दीपावली और अन्य आगामी पर्वों के दौरान नागरिकों को पूरी तरह शुद्ध, सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री मुहैया कराने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार का खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी सिलसिले में विभाग की कई विशेष टीमों ने उत्तर-पूर्वी, पूर्वी, शाहदरा, दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित मिठाई की दुकानों, दुग्ध डेयरियों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर औचक निरीक्षण किया। इस व्यापक अभियान के तहत अधिकारियों ने मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों के कुल 40 नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए एकत्र किए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों तक पहुंचने वाली खाने-पीने की चीजें मानकों पर खरी उतरती हैं या नहीं।
मंडोली एक्सटेंशन में नष्ट हुआ दूषित सामान
निरीक्षण अभियान के दौरान मंडोली एक्सटेंशन स्थित एक डेयरी पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, जहां लगभग 100 किलोग्राम खाद्य सामग्री मानव उपभोग के पूरी तरह अयोग्य पाई गई। जांच टीमों ने पाया कि वहां रखा हुआ खोया दुर्गंधयुक्त था और रसगुल्ले तथा दूध मक्खियों एवं मच्छरों से दूषित हो चुके थे। स्वास्थ्य के लिए खतरनाक इस सामग्री को तुरंत प्रभाव से नष्ट कराया गया। इसके अलावा, नियमों की अनदेखी करने वाले कुल आठ विभिन्न प्रतिष्ठानों को मौके पर सुधार नोटिस जारी किए गए हैं ताकि वे तय स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित कर सकें। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खाद्य सुरक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी मिठाई विक्रेताओं, डेयरियों और खाद्य निर्माण इकाइयों की लगातार जांच की जाए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
उत्तर-पूर्वी और पूर्वी दिल्ली में व्यापक सैंपलिंग
उत्तर-पूर्वी, पूर्वी और शाहदरा के इलाकों में प्रशासनिक टीमों ने गहन छानबीन करते हुए खोया, पनीर, देसी घी, कलाकंद, लड्डू, गुलाब जामुन और ड्राई फ्रूट्स के गिफ्ट पैक समेत कुल 22 खाद्य नमूनों को जांच के दायरे में लिया। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद त्योहारी बाजार में बिकने वाली मिलावटी मिठाइयों पर लगाम लगाना है। अधिकारियों ने प्रत्येक दुकान पर जाकर साफ-सफाई के स्तर और कच्चे माल की गुणवत्ता की बारीकी से पड़ताल की।
निहाल विहार में बिना पंजीकरण चल रही थी इकाई
दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में भी त्योहारी सीजन की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान मिठाई की दुकानों और निर्माण इकाइयों सहित कुल 12 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। इन जगहों से लड्डू, बर्फी, कलाकंद, रसगुल्ला, खोया, छेना, पनीर, देसी घी और स्किम्ड मिल्क पाउडर के 18 नमूने एकत्रित किए गए। इसके अतिरिक्त, निहाल विहार इलाके की एक मिठाई निर्माण इकाई के खिलाफ स्थानीय शिकायत मिलने पर विभागीय टीम ने तुरंत कार्रवाई की। मौके पर जांच करने पर पता चला कि यह इकाई बिना किसी वैध एफएसएसएआई पंजीकरण के चलाई जा रही थी, जिस पर अधिकारियों ने आवश्यक विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
स्वच्छता मानकों पर विशेष जोर
विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान यह भी देखा गया कि खाद्य निर्माण और भंडारण के समय स्वच्छता के तय नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। जहाँ-जहाँ खामियां मिलीं, वहां संचालकों को नोटिस थमाए गए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एकत्रित किए गए सभी नमूनों की विस्तृत प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद आगे की और सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जनस्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि त्योहारों की असली खुशी तभी है जब हर घर तक पहुंचने वाला भोजन पूरी तरह सुरक्षित हो। सीएम रेखा ने कहा, "जनस्वास्थ्य की रक्षा और उपभोक्ताओं का विश्वास बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।" उन्होंने दोहराया कि मिलावटखोरी और स्वच्छता की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और पूरे वर्ष विशेषकर त्योहारों के दिनों में जनता को भरोसेमंद खाद्य सामग्री मिलती रहनी चाहिए।



















