अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी पेट्रोलियम के आयात पर रोक लगाने वाले एक अहम संघीय कानून की प्रासंगिकता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह तो स्पष्ट किया कि वह इस पूरे मामले की समीक्षा करेंगे, लेकिन रूस के डीजल लेन-देन को लेकर प्रशासन द्वारा दी गई स्वीकृतियों के बीच फिलहाल किसी भी नीतिगत बदलाव का औपचारिक ऐलान नहीं किया है। ओवल ऑफिस में एक पत्रकार ने जब ट्रंप का ध्यान इस बात की ओर आकर्षित किया कि अमेरिकी कांग्रेस ने इस कानून को पारित किया था और तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने साल 2022 में इस पर अपने हस्ताक्षर किए थे, तब अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
कानून की वैधता और ओवल ऑफिस की चर्चा
पत्रकार के इस सवाल के जवाब में डोनाल्ड ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि शायद यही तथ्य इस कानून को बेहद कमजोर और खराब बनाता है और वह इसकी निश्चित रूप से जांच करेंगे। ओवल ऑफिस में यह पूरी बातचीत तब शुरू हुई जब अटलांटिक महासागर को पार कर अमेरिका की तरफ आ रहे एक तेल टैंकर का जिक्र आया, जो कथित तौर पर रूस से डीजल लेकर आ रहा था। वहां मौजूद अधिकारियों और संवाददाताओं के बीच उस जहाज के कार्गो को अमेरिकी बंदरगाह पर उतारने पर लगे कानूनी प्रतिबंधों को लेकर चर्चा छिड़ गई थी।
प्रतिबंध हटाने को लेकर स्थिति अब भी अस्पष्ट
चर्चा के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में यह जानने की कोशिश की थी कि क्या यह पूरा प्रतिबंध जोन्स एक्ट के दायरे में आता है। इसके बाद पत्रकार ने उन्हें याद दिलाया कि यह पाबंदी उस विशिष्ट कानून से जुड़ी है जिसे साल 2022 में अधिनियमित किया गया था। हालांकि ट्रंप के बयानों में किसी निश्चित समय-सीमा, किसी संभावित संशोधन या इस बात का कोई विवरण नहीं था कि उनका प्रशासन अपने डीजल लाइसेंस को इस कानूनी आयात प्रतिबंध के साथ किस प्रकार सामंजस्य में बिठाएगा। उन्होंने यह घोषणा भी नहीं की कि रूसी ईंधन पर लगा यह प्रतिबंध अब हटा लिया गया है।
कानून समाप्त करने की जटिल संवैधानिक प्रक्रिया
गौरतलब है कि 8 अप्रैल 2022 को हस्ताक्षर कर लागू किया गया रूसी तेल आयात प्रतिबंध कानून, अमेरिकी टैरिफ शेड्यूल के चैप्टर 27 के अंतर्गत वर्गीकृत रूसी उत्पादों के आयात पर पूर्ण रोक लगाता है। इस कानून में इस पाबंदी को पूरी तरह खत्म करने का एक कड़ा कानूनी रास्ता भी निर्धारित किया गया है। इसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को कुछ बेहद कड़े प्रमाण देने होते हैं, जैसे कि यूक्रेन की तरफ से स्वीकृत रूसी सेना की वापसी और शत्रुता समाप्त करने का कोई पुख्ता समझौता।
प्रमाणन और कांग्रेस की भूमिका
इसके अतिरिक्त, इस प्रक्रिया में यह भी प्रमाणित करना आवश्यक होता है कि नाटो सदस्यों के लिए अब कोई तात्कालिक रूसी सैन्य खतरा मौजूद नहीं है और यूक्रेन के नागरिकों को अपनी स्वतंत्र सरकार चुनने का पूरा अधिकार प्राप्त हो चुका है। इन तमाम शर्तों के पूरा होने के बाद ही राष्ट्रपति द्वारा प्रमाणन संभव हो पाता है। इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिकी कांग्रेस की समितियों से पूर्व परामर्श करना अनिवार्य है, जिसके बाद नब्बे दिनों की एक लंबी अवधि तय की गई है। जब तक इस मियाद के भीतर कांग्रेस इस समाप्ति के खिलाफ कोई अस्वीकृति प्रस्ताव पारित नहीं करती, तब तक यह रोक प्रभावी बनी रहती है। फिलहाल ट्रेजरी विभाग द्वारा जारी किए गए किसी भी लाइसेंस में इस पूरी कानूनी प्रक्रिया के दस्तावेज होने का जिक्र नहीं मिलता है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और महाभियोग की सुगबुगाहट
ट्रंप के इस ताजा बयान सामने आने से ठीक तीन दिन पहले यानी 2 नवंबर को न्यू जर्सी की गवर्नर मिकी शेरिल ने बंदरगाह और टर्मिनल के संचालकों के नाम एक कड़ा पत्र जारी किया था। उस पत्र में उन्होंने इस बात को लेकर चुनौती दी थी कि रूसी पेट्रोलियम के आयात के लिए ट्रंप प्रशासन द्वारा दी गई मंजूरी सीधे तौर पर संघीय कानून का उल्लंघन है। मिकी शेरिल का स्पष्ट तर्क था कि कानून ने कार्यपालिका को किसी भी लाइसेंस के जरिए इस प्रतिबंध को माफ करने का कोई अधिकार नहीं दिया है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी भी चल रही है, क्योंकि मिडटर्म चुनावों में हार का सामना करने के बाद राष्ट्रपति एक बार फिर से गंभीर राजनीतिक संकट में घिर गए हैं।
व्हाइट हाउस के नए बॉलरूम की विशेषताएं
इसी बीच व्हाइट हाउस से जुड़े अन्य घटनाक्रमों में डोनाल्ड ट्रंप ने अपने नए बॉलरूम की सुरक्षा खूबियों का जिक्र किया है और बताया है कि यह इमारत किस तरह अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों से लैस की जा रही है।



















