टेस्ट क्रिकेट में किसी एक छोटी सीरीज में लगातार विकेट झटकना आसान काम नहीं होता, क्योंकि गेंदबाज को हर मैच में अपनी लय बनाए रखनी पड़ती है. तीन टेस्ट मैचों की किसी सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाजों की सूची में भारत की तरफ से सिर्फ एक ही नाम शामिल है, हरभजन सिंह का. भज्जी इकलौते ऐसे भारतीय गेंदबाज हैं, जिन्होंने तीन टेस्ट मैचों की किसी सीरीज में 30 से ज्यादा विकेट अपने नाम किए हों. उनकी यह उपलब्धि आज भी भारतीय क्रिकेट में अनूठी बनी हुई है और अब तक कोई दूसरा भारतीय गेंदबाज इसके करीब भी नहीं पहुंच पाया है.
130 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड
इस मामले में दुनिया का सबसे बड़ा कीर्तिमान इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉर्ज लोहमैन के नाम दर्ज है. साल 1896 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की सीरीज में लोहमैन ने कुल 35 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा था. इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 9/28 रहा और उन्होंने चार बार पारी में 5 विकेट झटके. करीब 130 साल बीत जाने के बाद भी कोई गेंदबाज लोहमैन के इस आंकड़े के आसपास नहीं पहुंच पाया है, जिससे साफ है कि यह रिकॉर्ड कितना असाधारण है और आने वाले वर्षों में भी इसे तोड़ना आसान नहीं होगा.
हेडली का नाम दूसरे पायदान पर
इस सूची में दूसरा स्थान न्यूजीलैंड के पूर्व दिग्गज रिचर्ड हेडली के पास है, जिन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजों में गिना जाता है. उन्होंने 1985 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 33 खिलाड़ियों को पवेलियन की राह दिखाई थी. लोहमैन और हेडली के बाद तीसरा नंबर भारत के हरभजन सिंह का आता है, जो इस लिस्ट में शामिल इकलौते भारतीय गेंदबाज हैं और टॉप-10 में जगह बनाने वाले भी अकेले भारतीय हैं.
2001 में हरभजन का कमाल
भारत के चौथे सबसे कामयाब टेस्ट गेंदबाज हरभजन सिंह ने साल 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई तीन मैचों की सीरीज में गजब की गेंदबाजी की थी, जो आज भी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को याद है. उन्होंने उस सीरीज में कुल 32 विकेट चटकाए और चार बार पारी में 5 विकेट हॉल अपने नाम किया. भज्जी का उस सीरीज में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन 8/84 का रहा. यही वजह है कि वह तीन मैचों की किसी टेस्ट सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी हैं, और यह रिकॉर्ड उनके ऑफ स्पिन गेंदबाजी करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में गिना जाता है.
अश्विन टॉप-10 में नहीं, फिर भी करीब
हरभजन के बाद भारत की तरफ से तीन मैचों की सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा रविचंद्रन अश्विन के नाम है, लेकिन वह इस पूरी सूची में 12वें स्थान पर आते हैं, यानी टॉप-10 से बाहर हैं. अश्विन ने साल 2016 में न्यूजीलैंड की टीम के खिलाफ हुई सीरीज में 27 विकेट चटकाए थे. गौरतलब है कि अश्विन अपने करियर में 537 टेस्ट विकेट लेकर भारत के दूसरे सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज के तौर पर रिटायर हुए थे, यानी विकेटों की कुल संख्या में वह हरभजन से भी आगे हैं, फिर भी किसी एक तीन मैचों की सीरीज में उनका प्रदर्शन हरभजन के आंकड़े से पीछे रह गया.
मुरलीधरन के पास क्यों नहीं है यह रिकॉर्ड
जब भी टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजी रिकॉर्ड्स की चर्चा होती है, फैंस को सबसे पहले श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन का ख्याल आता है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक की सबसे बड़ी संख्या, यानी 800 विकेट लेकर इतिहास रच दिया था. मगर तीन टेस्ट मैचों की किसी सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने का यह खास कीर्तिमान मुरलीधरन के नाम दर्ज नहीं है. इससे पता चलता है कि क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में हर बड़ा नाम हर उपलब्धि का मालिक नहीं होता, और छोटी सीरीज में दिखाया गया प्रदर्शन भी उतना ही यादगार बन सकता है, जितना पूरे करियर का आंकड़ा.



















