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विदेशी टी20 लीग्स में खेलेंगे अजिंक्य रहाणे, संन्यास के बाद कोचिंग करियर पर दी अपनी रायक्रिकेट
8 अग॰ 2026, 1:01 pm (80 दिन पहले)· 2

विदेशी टी20 लीग्स में खेलेंगे अजिंक्य रहाणे, संन्यास के बाद कोचिंग करियर पर दी अपनी राय

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद अजिंक्य रहाणे ने यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग में एम्सटर्डम फ्लेम्स के साथ अनुबंध किया है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर खेलने और भविष्य में कोचिंग करियर को लेकर अपने विचार साझा किए।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज अजिंक्य रहाणे ने अपने भावी सफर की रूपरेखा स्पष्ट कर दी है। वह दुनिया भर की विभिन्न टी20 प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लेकर अपने अनुभव का विस्तार करना चाहते हैं। अपने इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए रहाणे यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग में एम्सटर्डम फ्लेम्स टीम के साथ जुड़ चुके हैं। मैदान पर खेलने के साथ-साथ उनके मन में भविष्य को लेकर एक विस्तृत रणनीति तैयार है, जिसमें वह खुद को एक कुशल मेंटर और कोच के रूप में देखते हैं।

वैश्विक मंच पर अनुभव बांटने की सोच

यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग में अपनी नई पारी की शुरुआत से पहले अजिंक्य रहाणे ने अपने इरादे खुलकर जाहिर किए। उन्होंने कहा कि एक अनुभवी खिलाड़ी होने के नाते उनकी जिम्मेदारी केवल अपनी खेल क्षमता तक सीमित नहीं है। वह अपने क्रिकेट ज्ञान को एक निश्चित दायरे या किसी चुनिंदा प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर फैलाना चाहते हैं। रहाणे का मानना है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित होने वाली लीग्स में खेलने से उन्हें युवा प्रतिभाओं के साथ संवाद करने और अपने वर्षों के अनुभव को बांटने का एक बेहतरीन अवसर मिलेगा।

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कोचिंग और मैन-मैनेजमेंट में उज्ज्वल भविष्य

मैदान पर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने के अलावा रहाणे ने भविष्य में कोचिंग और मेंटरशिप की भूमिका निभाने की अपनी गहरी इच्छा व्यक्त की है। उनका तर्क है कि एक लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान उन्होंने हर तरह की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया है। खिलाड़ियों के दबाव, मानसिक उतार-चढ़ाव और मैच के विभिन्न चरणों को उन्होंने करीब से महसूस किया है। इसी वजह से वह ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों की मानसिकता को किसी भी अन्य व्यक्ति से बेहतर समझ सकते हैं। रहाणे के अनुसार प्रभावी कोचिंग का मूल मंत्र मैन-मैनेजमेंट और खिलाड़ियों को सही दिशा दिखाना है।

खेल के प्रति बरकरार है जुनून

हालांकि मार्गदर्शन की ओर कदम बढ़ाने की योजना के बावजूद अजिंक्य रहाणे का प्राथमिक ध्यान फिलहाल मैदान पर सक्रिय रहने पर ही है। उनका कहना है कि क्रिकेट के प्रति उनका लगाव और जुनून आज भी वैसा ही बना हुआ है जैसा उनके शुरुआती दिनों में था। वह इस खेल को अपना योगदान देना चाहते हैं और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट का आनंद लेना चाहते हैं। रहाणे स्पष्ट करते हैं कि वर्तमान में खेलने की उनकी प्राथमिकता बनी रहेगी, लेकिन जब भी वह कोचिंग या मेंटर की भूमिका में कदम रखेंगे, तो अपनी इस समझ का पूरा फायदा टीम को पहुंचाएंगे।

सवाल-जवाब

अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय संन्यास के बाद किस टीम से जुड़ने का फैसला किया है?
रहाणे ने यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) में एम्सटर्डम फ्लेम्स टीम के साथ अनुबंध किया है।
रहाणे वैश्विक टी20 लीग्स में क्यों खेलना चाहते हैं?
वह अपने क्रिकेट ज्ञान और अनुभव को एक सीमित दायरे में बांधने के बजाय दुनियाभर के खिलाड़ियों के साथ साझा करना चाहते हैं।
रहाणे के अनुसार प्रभावी कोचिंग की सबसे बड़ी कुंजी क्या है?
उनके अनुसार कोचिंग मुख्य रूप से मैन-मैनेजमेंट और खिलाड़ियों की मानसिकता को बेहतर ढंग से समझने का खेल है।
क्या रहाणे तुरंत पूर्णकालिक कोचिंग शुरू कर रहे हैं?
नहीं, वह फिलहाल मैदान पर खेलना जारी रखना चाहते हैं और भविष्य में कोचिंग एवं मेंटरशिप की भूमिका निभाएंगे।
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