भारतीय स्टेट बैंक को ग्लोबल फाइनेंस पत्रिका द्वारा लगातार दूसरे साल 'विश्व का सर्वश्रेष्ठ उपभोक्ता बैंक 2026' के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। देश के सबसे बड़े इस बैंक का कहना है कि यह बड़ी उपलब्धि उसके डिजिटल नवाचार, बेहतरीन ग्राहक सेवाओं और समावेशी विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके दम पर बैंक ने वैश्विक स्तर पर ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग के नए मानक गढ़े हैं।
यह खास सम्मान थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की वार्षिक बैठक के दौरान आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किया गया। इस मौके पर बैंक के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा कि संस्था के भीतर जो बदलाव किए जा रहे हैं और खासकर डिजिटल मोर्चे पर जो नई पहल हो रही हैं, उनका मुख्य मकसद देश के विशाल जनसमूह को सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराना है। तकनीकी क्षमताओं के विस्तार से बैंक का दायरा काफी बढ़ा है और वह अपने ग्राहकों को बेहद कम समय में चुस्त सेवाएं देने में पूरी तरह सफल रहा है। साथ ही बैंक से जुड़े कर्मचारी यह बात सुनिश्चित करते हैं कि हर ग्राहक की व्यक्तिगत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बैंकिंग अनुभव सुलभ और भरोसेमंद बना रहे।
अपने कामकाज को और आधुनिक बनाने की कड़ी में एसबीआई ने नया योनो प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसके जरिए रजिस्टर्ड यूजर्स का आंकड़ा 10 करोड़ के ऐतिहासिक मील के पत्थर को पार कर चुका है। इसके अतिरिक्त, बैंक ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक पर आधारित कस्टमर सर्विस और ग्राहकों की व्यक्तिगत पसंद के मुताबिक डिजिटल फीचर्स भी शुरू किए हैं। भौतिक रूप से अपनी पहुंच को मजबूत करने के लिए देश भर में 300 से अधिक नई शाखाएं खोली गई हैं, जबकि कई जरूरी सेवाएं ग्राहकों को घर बैठे डोर स्टेप सर्विस के रूप में मिल रही हैं ताकि उन्हें बैंक की शाखाओं के चक्कर न काटने पड़ें।

















