सीमित ओवरों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 5000 रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के करियर की निरंतरता, क्षमता और तकनीकी मजबूती का सबसे बड़ा प्रमाण माना जाता है। पचास ओवर के खेल में अलग-अलग परिस्थितियों, विरोधी गेंदबाजों और पिच के मिजाज को भांपते हुए इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं होता। कई महान खिलाड़ी अपने पूरे करियर में इस आंकड़े को छूने के लिए संघर्ष करते रहे, लेकिन क्रिकेट इतिहास में कुछ ऐसे असाधारण बल्लेबाज भी सामने आए जिन्होंने बेहद कम पारियों में यह मील का पत्थर छूकर खेल जगत को हैरान कर दिया। पचास ओवर के प्रारूप में सबसे तेजी से 5000 रन के शिखर तक पहुंचने वाले शीर्ष पांच दिग्गजों के आंकड़े और उनकी उपलब्धियां इस खेल के इतिहास का सुनहरा अध्याय हैं।
शीर्ष पर काबिज बाबर आजम का कीर्तिमान
पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम इस खास सूची में पहले स्थान पर मौजूद हैं। आधुनिक क्रिकेट में अपनी तकनीक, कवर ड्राइव और लगातार रन बनाने की अद्भुत क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले बाबर आजम ने 5 मई 2023 को कराची के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने 31 मई 2015 को अपने वनडे सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद मात्र 7 साल और 339 दिन के अंतराल में उन्होंने यह बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। बाबर आजम ने 5000 वनडे रन का आंकड़ा छूने के लिए सिर्फ 97 पारियां (99 मैच) लीं। कराची के उस मुकाबले में उनकी शानदार बल्लेबाजी ने दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज हाशिम अमला का लंबे समय से चला आ रहा रिकॉर्ड तोड़कर एक नया वैश्विक कीर्तिमान स्थापित कर दिया।
हाशिम अमला की शांत लय और अटूट निरंतरता
दक्षिण अफ्रीका के भरोसेमंद सलामी बल्लेबाज हाशिम अमला इस सूची में दूसरे पायदान पर आते हैं। शांत स्वभाव और पारंपरिक तकनीक से खेलने वाले हाशिम अमला क्रीज पर टिकने के बाद विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बनाने में माहिर माने जाते थे। अमला ने 16 जनवरी 2015 को डरबन के मैदान पर वेस्टइंडीज के विरुद्ध खेलते हुए 5000 एकदिवसीय रनों का विशाल आंकड़ा अपने नाम किया था। 9 मार्च 2008 को अपने वनडे अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज करने वाले अमला ने यह रिकॉर्ड 6 साल और 313 दिन के सफर में पूरा किया। उन्होंने इसके लिए कुल 101 पारियां (104 मैच) खेलीं। कई वर्षों तक यह कीर्तिमान अमला के नाम ही दर्ज रहा, जो यह साबित करता है कि सफेद गेंद के क्रिकेट में उनका बल्ला किस निरंतरता के साथ बोलता था।
विवियन रिचर्ड्स का बेखौफ अंदाज और ऐतिहासिक पारी
वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज विवियन रिचर्ड्स का नाम इस सूची में एक अलग ही महत्व रखता है। उन्होंने यह कारनामा उस दौर में किया जब सीमित ओवरों का क्रिकेट पूरी दुनिया में नया था और गेंदबाजों की रफ्तार तथा आक्रामकता चरम पर हुआ करती थी। रिचर्ड्स ने 30 जनवरी 1987 को मेलबर्न के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेलते हुए अपने 5000 एकदिवसीय रन पूरे किए थे। रिचर्ड्स ने 7 जून 1975 को वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद 11 साल और 237 दिन के लंबे सफर में 114 पारियां (126 मैच) खेलकर वह इस आंकड़े तक पहुंचे। सुरक्षात्मक उपकरणों की कमी और बिना हेलमेट तेज गेंदबाजों के सामने रन बनाने के उस युग में रिचर्ड्स का यह प्रदर्शन उनके महानतम बल्लेबाज होने का जीता-जागता सबूत है।
विराट कोहली की सबसे तेज समय में रची गई दास्तान
भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख बल्लेबाज विराट कोहली इस सूची में चौथे स्थान पर काबिज हैं। लक्ष्य का पीछा करने और हर मैच में रन बनाने की जबर्दस्त भूख विराट कोहली की पहचान रही है। कोहली ने 21 नवंबर 2013 को कोच्चि के मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते हुए 5000 वनडे रनों का पड़ाव पार किया था। विराट ने 18 अगस्त 2008 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और सिर्फ 5 साल तथा 95 दिन के भीतर इस उपलब्धि को छू लिया। दिन और समय के पैमाने पर देखा जाए तो इतनी तेजी से 5000 रन तक कोई अन्य बल्लेबाज नहीं पहुंच सका है। विराट कोहली ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए 114 पारियां (120 मैच) लीं और भारतीय बल्लेबाजी क्रम की मजबूत रीढ़ बने रहे।
शाई होप का धैर्य और कैरिबियाई टीम के लिए मजबूती
वेस्टइंडीज के विकेटकीपर-बल्लेबाज शाई होप इस सूची में पांचवें स्थान पर मौजूद हैं। अपनी ठोस तकनीक और धैर्यपूर्ण खेल शैली से कैरिबियाई बल्लेबाजी को स्थायित्व देने वाले शाई होप ने 3 दिसंबर 2023 को नॉर्थ साउंड के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में 5000 वनडे रन पूरे किए थे। उन्होंने 16 नवंबर 2016 को अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद 7 साल और 17 दिन के समय में 114 पारियों (119 मैचों) में खेलते हुए उन्होंने यह विशिष्ट आंकड़ा अपने नाम किया। शाई होप ने मुश्किल परिस्थितियों में एक छोर संभालते हुए अपनी टीम की पारी को संवारने का काम लगातार किया है, जिसके दम पर वह इस विशिष्ट एलीट क्लब में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे।



















