बच्चों के लिए 10 बेहतरीन सब्सक्रिप्शन बॉक्स (2026): एसटीईएम, किताबें, कपड़े और बहुत कुछकानपुर को मिली बड़ी सौगात, 150 करोड़ की लागत से बना सरैंया रेलवे ओवरब्रिज जनता को समर्पितधनतेरस पर 15 सालों में 362% उछला सोना, अगले साल 1.71 लाख रुपये तक जाने का अनुमानधौलपुर में दीपावली से पहले पटाखों की दुकान में लगी भीषण आग, तीन महिलाएं झुलसी और एक की हालत गंभीरत्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा को लेकर रेखा गुप्ता सरकार सख्त, दिल्लीभर की दुकानों और डेयरियों पर ताबड़तोड़ छापेदीपावली पर करौली में क्यों खास है मिट्टी की हाट भरने की परंपरा, जानिए इसकी पूरी कहानीरूसी तेल प्रतिबंध कानून पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, ओवल ऑफिस में दिए संकेतराजस्थान SET 2026 के नतीजे घोषित, 93 फीसदी से ज्यादा परीक्षार्थी हुए असफलअरुणाचल प्रदेश को केंद्र से मिले 1,476 करोड़ रुपये, त्योहारों के सीजन में मिला कर डिवॉल्व्यूशन का हिस्साहिमाचल प्रदेश में दीपावली को लेकर अग्निशमन विभाग मुस्तैद, कर्मचारियों के अवकाश किए गए रद्द
अमित शाह ने पंजाब सरकार से मांगी ड्रग्स मामलों की रिपोर्ट, गुरदासपुर हमले और मानसा हत्या पर उठे गंभीर सवालअपराध
16 अक्तू॰ 2026, 9:42 pm (21 दिन पहले)· 2

अमित शाह ने पंजाब सरकार से मांगी ड्रग्स मामलों की रिपोर्ट, गुरदासपुर हमले और मानसा हत्या पर उठे गंभीर सवाल

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब की भगवंत मान सरकार से गुरदासपुर में ड्रग्स विरोधी कार्यकर्ताओं पर हमले, मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या और संगरूर में गुलजार सिंह की आत्महत्या पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

पंजाब में नशीले पदार्थों के कारोबार और उसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों पर हो रहे हमलों का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए भगवंत मान सरकार से कई गंभीर मामलों में जवाब तलब किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मंत्रालय ने राज्य के प्रशासनिक तंत्र से जुड़ी विभिन्न घटनाओं का पूरा ब्योरा मांगा है, जिनमें कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताई गई है।

गुरदासपुर में कार्यकर्ताओं पर हमला

गृह मंत्रालय के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात गुरदासपुर जिले के मारी पनवां गांव में नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले लोगों को निशाना बनाया गया। इस घटना में बिक्रमजीत सिंह, निशान सिंह और गुरमुख सिंह पर हमला हुआ, जिसे कथित तौर पर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जोड़कर देखा जा रहा है। इस प्रकार की वारदातों ने उन नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जो समाज को नशामुक्त करने के लिए आगे आ रहे हैं। केंद्र ने राज्य प्रशासन से पूछा है कि आखिर किन परिस्थितियों में यह घटना घटी और इस पर अब तक क्या कानूनी कदम उठाए गए हैं।

ये भी पढ़ें

मानसा हत्या और संगरूर आत्महत्या का मामला

इस सख्ती के दायरे में केवल गुरदासपुर की घटना ही नहीं, बल्कि मानसा में हुई परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला भी शामिल है। इसके अलावा संगरूर जिले में गुलजार सिंह की कथित आत्महत्या ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक कटघरे में खड़ा कर दिया है। मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, गुलजार सिंह एक ऐसे व्यक्ति के पिता थे जो खुद ड्रग्स की लत से जूझ रहा था। उन्होंने अपने क्षेत्र में खुलेआम मिल रहे नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर तीखे सवाल उठाए थे और पंजाब के एक मंत्री पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।

पंचायत के दबाव और प्रताड़ना के आरोप

संगरूर की घटना को लेकर यह भी सामने आया है कि गुलजार सिंह को स्थानीय ग्राम पंचायत की तरफ से कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया था। उन पर अपनी शिकायतों को वापस लेने के लिए भारी दबाव बनाया जा रहा था, और ऐसा आरोप है कि इसी मानसिक दबाव के चलते उन्होंने अपनी जान दे दी। हालांकि, इन तमाम आरोपों की सच्चाई क्या है और इसमें किन लोगों की संलिप्तता है, इसकी पुष्टि पूरी तरह से जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन शुरुआती स्तर पर इन मामलों ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।

नारकोटिक्स नियंत्रण दृष्टिपत्र पर भी जवाब तलब

इन तमाम आपराधिक और संदिग्ध घटनाओं के अलावा, गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से एक अन्य महत्वपूर्ण विषय पर भी रिपोर्ट मांगी है। यह मामला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ साझा किए गए नारकोटिक्स नियंत्रण दृष्टिपत्र से जुड़ा हुआ है। इस विजन डॉक्यूमेंट की समयसीमा 2026 से 2029 तक निर्धारित की गई है। केंद्र ने राज्य प्रशासन से जानना चाहा है कि इस दृष्टिपत्र के तहत अब तक जमीनी स्तर पर क्या प्रगति हुई है और नशा रोकने के लिए किन उपायों को लागू किया गया है।

आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर निगाहें

केंद्र के इस कड़े हस्तक्षेप के बाद पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही जंग और प्रशासनिक तैयारियों की नए सिरे से समीक्षा शुरू हो गई है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भगवंत मान सरकार इन सभी मामलों पर गृह मंत्रालय को क्या जवाब देती है और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के साथ-साथ निष्पक्ष जांच कैसे सुनिश्चित की जाती है।

सवाल-जवाब

गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से किन प्रमुख घटनाओं पर रिपोर्ट मांगी है?
गृह मंत्रालय ने गुरदासपुर में ड्रग्स विरोधी कार्यकर्ताओं पर हमले, मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या और संगरूर में गुलजार सिंह की कथित आत्महत्या पर रिपोर्ट मांगी है।
गुरदासपुर के किस गांव में कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ था?
गुरुवार रात गुरदासपुर जिले के मारी पनवां गांव में बिक्रमजीत सिंह, निशान सिंह और गुरमुख सिंह पर हमला हुआ था।
संगरूर की घटना में गुलजार सिंह कौन थे?
गुलजार सिंह नशे की लत से जूझ रहे एक व्यक्ति के पिता थे जिन्होंने स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर सवाल उठाए थे।
केंद्र ने नारकोटिक्स नियंत्रण दृष्टिपत्र की अवधि क्या तय की है?
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा साझा किए गए नारकोटिक्स नियंत्रण दृष्टिपत्र की अवधि 2026 से 2029 तक है।
गुलजार सिंह ने किस पर आरोप लगाए थे?
गुलजार सिंह ने पंजाब के एक मंत्री पर नशीले पदार्थों की उपलब्धता को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp