ईटानगर में राज्य सरकार के खाते में हाल ही में एक बड़ी आर्थिक सहायता पहुंची है। केंद्र सरकार की ओर से कर हस्तांतरण प्रक्रिया के अंतर्गत अरुणाचल प्रदेश को 1,476 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि प्रदान की गई है। राज्य के उप मुख्यमंत्री चाउना मेन ने इस वित्तीय सहायता पर संतोष जताते हुए इसे क्षेत्रीय विकास योजनाओं के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन करार दिया है।
राष्ट्रीय स्तर पर हुआ विशाल फंड ट्रांसफर
यह धन राशि उस व्यापक केंद्रीय हस्तांतरण का हिस्सा है जिसके तहत केंद्र सरकार ने देश भर के विभिन्न राज्य सरकारों को कुल 1,09,019 करोड़ रुपये बांटे हैं। यह वितरण निर्धारित तिथि यानी 10 नवंबर से पांच दिन पहले, गुरुवार को ही पूरा कर लिया गया। इस त्वरित वित्तीय कदम का उद्देश्य राज्यों को त्योहारी सीजन के दौरान आने वाले खर्चों को आसानी से पूरा करने में मदद करना है। इसके साथ ही इसका मकसद पूंजीगत व्यय, बुनियादी ढांचे के विकास और विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों में तेजी लाना भी है।
शीर्ष नेताओं का जताया गया आभार
राज्य में वित्त, योजना और निवेश जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे चाउना मेन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर अपने आधिकारिक हैंडल @ChownaMeinBJP के माध्यम से इस आवंटन का स्वागत किया। उन्होंने इस समय पर मिली मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह सहायता हमारे राज्य में विकास की गति को बनाए रखने और एक अधिक समृद्ध प्रदेश के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। मेन ने बताया कि इन अतिरिक्त फंडों से सरकार को विकास गतिविधियों की रूपरेखा तय करने और उन्हें प्राथमिकता देने में अधिक लचीलापन मिलेगा। इससे चल रही परियोजनाओं की रफ्तार बरकरार रखने और जन कल्याण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को सुधारने में भी खासी मदद मिलेगी।
कर हस्तांतरण की व्यवस्था और वित्तीय पृष्ठभूमि
संविधान के अनुसार कर हस्तांतरण वह अनिवार्य तंत्र है जिसके जरिये केंद्रीय करों के राजस्व का एक हिस्सा राज्य सरकारों को उनकी प्रशासनिक जरूरतों और विकास संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के वास्ते सौंपा जाता है। इस वित्तीय वर्ष के दौरान देश भर के राज्यों को केंद्र से मिलने वाले करों का हिस्सा मिलने का सिलसिला जारी है। सोलहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के मुताबिक, सभी राज्यों को वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए केंद्रीय करों के विभाज्य पूल का 41 प्रतिशत हिस्सा मिलना जारी रहेगा। केंद्र सरकार ने इन सभी सिफारिशों को पहले ही स्वीकार कर लिया है।
बजटीय अनुमान और आगामी योजनाएं
चालू वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में राज्यों को होने वाले कर हस्तांतरण का अनुमान 15.26 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है। यह आंकड़ा वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों में दर्ज 13.93 लाख करोड़ रुपये से काफी अधिक है। इस प्रकार लगातार बढ़ रहे वित्तीय हस्तांतरण से पूर्वोत्तर के राज्यों समेत पूरे देश में स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे के निर्माण को बल मिल रहा है। राज्य सरकार को प्राप्त हुई यह ताजा राशि क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप विभिन्न विकास कार्यों को समय पर पूरा करने में अहम साबित होगी।























