क्रिकेट जगत में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सनसनी फैलाने वाले युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने सोमवार को एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। बेंगलुरु के सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने शानदार अर्धशतक जड़ा। इस पारी के साथ ही वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। इस कीर्तिमान को स्थापित करते समय उनकी उम्र 15 साल 157 दिन थी।
पुराना रिकॉर्ड टूटा और छक्के के साथ पूरी हुई फिफ्टी
वैभव सूर्यवंशी ने इस पारी के दौरान 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ डाला है। उनसे पहले यह रिकॉर्ड लक्ष्मण सिंह के नाम दर्ज था, जिन्होंने साल 1969 में 16 साल 23 दिन की उम्र में अर्धशतक जमाने का कारनामा किया था। इस मैच में ईस्ट जोन की तरफ से पारी की शुरुआत करते हुए वैभव ने सेंट्रल जोन के गेंदबाजों का डटकर मुकाबला किया। उन्होंने महज 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। ईस्ट जोन के उपकप्तान की जिम्मेदारी निभा रहे वैभव ने ऑफ स्पिनर सारांश जैन की गेंद पर छक्का लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। दिलचस्प बात यह है कि जब वह मात्र दो रन के निजी स्कोर पर खेल रहे थे, तब सारांश जैन की ही गेंद पर यश राठौर ने उनका एक आसान कैच छोड़ दिया था, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया।
शानदार साझेदारी और पिछली पारियों का सफर
यह वैभव सूर्यवंशी के फर्स्ट-क्लास करियर की दूसरी हाफ सेंचुरी है। उनकी पहली फिफ्टी पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन के दौरान मेघालय के खिलाफ आई थी, जिसे उन्होंने महज 33 गेंदों में ही पूरा कर लिया था। इस बार उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों का सामना करते हुए 50 रन बनाए और कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी को अंजाम दिया। हालांकि, इससे पहले नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ खेले गए पहले राउंड के मुकाबले में उनका बल्ला शांत रहा था और ईस्ट जोन की एकमात्र पारी में वह केवल आठ रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे, लेकिन इस बार उन्होंने अपनी शानदार वापसी से सभी का ध्यान आकर्षित कर लिया है।



















