पंजाब के मानसा जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां नशा विरोधी मुहिम में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। यह दुखद घटना एक मेडिकल स्टोर के बाहर अंजाम दी गई, जहां अचानक हुई गोलीबारी में वह और उनके साथी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
मेडिकल स्टोर के बाहर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
मंगलवार सुबह की इस घटना के समय परमिंदर सिंह झोटा और उनके साथ मौजूद एक अन्य साथी मौके पर मौजूद थे। मेडिकल स्टोर के बाहर हुई इस अचानक फायरिंग में दोनों को कई गोलियां लगीं, जिससे उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। हालांकि, अस्पताल में इलाज के दौरान परमिंदर सिंह झोटा ने दम तोड़ दिया, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है।
मेडिकल स्टोर संचालक पर लगा हत्या का आरोप
इस पूरे मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयनों के आधार पर मेडिकल स्टोर के मालिक अश्विनी कुमार पर फायरिंग करने और हत्या का गंभीर आरोप लगाया गया है। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अशांति न फैले।
राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया
इस सनसनीखेज कत्ल के बाद राज्य की राजनीतिक पार्टियों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। अकाली दल के प्रमुख नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस घटना पर तीखा बयान जारी किया है। उनका कहना है कि पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था का यह आलम है कि इस साल राज्य में पुलिसकर्मियों तक की जान जा चुकी है, और अब ऐसे हालात में एक्टिविस्ट भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर पंजाब किस दिशा में जा रहा है।





















