तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के नादेरगुल इलाके में एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित डांडिया उत्सव के दौरान हुए हादसे ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। शनिवार को कॉलेज के वार्षिक उत्सव के समापन पर यह दुर्घटना उस समय हुई जब छात्र जश्न मना रहे थे, और इस दुखद घटना के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है।
उत्सव के जश्न के बीच ढह गया लाइटिंग ट्रस
यह दर्दनाक हादसा आदिबाटला पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले MVSR कॉलेज में हुआ। कॉलेज का दो दिवसीय वार्षिक तकनीकी-सांस्कृतिक उत्सव 'संगमम' अपने अंतिम चरण में था और मैदान में सैकड़ों छात्र डांडिया की धुन पर थिरक रहे थे। इसी दौरान अचानक चली तेज हवाओं के दबाव और कथित सुरक्षा लापरवाही के कारण स्टेज की सजावट और रोशनी के लिए लगाया गया एक बड़ा धातु का ट्रस यानी ढांचा भरभराकर नीचे आ गिरा। यह भारी ढांचा सीधे वहां मौजूद छात्राओं के एक समूह पर जा गिरा, जिससे वहां अफरातफरी मच गई।
एक छात्रा की मौत और एक दर्जन से अधिक घायल
इस आकस्मिक दुर्घटना में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग यानी EEE शाखा की एक छात्रा की मौके पर ही जान चली गई। इसके अलावा इस हादसे में कम से कम 12 अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद कॉलेज परिसर में चीख-पुकार मच गई और मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि छात्रों और शोक में डूबे अभिभावकों के गुस्से को नियंत्रित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने दिए कड़ी कार्रवाई के सख्त निर्देश
राज्य के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि घायलों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता तुरंत उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि इस जानलेवा लापरवाही के लिए जो भी लोग जिम्मेदार हैं, उनकी तुरंत शिनाख्त की जाए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
परिजन ने लगाए सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप
मृतक छात्रा के चाचा सुरेश ने मीडिया से बात करते हुए इस पूरी घटना के लिए आयोजकों की भारी लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने उस डरावने पल को याद करते हुए बताया कि शाम को उन्हें फोन आया था कि कॉलेज के डांडिया कार्यक्रम में तेज हवाओं के बीच लाइटिंग का खंभा गिर गया है। उनके परिचित ने उन्हें सूचना दी थी कि वह ढांचा सीधे उनकी बेटी के सिर पर आ गिरा है, जिसे पहले एक मामूली चोट समझा गया था, लेकिन स्थिति बेहद गंभीर साबित हुई।



















