फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले सोने में दबाव, 4,260 डॉलर के स्तर पर फिसली कीमतेंझारखंड में 12 साल चला 20 एकड़ का झगड़ा और 13 मुकदमों का बोझ, अधिकारी की मध्यस्थता से भाइयों ने गले मिलकर खत्म की तकरारगंगटोक से डियर गणेश चतुर्थी बंपर लॉटरी के नतीजे होंगे जारी, टिकटधारकों के लिए इनाम और क्लेम की पूरी प्रक्रियानॉर्वेजियन क्रोन पर नोर्जेस बैंक का दुविधा भरा रुख और वैश्विक मुद्रा बाजारों में डॉलर का दबावप्रो रेसलिंग रिंग के वे पांच करिश्मे जिन्हें दोहराना आज के दौर में मुमकिन नहीं दिखताअमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट, 0.7100 के करीब पहुंचा भावकल्याण से लातूर तक नया एक्सप्रेसवे घटाएगा सफर का समय, मलशेज घाट पर बनेगी आठ किलोमीटर लंबी टनलअमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल में उछाल से डॉलर हुआ मजबूत, ब्याज दरों पर केंद्रीय बैंकों के फैसलों से पहले हिले वैश्विक बाजारडिजिटल अरेस्ट से 44 लाख की ठगी में गुरुग्राम अदालत ने संदिग्ध को दी जमानत, ढीली जांच पर खाकी को लताड़ाएशियाई खेलों में पोडियम पर मोहसिन नकवी से पदक स्वीकार करने को लेकर नया विवाद, क्या पदक लेंगे भारतीय खिलाड़ी
फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले सोने में दबाव, 4,260 डॉलर के स्तर पर फिसली कीमतेंबाज़ार
19 सित॰ 2026, 4:10 pm (34 मिनट पहले)· 1

फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले सोने में दबाव, 4,260 डॉलर के स्तर पर फिसली कीमतें

अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीतिगत घोषणा से पहले कीमती धातुओं में सुस्ती का माहौल है और सोना टूटकर 4,260 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में आ गया है।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से पहले वैश्विक वित्तीय बाजारों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं पर देखा जा रहा है। सर्राफा बाजार में बिकवाली बढ़ने से मंगलवार को पीली धातु पिछले कारोबारी सत्र की निराशा को आगे बढ़ाते हुए 4,260 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में पहुंच गई। अमेरिकी डॉलर में लगातार मजबूती, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के मिले-जुले रुख और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की चिंता ने सर्राफा की चाल को धीमा कर दिया है।

सोने पर व्यवस्थित बिकवाली और लंबी अवधि के अवसर

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों से ठीक पहले कीमती धातुओं में कमजोरी देखने को मिल रही है। टीडी सिक्योरिटीज का आकलन है कि अल्गोरिदम आधारित और व्यवस्थित बिकवाली का असर सीमित रहने की संभावना है। डॉलर के मूल्यह्रास से जुड़े विमर्श, विभिन्न केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की ऊंची खरीद और ईटीएफ में नए सिरे से हो रहे संचय के कारण विवेकाधीन निवेश प्रवाह को मजबूत आधार मिल रहा है। इस स्थिति को देखते हुए जानकारों का कहना है कि पीली धातु में हालिया गिरावट को लंबी अवधि में मजबूती के लिए खरीदारी के एक संभावित मौके के रूप में देखा जाना चाहिए।

ये भी पढ़ें

विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर का दबदबा

विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती से कई प्रमुख मुद्राएं दबाव का सामना कर रही हैं। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) 0.7150 के स्तर से नीचे फिसलकर पिछले दिन छुए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के बेहद करीब बना रहा। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक से पहले और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से उपजे महंगाई के जोखिमों के बीच अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल कई वर्षों के उच्च स्तर पर बना हुआ है, जिसने अमेरिकी मुद्रा को ठोस सहारा दिया है। इसके अलावा अगस्त महीने के दौरान चीन की आर्थिक गतिविधियों के मिले-जुले आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास सहारा नहीं दिया।

येन और डॉलर की रस्साकशी

अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) जोड़ी में मंगलवार की सुबह और तेजी देखने को मिली और यह 155.00 के स्तर की ओर बढ़ती नजर आई। कारोबारी इस सप्ताह फेडरल ओपन मार्केट कमेटी और बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठकों के नतीजों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने के अनुमानों और तेल जनित मुद्रास्फीति के दबावों ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब बनाए रखा है, जिससे डॉलर को गति मिल रही है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के रास्ते पर सख्त रुख अपनाए जाने की संभावनाएं जापानी येन को सहारा दे सकती हैं, जिससे डॉलर बनाम येन की तेजी सीमित होने के आसार हैं।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में गिरावट का रुख

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी सतर्कता का असर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में रिपल (XRP), कार्डानो (ADA) और हाइपरलिक्विड (HYPE) मंगलवार को लाल निशान में कारोबार करते दिखे, जिनमें अब तक लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। इन डिजिटल संपत्तियों पर दबाव मुख्य रूप से मंगलवार को प्रस्तावित क्लैरिटी एक्ट क्लोजर वोट से पहले बढ़ता हुआ देखा जा रहा है, जिससे निवेशकों ने जोखिम भरे सौदों से दूरी बना रखी है।

सवाल-जवाब

मंगलवार को सोने की कीमत किस स्तर पर आ गई?
मंगलवार को सोना पिछले दिन की कमजोरी को आगे बढ़ाते हुए 4,260 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में आ गया।
सोने में आई गिरावट पर टीडी सिक्योरिटीज का क्या नजरिया है?
टीडी सिक्योरिटीज का मानना है कि यह गिरावट सीमित रहेगी और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इसे संचय का अच्छा मौका माना जा सकता है।
AUD/USD जोड़ी में क्या रुझान देखने को मिला?
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर कमजोर होकर 0.7150 के स्तर से नीचे फिसल गया, जो पिछले दिन के तीन सप्ताह के निचले स्तर के करीब है।
अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में तेजी की मुख्य वजह क्या है?
फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से जुड़ी उम्मीदें और कच्चे तेल के कारण बढ़ती महंगाई का जोखिम बॉन्ड यील्ड और डॉलर को मजबूती दे रहे हैं।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में किन सिक्कों पर असर पड़ा है?
रिपल (XRP), कार्डानो (ADA) और हाइपरलिक्विड (HYPE) जैसे ऑल्टकॉइन्स में मंगलवार को करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp