देश की राजधानी दिल्ली के रनहौला थाना क्षेत्र में रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बपरौला इलाके में रहने वाली 28 वर्षीय महिला पर उसके ही घर की सीढ़ियों पर जानलेवा हमला किया गया। पूरी साजिश महिला के पति ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर रची थी। गनीमत यह रही कि गोली लगने के बावजूद महिला की जान बच गई और अस्पताल में समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत स्थिर हो गई। इस वारदात की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और महिला के पति सहित कुल तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
वैवाहिक कलह और सीएडब्ल्यू सेल तक पहुंचा विवाद
जांच में जुटी पुलिस टीम के अनुसार, पति संदीप कुमार और उसकी 28 वर्षीय पत्नी के वैवाहिक संबंध लंबे समय से बेहद तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे थे। दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। इन दोनों की कोई संतान नहीं थी और शादी के शुरुआती दिनों से ही दोनों के बीच आपसी तालमेल बिल्कुल नहीं बैठ पा रहा था। विवाद इस हद तक बढ़ चुका था कि दोनों के बीच की तकरार सुलझने के बजाय क्राइम अगेंस्ट वूमेन सेल यानी सीएडब्ल्यू सेल तक पहुंच गई थी।
इसके अलावा पारिवारिक माहौल भी महिला के अनुकूल नहीं था। संदीप कुमार के परिजन भी महिला को पसंद नहीं करते थे। वैवाहिक खटास, परिवार की नाराजगी और लगातार गहराते विवाद के बीच पति ने अपनी पत्नी को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की खौफनाक योजना बनानी शुरू कर दी। खुद सीधे तौर पर सामने आने के बजाय उसने अपने दो पुराने दोस्तों को इस पूरी साजिश में शामिल करने का फैसला किया ताकि उस पर किसी का सीधा शक न जाए।
साजिश का ताना-बाना और दोस्तों की भूमिका
संदीप कुमार ने पत्नी की हत्या कराने के लिए जिन दो दोस्तों से संपर्क किया, उनमें मिट्ठू उर्फ दीपक और आकाश शामिल थे। पूरी साजिश को बेहद शातिर तरीके से तैयार किया गया था ताकि किसी भी स्तर पर चूक न हो। मिट्ठू उर्फ दीपक आरोपी पति संदीप का पुराना जानकार था और महिला भी उसे अच्छी तरह पहचानती थी। इसी वजह से दीपक को यह जिम्मेदारी दी गई कि वह घर के अंदर आसानी से पहुंच बनाए क्योंकि उसके आने पर महिला को किसी तरह का संदेह नहीं होता।
दीपक ने इस काम के लिए आकाश नाम के युवक को तैयार किया, जिसे इस वारदात में शूटर की भूमिका निभानी थी। योजना के तहत दीपक का मुख्य काम आकाश को घर के अंदर बिना किसी रुकावट के दाखिल कराना था। वहीं आकाश को सही मौका देखकर महिला पर सीधे गोली चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस तरह दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम देने का पूरा खाका तैयार किया।
खुद को बचाने के लिए पति चला गया था गुजरात
पुलिस की शुरुआती जांच में एक बेहद चौंकाने वाला पहलू सामने आया कि वारदात के वक्त आरोपी पति संदीप कुमार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मौजूद ही नहीं था। वह घटना से पहले ही गुजरात चला गया था। पुलिस का मानना है कि उसने खुद को शक के दायरे से पूरी तरह बाहर रखने और जांच एजेंसियों को गुमराह करने के मकसद से यह कदम उठाया था, ताकि वारदात के बाद मामले को कोई दूसरा रंग दिया जा सके और वह खुद के निर्दोष होने का दावा पेश कर सके।
फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि संदीप का वारदात के समय गुजरात में होना महज एक इत्तेफाक था या फिर यह पहले से सोची-समझी योजना का एक अहम हिस्सा था। इसके लिए जांच अधिकारी संदीप के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को बारीकी से खंगाल रहे हैं ताकि उसकी वास्तविक लोकेशन और दोस्तों के साथ हुई बातचीत का पूरा सच सामने आ सके।
प्रिंटर के बहाने घर में एंट्री और 45 मिनट तक इंतजार
पूरी योजना के मुताबिक 13 सितंबर को मिट्ठू उर्फ दीपक और शूटर आकाश महिला के घर पहुंचे। घर के अंदर दाखिल होने के लिए उन्होंने प्रिंटर लेने का बहाना बनाया। चूंकि दीपक को महिला पहले से जानती थी, इसलिए उसकी एंट्री बेहद दोस्ताना और सामान्य माहौल में हुई। दीपक के साथ आकाश भी बिना किसी रोक-टोक के मकान के भीतर चला गया।
दोनों आरोपी करीब 45 मिनट तक महिला के घर में मौजूद रहे। वे लगातार किसी ऐसे पल की तलाश में थे जब महिला पूरी तरह अकेली और बेखबर हो। जैसे ही कुछ देर बाद महिला घर की सीढ़ियों पर पहुंची, पहले से घात लगाए बैठे आकाश ने पिस्तौल निकाली और उस पर सीधी गोली चला दी। गोली लगते ही महिला लहूलुहान होकर वहीं सीढ़ियों पर गिर पड़ी और हमलावर वहां से फरार हो गए।
फायरिंग से मचा हड़कंप, अस्पताल में बची जान
दिनदहाड़े अचानक हुई गोलीबारी की जोरदार आवाज से पूरे बपरौला इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग दहशत में आ गए। घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही रनहौला थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और खून से लथपथ 28 वर्षीय महिला को बिना वक्त गंवाए द्वारका स्थित वेंकटेश्वर अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत महिला का इलाज शुरू किया और उसकी हालत को स्थिर बताया। डॉक्टरों के मुताबिक गोली लगने के बावजूद महिला की जान सुरक्षित बच गई। पुलिस ने इस पूरे मामले में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई शुरू की।
खुलासे के बाद तीनों आरोपी सलाखों के पीछे
अस्पताल में होश में आने के बाद घायल महिला ने पुलिस को घटना की पूरी जानकारी दी और घर आए लोगों के बारे में बताया। महिला के खुलासे के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए सबसे पहले मिट्ठू उर्फ दीपक को दबोचा। इसके बाद दीपक से मिली जानकारियों के आधार पर शूटर आकाश को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी साजिश में पति संदीप कुमार की भूमिका का पर्दाफाश कर दिया। दोनों के इकबालिया बयान के आधार पर पुलिस ने संदीप कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। रनहौला थाना पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, पुराने पारिवारिक विवादों, सीएडब्ल्यू सेल की शिकायतों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को एक साथ जोड़कर इस मामले में पुख्ता चार्जशीट तैयार करने में जुटी हुई है।



















