रियल वर्ल्ड एसेट (RWA) परपेचुअल फ्यूचर्स मार्केट में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। विकेंद्रीकृत मंच हाइपरलिक्विड का मार्केट शेयर जुलाई में दर्ज 80 प्रतिशत के उच्च स्तर से घटकर 26 प्रतिशत पर आ गया है। इस दौरान सेंट्रलाइज्ड क्रिप्टो एक्सचेंजों (CEX) ने अपनी आक्रामक रणनीति और बेहतर लिक्विडिटी के दम पर कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम का 64 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर लिया है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म्स सिर्फ मौजूदा ट्रेडिंग वॉल्यूम को अपनी तरफ नहीं खींच रहे हैं, बल्कि बाजार में आ रही नई ट्रेडिंग गतिविधियों का अधिकांश हिस्सा भी कब्जा रहे हैं।
सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंजों की हिस्सेदारी में तेज उछाल
बायनेन्स ने महज दो सप्ताह के भीतर अपने आरडब्ल्यूए मार्केट शेयर को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत तक पहुंचा दिया है। इसी अवधि के दौरान ओकेएक्स की हिस्सेदारी भी बढ़कर 14 प्रतिशत पर पहुंच गई। इसके अलावा गेट और बिटगेट जैसे अन्य प्रमुख प्लेटफॉर्म भी पारंपरिक संपत्तियों से जुड़े डेरिवेटिव उत्पादों का विस्तार कर रहे हैं। इन प्लेटफॉर्म्स की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे अपने मौजूदा क्रिप्टो ट्रेडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में ही उपयोगकर्ताओं को पारंपरिक वित्तीय परिसंपत्तियों का एक्सपोजर दे रहे हैं।
शुरुआती दिनों में हाइपरलिक्विड को उस समय बड़ी सफलता मिली थी, जब उसने पारंपरिक बाजारों के बंद होने के बाद भी 24 घंटे लगातार ट्रेडिंग की सुविधा दी थी। इस साल की शुरुआत में जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव चरम पर था, तब ट्रेडर्स ने पारंपरिक बाजार के समय के बाद क्रूड ऑयल परपेचुअल फ्यूचर्स में ट्रेडिंग के लिए हाइपरलिक्विड का रुख किया था। इससे मंच को नए ट्रेडर्स को आकर्षित करने में मदद मिली थी। हालांकि, अब बायनेन्स और ओकेएक्स जैसे मंचों द्वारा समान सुविधाएं देने से हाइपरलिक्विड का यह शुरुआती फायदा कम होता दिख रहा है।
पारंपरिक शेयरों और ईटीएफ का टोकनाइजेशन
ओकेएक्स ने जुलाई महीने में 40 से अधिक टोकनाइज्ड अमेरिकी शेयरों और ईटीएफ को अपने प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध किया था। समर्थित क्षेत्रों में यूजर्स इन संपत्तियों में USDT के जरिए 24/7 ट्रेडिंग कर सकते हैं। इसके यूनिफाइड मार्केट के माध्यम से उपयोगकर्ता अपने मौजूदा एक्सचेंज खातों से ही एप्पल, एनवीडिया और टेस्ला जैसी दिग्गज कंपनियों के टोकनाइज्ड शेयरों में सीधे ट्रेड कर पा रहे हैं।
यह प्रतिस्पर्धी बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब पारंपरिक वित्तीय संस्थान भी टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इस साल जनवरी में एनवाईएसई (न्यू यॉर्क स्टॉक एक्सचेंज) ने नियामक मंजूरी के अधीन 24/7 ट्रेडिंग और ब्लॉकचेन-आधारित सेटलमेंट प्लेटफॉर्म विकसित करने की अपनी योजना की घोषणा की थी। इसके बाद ओकेएक्स और एनवाईएसई की मूल कंपनी इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज (ICE) ने अपने संयुक्त उपक्रम ओकेएक्सआईसीई के माध्यम से एक ऑन-चेन टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की प्रतिबद्धता जताई। वहीं, अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) ने सितंबर में अपनी इनोवेशन एक्सेप्शन नीति पेश की, जिसके तहत पात्र संस्थानों को टोकनाइज्ड अमेरिकी शेयरों के व्यापार के लिए सशर्त और अस्थायी नियामक छूट प्रदान की गई है।
हाइपरलिक्विड (HYPE) का तकनीकी विश्लेषण और मूल्य आउटलुक
आरडब्ल्यूए मार्केट शेयर में गिरावट के बावजूद हाइपरलिक्विड क्रिप्टो डेरिवेटिव स्पेस में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना हुआ है। पिछले 30 दिनों में इसका कुल परपेचुअल फ्यूचर्स ट्रेडिंग वॉल्यूम 208.07 अरब डॉलर दर्ज किया गया। दैनिक चार्ट पर HYPE टोकन फिलहाल 77.8 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है, जिसमें पिछले 24 घंटों में 3.8 प्रतिशत की गिरावट आई है।
तकनीकी संकेतकों के अनुसार, HYPE का मूल्य 20-दिवसीय और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के क्लस्टर से नीचे बना हुआ है, जो 82.00 डॉलर के ठीक ऊपर केंद्रित हैं। टोकन ने हाल ही में 76 डॉलर के करीब 100-दिवसीय EMA से उछाल दर्ज किया था, लेकिन कुल रुझान मंदी का संकेत दे रहा है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 41 पर बना हुआ है, जबकि स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर 17 के करीब है, जो यह दर्शाता है कि हालिया मामूली रिकवरी के बावजूद बिकवाली का दबाव कायम है।
डाउनसाइड की बात करें तो HYPE के लिए तत्काल सपोर्ट 100-दिवसीय EMA के पास 75.69 डॉलर के स्तर पर मौजूद है। यदि यह स्तर टूटता है, तो मूल्य 67.64 डॉलर और उसके बाद 61.16 डॉलर के निचले स्तरों का परीक्षण कर सकता है। वहीं अपसाइड में, पहला प्रतिरोध 82.10 डॉलर के पास शॉर्ट-टर्म EMAs के संगम पर है। इसके बाद 85.04 डॉलर पर एक प्रमुख बाधा है। यदि टोकन इस प्रतिरोध क्षेत्र से ऊपर बना रहता है, तो मूल्य 97.84 डॉलर के प्रमुख प्रतिरोध स्तर की ओर बढ़ सकता है।
अन्य प्रमुख ऑल्टकॉइन्स का बाजार प्रदर्शन
क्रिप्टो बाजार के अन्य हिस्सों में भी सुस्ती का रुख देखा जा रहा है। कार्डानो (ADA) 50-दिवसीय EMA 0.228 डॉलर से ऊपर टिकने में विफल रहने के बाद 0.222 डॉलर के स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है। डेरिवेटिव्स डेटा और कमजोर पड़ता मोमेंटम ADA के लिए नकारात्मक आउटलुक का संकेत दे रहे हैं। यदि ADA 100-दिवसीय EMA से नीचे फिसलता है, तो गिरावट और बढ़ सकती है।
रिपल (XRP) और स्टेलर (XLM) भी दबाव में बने हुए हैं। XRP 1.33 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि XLM 0.183 डॉलर से नीचे आ गया है। कमजोर मोमेंटम इंडिकेटर्स और मिश्रित डेरिवेटिव्स मेट्रिक्स इन दोनों संपत्तियों में सतर्कता का माहौल बनाए हुए हैं। इसके विपरीत, जीकैश (ZEC) का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। ZEC 1,300 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है और इस सप्ताह लगातार तीन दिनों की रिकवरी के साथ 15 प्रतिशत की बढ़त दर्ज कर चुका है। जीकैश फ्यूचर्स ओपन इंटरेस्ट 30 दिनों के उच्च स्तर 2.89 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जिसमें संस्थागत निवेशकों का प्रवाह बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।



















