अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक से पहले वैश्विक वित्तीय बाजारों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं पर देखा जा रहा है। सर्राफा बाजार में बिकवाली बढ़ने से मंगलवार को पीली धातु पिछले कारोबारी सत्र की निराशा को आगे बढ़ाते हुए 4,260 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के दायरे में पहुंच गई। अमेरिकी डॉलर में लगातार मजबूती, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के मिले-जुले रुख और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की चिंता ने सर्राफा की चाल को धीमा कर दिया है।
सोने पर व्यवस्थित बिकवाली और लंबी अवधि के अवसर
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों से ठीक पहले कीमती धातुओं में कमजोरी देखने को मिल रही है। टीडी सिक्योरिटीज का आकलन है कि अल्गोरिदम आधारित और व्यवस्थित बिकवाली का असर सीमित रहने की संभावना है। डॉलर के मूल्यह्रास से जुड़े विमर्श, विभिन्न केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की ऊंची खरीद और ईटीएफ में नए सिरे से हो रहे संचय के कारण विवेकाधीन निवेश प्रवाह को मजबूत आधार मिल रहा है। इस स्थिति को देखते हुए जानकारों का कहना है कि पीली धातु में हालिया गिरावट को लंबी अवधि में मजबूती के लिए खरीदारी के एक संभावित मौके के रूप में देखा जाना चाहिए।
विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर का दबदबा
विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती से कई प्रमुख मुद्राएं दबाव का सामना कर रही हैं। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) 0.7150 के स्तर से नीचे फिसलकर पिछले दिन छुए गए तीन सप्ताह से अधिक के निचले स्तर के बेहद करीब बना रहा। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक से पहले और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से उपजे महंगाई के जोखिमों के बीच अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल कई वर्षों के उच्च स्तर पर बना हुआ है, जिसने अमेरिकी मुद्रा को ठोस सहारा दिया है। इसके अलावा अगस्त महीने के दौरान चीन की आर्थिक गतिविधियों के मिले-जुले आंकड़ों ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास सहारा नहीं दिया।
येन और डॉलर की रस्साकशी
अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (USD/JPY) जोड़ी में मंगलवार की सुबह और तेजी देखने को मिली और यह 155.00 के स्तर की ओर बढ़ती नजर आई। कारोबारी इस सप्ताह फेडरल ओपन मार्केट कमेटी और बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठकों के नतीजों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने के अनुमानों और तेल जनित मुद्रास्फीति के दबावों ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब बनाए रखा है, जिससे डॉलर को गति मिल रही है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के रास्ते पर सख्त रुख अपनाए जाने की संभावनाएं जापानी येन को सहारा दे सकती हैं, जिससे डॉलर बनाम येन की तेजी सीमित होने के आसार हैं।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में गिरावट का रुख
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी सतर्कता का असर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में रिपल (XRP), कार्डानो (ADA) और हाइपरलिक्विड (HYPE) मंगलवार को लाल निशान में कारोबार करते दिखे, जिनमें अब तक लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। इन डिजिटल संपत्तियों पर दबाव मुख्य रूप से मंगलवार को प्रस्तावित क्लैरिटी एक्ट क्लोजर वोट से पहले बढ़ता हुआ देखा जा रहा है, जिससे निवेशकों ने जोखिम भरे सौदों से दूरी बना रखी है।



















