दक्षिण भारतीय व्यंजनों की लोकप्रियता पूरे देश में हमेशा से रही है, लेकिन जब पारंपरिक स्वाद के साथ नए प्रयोग जुड़ते हैं तो वे चर्चा का विषय बन जाते हैं। राजस्थान के पाली शहर में ऐसा ही एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है, जहां एक स्थानीय खानपान केंद्र ने डोसे को बिल्कुल नया रूप दे दिया है। अपनी विशालकाय ऊंचाई और बनावट के कारण इस डोसे की तुलना दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा से की जा रही है। आकार में असाधारण होने के साथ-साथ यह व्यंजन अपने लाजवाब स्वाद के लिए भी दूर-दूर से आने वाले भोजन प्रेमियों को आकर्षित कर रहा है।
पाली के गौरव टावर के पास जमा हो रही फूडीज की भीड़
पाली शहर के न्यू हाउसिंग बोर्ड इलाके में गौरव टावर के पास स्थित मल्हार डोसा नामक आउटलेट पर इन दिनों हर शाम भारी भीड़ देखी जा सकती है। यह स्थान अब सामान्य स्ट्रीट फूड स्टॉल से कहीं आगे बढ़कर दक्षिण भारतीय भोजन के कद्रदानों के लिए एक प्रमुख ठिकाना बन चुका है। यहां आने वाले ग्राहकों में सबसे बड़ा आकर्षण बुर्ज खलीफा डोसा ही है। स्थानीय निवासियों के साथ-साथ शहर के आसपास के क्षेत्रों से भी लोग इस खास व्यंजन को देखने और उसका स्वाद चखने पहुंच रहे हैं। स्टॉल संचालक ने पारंपरिक डोसे को आधुनिक और भव्य अंदाज में पेश करके शहर के खानपान परिदृश्य में अपनी एक अलग पहचान कायम कर ली है।
मीनार जैसी ऊंचाई और 5 से 6 लोगों के लिए पर्याप्त खुराक
इस डोसे की सबसे प्रमुख विशेषता इसका विशालकाय आकार है। इसे तवे पर इस तरह से पकाया और मोड़ा जाता है कि यह प्लेट पर एक ऊंची मीनार की तरह खड़ा नजर आता है। इसकी भव्य बनावट को देखकर पहली नजर में कोई भी चकित रह जाता है। आकार इतना बड़ा है कि अगर पांच से छह लोग मिलकर भी इसे खत्म करने की कोशिश करें, तब भी यह अक्सर पूरा नहीं खाया जा पाता और बच जाता है। इसी वजह से यह डोसा अकेले खाने की चीज बिल्कुल नहीं है, बल्कि पूरे परिवार या दोस्तों के समूह के साथ मिलकर खाने का एक मजेदार अनुभव बन चुका है। क्वांटिटी और स्वाद दोनों ही पैमानों पर यह व्यंजन ग्राहकों की उम्मीदों पर खरा उतर रहा है।
मक्खन, चीज़ और मसालों का भरपूर संगम
केवल दिखने में बड़ा होना ही इस डोसे की पहचान नहीं है, बल्कि इसके अंदर भरी जाने वाली सामग्री भी इसे बेहद खास बनाती है। इस विशालकाय डोसे के अंदर अलग-अलग प्रकार की स्वादिष्ट स्टफिंग्स भरी जाती हैं। इसमें भरपूर मात्रा में मक्खन, ताजी सब्जियां, पिघलता हुआ चीज़ और संतुलित मसालों का बेहतरीन तालमेल तैयार किया जाता है। जब यह कुरकुरा और गरमा-गरम डोसा बनकर तैयार होता है, तो इसकी खुशबू ही लोगों की भूख बढ़ा देती है। इसे परोसते समय साथ में पारंपरिक नारियल की ताजी चटनी और खट्टा-मीठा तीखा सांभर दिया जाता है, जो इसके जायके को कई गुना बेहतर बना देता है।
विविध प्रकार के डोसों के लिए मशहूर हुआ मल्हार डोसा
मल्हार डोसा पर सिर्फ बुर्ज खलीफा डोसा ही नहीं मिलता, बल्कि यहां हर आयु वर्ग के लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए कई अन्य किस्मों के डोसे भी तैयार किए जाते हैं। पारंपरिक सादा डोसा और मसाला डोसा से लेकर नए जमाने के कई स्वादों का विकल्प यहां उपलब्ध है। यदि आप पाली में रहते हैं या इस शहर से गुजर रहे हैं और कुछ अलग तरह का स्ट्रीट फूड आजमाना चाहते हैं, तो गौरव टावर के निकट न्यू हाउसिंग बोर्ड का यह स्टॉल आपके लिए एक यादगार पड़ाव साबित हो सकता है। यह जगह उन सभी लोगों के लिए मुफीद है जो खाने में स्वाद के साथ-साथ एक अनूठे अनुभव की तलाश में रहते हैं।





















