राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन गेमिंग की बुरी लत ने एक घरेलू नौकर को चोर बना दिया। जुए और गेमिंग के फेर में चढ़े लाखों रुपये के कर्ज को उतारने की खातिर नौकर ने अपने ही मालिक की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर अलमारी से कीमती सोने के जेवरात और नकदी पार कर दिए। कसारवाड़ी थाना पुलिस ने इस चोरी की गुत्थी को महज 48 घंटे के भीतर सुलझाते हुए आरोपी को धर दबोचा है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से चोरी हुआ करीब 10 लाख रुपये का माल भी बरामद कर लिया गया है।
शादी समारोह में गया था परिवार, पीछे से सूने मकान में हुई वारदात
कसारवाड़ी क्षेत्र के निवासी कुतुबुद्दीन बोहरा 11 अक्टूबर की शाम अपने पूरे परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए हुए थे। उन्होंने घर को अच्छी तरह बंद कर ताला लगाया था ताकि कोई अनहोनी न हो। जब परिवार रिश्तेदारी में आयोजित इस कार्यक्रम को पूरा कर वापस अपने घर लौटा, तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। कमरों की जांच करने पर पता चला कि अलमारी में रखे कीमती सोने के आभूषण और नकदी अपने स्थान से गायब थे।
घर में रखी तिजोरी और अलमारी की अच्छी तरह तलाशी लेने के बाद कुतुबुद्दीन बोहरा को यह यकीन हो गया कि सूने मकान का फायदा उठाकर किसी ने चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इस सिलसिले में पीड़ित ने 15 अक्टूबर को कसारवाड़ी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने उल्लेख किया कि अलमारी से सोने के दो कंगन, सोने की एक अंगूठी, कुछ अन्य कृत्रिम आभूषण तथा 5 हजार रुपये की नकदी चोरी हो गई है। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर तुरंत मामला दर्ज कर जांच की प्रक्रिया तेज कर दी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन
दिनदहाड़े और बंद घर से हुई इस बड़ी चोरी की घटना की गंभीरता को देखते हुए बांसवाड़ा के पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने मामले के जल्द खुलासे के सख्त निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन में कसारवाड़ी थाना अधिकारी राजवीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने सबसे पहले वारदात स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और घर के आसपास आने-जाने वाले लोगों की सूची तैयार की।
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि मकान के भीतर बिना किसी खास तोड़फोड़ के सीधे अलमारी को निशाना बनाया गया था। इससे पुलिस को शक हुआ कि इस वारदात में किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ हो सकता है जिसे घर के कोने-कोने और गहनों के रखे होने की सटीक जानकारी थी। इसी आधार पर पुलिस ने घर में काम करने वाले घरेलू नौकरों और परिचितों पर अपनी जांच केंद्रित की।
संदेह के घेरे में आया नौकर और कबूल किया गुनाह
जांच के क्रम में पुलिस की नजर नवा टापरा, कसारवाड़ी निवासी राहुल पुत्र गोरसिंह बारिया पर टिक गई, जो कुतुबुद्दीन बोहरा के घर पर घरेलू नौकर के रूप में काम करता था। पुलिस ने जब राहुल की गतिविधियों की जानकारी जुटाई तो उसका बर्ताव असामान्य पाया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ शुरू की।
शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस अधिकारियों ने मनोवैज्ञानिक तरीके से सघन पूछताछ की, तो वह टूट गया। राहुल ने स्वीकार किया कि 11 अक्टूबर को जब परिवार शादी में गया हुआ था, तब उसने मौके का फायदा उठाकर अलमारी से आभूषण और नकदी चुराए थे। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया सामान भी सफलतापूर्वक बरामद कर लिया।
ऑनलाइन गेमिंग के कर्ज ने बनाया गुनहगार
पूछताछ के दौरान आरोपी राहुल ने चोरी के पीछे की चौंकाने वाली वजह का खुलासा किया। उसने बताया कि उसे मोबाइल पर ऑनलाइन गेमिंग की गंभीर लत लग चुकी थी। इस लत के चलते वह लगातार पैसे हारता चला गया और देखते ही देखते उस पर करीब 5 से 6 लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज चढ़ गया। कर्जदार उस पर पैसे वापस लौटाने का लगातार दबाव बना रहे थे।
कर्ज चुकाने का कोई दूसरा रास्ता न दिखने पर उसने अपने मालिक के घर में ही चोरी करने की योजना बना डाली। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 10 लाख रुपये मूल्य के आभूषण और नकदी जब्त की है। बरामद किए गए सामान में सोने के दो कंगन, एक सोने की अंगूठी, दो आर्टिफिशियल कंगन और 2 हजार रुपये की नकदी शामिल है। कसारवाड़ी थाना पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पुष्टि की जा सके।



















