जिओ प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को अपनी बोली प्रक्रिया के तीसरे दिन निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। इस सार्वजनिक निर्गम को अब तक कुल 5.94 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) ने इस मांग की अगुवाई की है और सबसे ज्यादा बोलियां जमा की हैं, जबकि खुदरा निवेशकों का हिस्सा धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। 21 अक्टूबर को खुले इस आईपीओ में संस्थागत रुचि से प्राथमिक बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है और निवेशक अब इसके शेयर आवंटन तथा लिस्टिंग की तैयारियों पर नजर रख रहे हैं।
सब्सक्रिप्शन के आंकड़े और बोली की मुख्य शर्तें
इस सार्वजनिक निर्गम के तहत प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड निर्धारित किया गया है। खुदरा और अन्य निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 12 शेयरों का रखा गया है। ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये के हिसाब से निवेशकों को न्यूनतम एक लॉट के लिए 13,428 रुपये का निवेश करना आवश्यक है। शुरुआती दो दिनों के रुझान के बाद तीसरे दिन योग्य संस्थागत खरीदारों ने आक्रामक रुख दिखाया, जिससे कुल सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा 5.94 गुना तक पहुंच गया। हालांकि, खुदरा श्रेणी में अभी उस स्तर की होड़ देखने को नहीं मिली है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि अंतिम चरण तक भागीदारी में और वृद्धि होगी।
फंड जुटाने का उद्देश्य और कर्ज में कमी की रणनीति
जिओ प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू पर आधारित है और इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) का कोई घटक शामिल नहीं है। यानी इस निर्गम से जुटाई गई पूरी राशि सीधे कंपनी के पास जाएगी। कंपनी की योजना के अनुसार, इस इश्यू से प्राप्त होने वाली लगभग 27,500 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग उसकी प्रमुख सहायक कंपनी रिलायंस जिओ इन्फोकॉम के मौजूदा कर्ज को समय से पहले चुकाने (प्रिपैमेंट) के लिए किया जाएगा। इस बड़े कदम से कंपनी के बैलेंस शीट पर वित्तीय बोझ कम होगा और ब्याज लागत में उल्लेखनीय गिरावट आएगी।
वित्तीय स्थिति और कंपनी का बाजार मूल्यांकन
कारोबारी मोर्चे पर जिओ प्लेटफॉर्म्स ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। वित्तीय वर्ष FY26 के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के राजस्व में सालाना आधार पर (YoY) 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, कर पश्चात शुद्ध लाभ (PAT) में भी सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। प्रति शेयर 1,119 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये बैठता है। वित्तीय सेहत में निरंतर सुधार और मजबूत ग्राहक आधार के चलते विश्लेषक कंपनी के इस सार्वजनिक निर्गम को दीर्घकालिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
ग्रे मार्केट प्रीमियम और लिस्टिंग का टाइमलाइन
अनौपचारिक ग्रे मार्केट में जिओ प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। 23 अक्टूबर को सुबह 9:37 बजे कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 245 रुपये दर्ज किया गया। ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये में इस प्रीमियम को जोड़ने पर अनुमानित लिस्टिंग मूल्य 1,364 रुपये प्रति शेयर निकलकर आता है, जो लगभग 21.89 प्रतिशत यानी करीब 22 प्रतिशत के लिस्टिंग लाभ की ओर इशारा करता है। ध्यान रहे कि ग्रे मार्केट केवल एक अनौपचारिक संकेतक है और वास्तविक लिस्टिंग मूल्य बाजार की तात्कालिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। आईपीओ के शेयरों का आवंटन अगले सप्ताह पूरा होने की संभावना है, जिसके बाद 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर शेयरों की आधिकारिक लिस्टिंग होगी।


















