इंडिया ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच खेला गया दूसरा और अंतिम चार दिवसीय मुकाबला रोमांचक अंदाज में ड्रॉ समाप्त हुआ। इस ड्रॉ के साथ ही मेजबान इंडिया ए की टीम ने दो मैचों की सीरीज पर 1-0 से कब्जा जमा लिया। भारत ए ने पहले मुकाबले में 162 रन के बड़े अंतर से शानदार जीत हासिल की थी, जिससे सीरीज में बढ़त पहले से उसके पास थी। अंतिम दिन हार की कगार पर खड़ी भारतीय टीम को निचले क्रम के बल्लेबाजों ने अपने अडिग रवैये से उबार लिया।
संकट के बीच राठौड़ और मुलानी का संघर्ष
मुकाबले के चौथे और आखिरी दिन इंडिया ए के सामने 365 रनों का विशाल लक्ष्य था। टीम ने अपनी दूसरी पारी की शुरुआत बीते दिन के स्कोर एक विकेट पर 28 रन से आगे बढ़ाई थी। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने आक्रामक शुरुआत करते हुए भारतीय बल्लेबाजी क्रम को झकझोर दिया। एक समय 60.2 ओवर के खेल तक भारत ए ने महज 199 रन पर अपने सात प्रमुख विकेट गंवा दिए थे। यहां से ऑस्ट्रेलिया ए की जीत लगभग तय लग रही थी, लेकिन इसके बाद यश राठौड़ और शम्स मुलानी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।
राठौड़ और मुलानी ने आठवें विकेट के लिए बेहद अहम 80 रनों की साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने 36 ओवर से अधिक समय तक डटकर बल्लेबाजी की। यश राठौड़ ने 80 रनों की बेहद धैर्यपूर्ण पारी खेली, जबकि मुलानी ने 29 रन बनाकर दूसरे छोर को मजबूती से संभाले रखा। इस जुझारू साझेदारी ने ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण की धार को कुंद कर दिया और मुकाबले को सुरक्षित स्थिति में पहुंचा दिया।
अंतिम ओवरों का रोमांच और टेलएंडर्स का योगदान
ऑस्ट्रेलिया ए के तेज गेंदबाज लियाम स्कॉट ने 37 रन देकर पांच विकेट झटके और शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। स्कॉट ने पहले राठौड़ को पगबाधा आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा और फिर दो ओवर बाद मुलानी को भी पवेलियन भेज दिया। इसके बाद मैदान पर अंतिम विकेट की जोड़ी के रूप में नचिकेत भूटे और प्रफुल हिंगे मौजूद थे। इन दोनों बल्लेबाजों को मुकाबला ड्रॉ कराने के लिए आखिरी तीन ओवर तक क्रीज पर टिके रहना था। भूटे ने नाबाद 20 रन बनाए और हिंगे के साथ मिलकर पूरे संयम से अंतिम ओवर निकाले। जब खेल समाप्त घोषित हुआ, तब भारत ए का स्कोर नौ विकेट पर 310 रन था। इससे पहले नाइट वॉचमैन तुषार देशपांडे ने भी 119 गेंदों का सामना करते हुए बहुमूल्य 52 रनों की पारी खेली थी।
शम्स मुलानी को प्लेयर ऑफ द सीरीज का सम्मान
पूरी सीरीज में गेंद और बल्ले दोनों से बेजोड़ योगदान देने वाले शम्स मुलानी को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। मुलानी ने दोनों मैचों को मिलाकर कुल 55 रन बनाए और गेंदबाजी में धार दिखाते हुए 10 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। उनके इस ऑलराउंड खेल ने भारतीय टीम को सीरीज में निर्णायक बढ़त दिलाने और दूसरे मैच में हार टालने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।



















