद वे वहां भी अपनी फिरकी का जादू दिखा सकते थे। फिलहाल की परिस्थिति को देखें तो वनडे और टी20 में किसी मोड़ पर उनकी वापसी की गुंजाइश तो बनती है, मगर टेस्ट डेब्यू का सपना अब पूरा होना लगभग नामुमकिन दिखता है।

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