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अमेरिका में घड़ियों का समय बदलने का झंझट अब तक खत्म क्यों नहीं हो सकागाइड
19 अक्तू॰ 2026, 8:52 am (33 मिनट पहले)· 1

अमेरिका में घड़ियों का समय बदलने का झंझट अब तक खत्म क्यों नहीं हो सका

नवंबर की शुरुआत में अमेरिकी घड़ियों का समय फिर एक घंटा पीछे किया जाएगा, जबकि संसद में समय बदलने की इस व्यवस्था को समाप्त करने की कोशिशें अब भी अटकी हुई हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने वाले लोगों के लिए एक बार फिर अपनी दीवार घड़ियों और कलाई घड़ियों के कांटे पीछे घुमाने की तारीख नजदीक आ चुकी है। साल 2026 के लिए 1 नवंबर का दिन तय है, जब देश के अधिकांश हिस्सों में डेलाइट सेविंग टाइम को समाप्त करके सामान्य विंटर समय यानी स्टैंडर्ड टाइम को लागू कर दिया जाएगा। सालों से चल रही इस व्यवस्था को खत्म करने के लिए संसद में बार-बार कानूनी विधेयक पेश किए गए, लेकिन वे निर्णायक मुकाम तक नहीं पहुंच पाए। लोग हर साल दो बार समय बदलने की इस जटिल प्रक्रिया से परेशान हैं, और इस बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी साफ कर दिया है कि समय में यह अचानक बदलाव हमारे शरीर और जीवनशैली पर बेहद बुरा असर डालता है।

स्वास्थ्य और शरीर की जैविक घड़ी पर असर

घड़ी के कांटों को आगे या पीछे करने का निर्णय केवल दिनचर्या को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि यह इंसानी शरीर के भीतर चल रही जैविक घड़ी को भी बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर देता है। स्टैनफोर्ड स्कूल ऑफ मेडिसिन की एक गहन रिसर्च में यह बात सामने आई है कि हर साल समय को आगे और पीछे करने की इस अदला-बदली से लोगों में स्ट्रोक और मोटापे की दरों में संभावित वृद्धि होती है। मेडिकल विशेषज्ञों का विश्लेषण बताता है कि पूरे साल एक ही समय व्यवस्था पर टिके रहना शरीर के लिए कहीं अधिक सुरक्षित है। यदि सालभर स्थायी तौर पर डेलाइट सेविंग टाइम लागू रखा जाए, तो वह इस मौजूदा अदला-बदली से बेहतर होगा। हालांकि स्वास्थ्य के नजरिए से पूरे साल स्थायी रूप से स्टैंडर्ड टाइम बनाए रखना सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।

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इसी मुद्दे पर अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन ने कुछ साल पहले एक आधिकारिक पत्र प्रकाशित किया था। इस वैज्ञानिक संस्था ने स्पष्ट किया कि दुनिया भर के वैज्ञानिक प्रमाण इस बात की पुष्टि करते हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका को मौसमी समय परिवर्तनों को हमेशा के लिए समाप्त कर देना चाहिए। संस्था का तर्क है कि पूरे साल सिर्फ स्टैंडर्ड टाइम लागू रखना ही इंसान की जैविक घड़ी यानी सर्कैडियन रिदम के साथ सबसे सटीक तालमेल बिठाता है। इसके बावजूद, वैज्ञानिक सलाह और मेडिकल चेतावनियों को दरकिनार करते हुए नागरिकों को हर बसंत में घड़ियों को एक घंटा आगे और हर पतझड़ में एक घंटा पीछे करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

संसद में अटकी कानूनी कोशिशें

समय के इस चक्रव्यूह से जनता को छुटकारा दिलाने के लिए अमेरिकी संसद में कई प्रयास हुए हैं। इनमें सबसे प्रमुख सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट था, जिसका मुख्य उद्देश्य डेलाइट सेविंग टाइम को पूरे साल के लिए स्थायी कानून बना देना था। अगर यह कानूनी रूप ले लेता, तो इसे 5 नवंबर 2023 से प्रभावी बनाया जाना था, जो कि उस समय सामान्य घड़ी परिवर्तन की तय तारीख थी। इस विधेयक के पास होने का परिणाम यह निकलता कि सर्दियों के दिनों में सुबह की धूप निकलने में सामान्य से एक घंटा अधिक अंधेरा रहता, लेकिन उसके बदले सर्दियों की शामों में लोगों को एक घंटा अधिक प्राकृतिक रोशनी मिल पाती।

यह अहम प्रस्ताव मार्च 2022 में सीनेट से सफलतापूर्वक पारित भी हो गया था, लेकिन इसके बाद हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में इसे आगे चर्चा के लिए नहीं लिया गया और यह वहीं ठंडे बस्ते में चला गया। इसके बाद जुलाई 2026 में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने इसी तरह का एक कानून पास किया। इस ताजा घटनाक्रम के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक बयान जारी किया। ट्रंप ने लिखा, "सीनेट में रिपब्लिकनों को उस पर आगे बढ़ना होगा जिसे मैं नो मोर चेंजिंग ऑफ क्लॉक्स एक्ट कहता हूं।"

हालांकि ट्रंप के इस सार्वजनिक आह्वान के बावजूद सीनेट के बहुमत दल के नेता ने साफ किया कि इस प्रस्ताव को संसद में आवश्यक समर्थन हासिल नहीं है। सीनेट नेतृत्व का मुख्य तर्क यह है कि यदि पूरे साल डेलाइट सेविंग टाइम लागू कर दिया गया, तो सर्दियों में सुबह के समय लंबा अंधेरा रहेगा। इससे सुबह-सुबह दफ्तर या काम पर जाने वाले यात्रियों को भारी असुविधा होगी, और सबसे ज्यादा खतरा उन स्कूली बच्चों के लिए पैदा होगा जिन्हें घने अंधेरे में सड़क किनारे बस स्टॉप पर स्कूल बसों का इंतजार करना पड़ेगा।

स्टैंडर्ड टाइम और डेलाइट सेविंग टाइम का फर्क

अमेरिका में साल भर के कामकाज को सुचारू रखने के लिए दो अलग-अलग समय प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें स्टैंडर्ड टाइम और डेलाइट सेविंग टाइम कहा जाता है। इन दोनों अवधियों के लिए अलग-अलग टाइम जोन के संकेतक भी निर्धारित किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी दस्तावेज या घोषणा में समय के साथ ईएसटी लिखा होता है, तो उसका सीधा अर्थ ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम होता है, जो कि गर्मियों में चलने वाले ईस्टर्न डेलाइट टाइम यानी ईडीटी से पूरी तरह अलग है।

सर्दियों के महीनों में देश स्टैंडर्ड टाइम पर काम करता है, जबकि गर्मियों के महीनों में सूरज की रोशनी का अधिक लाभ उठाने के लिए डेलाइट सेविंग टाइम का सहारा लिया जाता है। संसद में पेश किए गए प्रस्तावों का इरादा सर्दियों के स्टैंडर्ड टाइम को हमेशा के लिए खत्म करके पूरे साल डेलाइट सेविंग टाइम को बनाए रखने का था। इसके ठीक विपरीत, अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन का दृढ़ विचार है कि अमेरिका को साल के बारहों महीने केवल स्टैंडर्ड टाइम यानी सर्दियों वाले समय को ही अपनाना चाहिए। संस्था का मानना है कि साल में दो बार समय बदलने से लोगों की सेहत, सतर्कता और सड़क सुरक्षा पर खतरनाक परिणाम होते हैं। यदि नींद और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय को सरकार मान लेती, तो देश किसी एक साल पतझड़ में घड़ियों को पीछे करता और उसके बाद बसंत में कभी भी उन्हें आगे नहीं बढ़ाया जाता।

राज्यों के अपने नियम और कानूनी सीमाएं

समय निर्धारण के मामले में अलग-अलग अमेरिकी राज्यों की अपनी प्राथमिकताएं और कानून हैं। मौजूदा कानूनी ढांचे के अनुसार, किसी भी राज्य को अपने स्तर पर स्थायी डेलाइट सेविंग टाइम अपनाने की अनुमति नहीं है। हालांकि उन्हें यह पूरा अधिकार दिया गया है कि यदि वे चाहें, तो सालभर केवल स्टैंडर्ड टाइम लागू रखकर इस मौसमी बदलाव से पूरी तरह बाहर रह सकते हैं। देश के दो प्रमुख राज्य इस अधिकार का उपयोग करते हैं, जिनमें हवाई और एरिज़ोना शामिल हैं। हालांकि एरिज़ोना के भीतर नवाजो नेशन के तहत आने वाले आदिवासी इलाकों में यह छूट लागू नहीं होती और वहां सामान्य बदलाव जारी रहता है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ स्टेट लेजिस्लेचर्स के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका के उन्नीस राज्यों ने अपने यहां ऐसे कानून या औपचारिक प्रस्ताव पारित कर रखे हैं, जो केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलते ही उन्हें स्थायी डेलाइट सेविंग टाइम पर जाने की अनुमति दे देंगे। इस सूची में शामिल 19 राज्य हैं

  • अलबामा, कोलोराडो और डेलावेयर
  • फ्लोरिडा, जॉर्जिया और इडाहो
  • लुइसियाना, मेन और मिनेसोटा
  • मिसिसिपी, मोंटाना और ओक्लाहोमा
  • ओरेगन, साउथ कैरोलिना और टेनेसी
  • टेक्सास, यूटा, वाशिंगटन और व्योमिंग

इन 19 राज्यों के अलावा तीन अन्य राज्यों ने भी इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। केंटकी और ओहायो की विधानसभाओं में इस तरह के विधेयक कुछ चरणों तक आगे बढ़े, लेकिन वे कानून के रूप में हस्ताक्षरित नहीं हो सके। वहीं कैलिफोर्निया के मतदाताओं ने एक जनमत संग्रह के जरिए इस बदलाव को मंजूरी दे दी है, लेकिन यह प्रावधान अभी तक आधिकारिक कानून की किताबों में दर्ज नहीं हो सका है।

जब तक अमेरिकी कांग्रेस इस संबंध में एक नया संघीय कानून पारित नहीं कर देती, तब तक ये सभी राज्य अपने पुराने टाइम जोन और मौसमी बदलावों के साथ बंधे रहने के लिए मजबूर हैं। साल 1966 में बना वर्तमान संघीय कानून राज्यों को डेलाइट सेविंग टाइम से पूरी तरह बाहर रहने का विकल्प तो देता है, लेकिन यह उन्हें इसे सालभर स्थायी बनाने या घड़ियों को बदलने की अपनी अलग तारीखें तय करने की इजाजत नहीं देता। ऐसे लोग जो समय बदलने की इस उलझन से पूरी तरह बचना चाहते हैं, उनके पास अमेरिका के उन क्षेत्रों में रहने का विकल्प बचता है जहां डेलाइट सेविंग लागू नहीं होता, जैसे कि यूएस वर्जिन आइलैंड्स और प्यूर्टो रिको।

सवाल-जवाब

अमेरिका में 2026 में डेलाइट सेविंग टाइम कब समाप्त होगा?
अमेरिका के अधिकांश हिस्सों में 1 नवंबर 2026 को डेलाइट सेविंग टाइम समाप्त होगा और घड़ियां एक घंटा पीछे की जाएंगी।
स्टैनफोर्ड स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोध में क्या सामने आया है?
शोध से पता चला है कि साल में दो बार समय बदलने से लोगों में स्ट्रोक और मोटापे की दर बढ़ने का जोखिम रहता है।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन किस समय व्यवस्था का समर्थन करती है?
संस्था पूरे साल स्थायी रूप से स्टैंडर्ड टाइम लागू करने का समर्थन करती है, क्योंकि यह इंसानी सर्कैडियन बायोलॉजी के सबसे अनुकूल है।
सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट का क्या उद्देश्य था?
इस संघीय कानून का उद्देश्य डेलाइट सेविंग टाइम को पूरे साल के लिए स्थायी बनाना था ताकि घड़ियां बार-बार न बदलनी पड़ें।
डोनाल्ड ट्रंप ने समय बदलने के कानून पर क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि सीनेट में रिपब्लिकनों को उनके अनुसार नो मोर चेंजिंग ऑफ क्लॉक्स एक्ट पर तेजी से आगे बढ़ना चाहिए।
सीनेट नेतृत्व इस विधेयक का विरोध क्यों कर रहा है?
सीनेट के बहुमत दल के नेता के अनुसार स्थायी डेलाइट सेविंग से सर्दियों की सुबह अंधेरा रहेगा, जिससे यात्रियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
अमेरिका के कौन से राज्य डेलाइट सेविंग टाइम का पालन नहीं करते हैं?
हवाई और एरिज़ोना (नवाजो नेशन को छोड़कर) पूरे साल सामान्य स्टैंडर्ड टाइम पर रहते हैं और घड़ियां नहीं बदलते।
कितने राज्यों ने स्थायी डेलाइट सेविंग लागू करने के लिए प्रस्ताव पारित किए हैं?
कुल 19 राज्यों ने ऐसे कानून या प्रस्ताव पारित किए हैं, जो संघीय मंजूरी मिलते ही स्थायी डेलाइट सेविंग अपनाने की अनुमति देंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·6 मिनट पहले

अमेरिका में हर साल समय बदलने का यह नाटक अजीब है। हमारे यहाँ तो ऐसा झंझट नहीं है, पर सोचिए जो लोग वहाँ रहते हैं, उनकी सेहत पर इसका कितना असर पड़ता होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·6 मिनट पहले

रोहन भाई, सेहत पर असर अपनी जगह है, पर इसे सिर्फ 'नाटक' मान लेना ठीक नहीं है। वहाँ के राज्यों और उद्योगों की अपनी मजबूरियाँ भी हैं, वरना सांसद यूँ ही बिल नहीं अटकाते।

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