हाल ही में संपन्न हुई पांच मैचों की टी20 श्रृंखला में भारत और वेस्टइंडीज के बीच मुकाबला बेहद संघर्षपूर्ण रहा और अंततः सीरीज 2-2 की बराबरी पर छूटी। हालांकि दोनों पक्षों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन श्रृंखला का पांचवां और निर्णायक मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। परिणाम यह रहा कि मेहमान टीम बढ़त बनाने के बावजूद श्रृंखला अपने नाम नहीं कर सकी, जिससे कप्तान श्रेयस अय्यर भी अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन से संतुष्ट नजर नहीं आए। इस पूरी प्रतियोगिता के दौरान भारतीय खेमे में ऐसी कई खामियां नजर आईं, जिन्होंने मुख्य कोच गौतम गंभीर के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
डेथ ओवरों में गेंदबाजी की असफलता
इस श्रृंखला के दौरान भारतीय टीम की सबसे बड़ी कमजोरी पारी के अंतिम ओवरों में तेज गेंदबाजों का लचर प्रदर्शन साबित हुई। विशेष तौर पर रांची और हैदराबाद में खेले गए मुकाबलों में विपक्षी बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली और आसानी से बड़े शॉट खेले। इन मैचों में डेथ ओवरों की खराब गेंदबाजी के कारण ही टीम को मुकाबले गंवाने पड़े, जिससे रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्पिन विभाग का फीका प्रदर्शन
केवल तेज गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि भारतीय स्पिनरों ने भी इस पूरी श्रृंखला में काफी निराश किया। बीच के ओवरों में कैरेबियाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में स्पिन आक्रमण पूरी तरह असफल रहा। विरोधी बल्लेबाजों ने स्पिन के खिलाफ बेहद सहजता से रन बटोरे और मैदान के चारों तरफ खुलकर छक्के-चौके जड़े। इस कमजोरी के कारण भारतीय टीम अक्सर दबाव में आ गई और मैच पर से अपनी पकड़ खो बैठी।





















