राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में ऑनलाइन सामान पहुंचाने वाले एक डिलीवरी कर्मी के साथ बदसलूकी और मारपीट का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। यह पूरी घटना खैरथल-तिजारा जिले के अंतर्गत आने वाली एक प्रमुख रिहायशी सोसायटी की है, जहां मामूली रकम को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि हाथापाई तक نوبت आ गई। घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर काम करने वाले अन्य डिलीवरी कर्मियों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है और उन्होंने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
ऑर्डर देने के बाद शुरू हुआ पैसों का विवाद
खानपुर चौक पर स्थित जेप्टो कंपनी से जुड़े मुकेश कुमार नामक डिलीवरी बॉय के अनुसार, उसे एसेंसिया सोसायटी के फ्लैट नंबर OAE-172 में एक पैकेट डिलीवर करना था। यह सामान सुनीता नाम की महिला के नाम से बुक किया गया था और इसका भुगतान कैश ऑन डिलीवरी यानी नकद होना था, जिसकी कुल राशि 345 रुपये तय की गई थी। मुकेश जब निर्धारित पते पर पहुंचा और उसने दरवाजे की घंटी बजाई, तो महिला ने सामान तो अपने हाथ में ले लिया लेकिन पैसे लाने के लिए अंदर चली गई।
भुगतान मांगने पर महिला के पति ने किया हंगामा
पीड़ित मुकेश का कहना है कि उसने आधे घंटे से ज्यादा समय तक बाहर खड़े होकर पैसों का इंतजार किया, लेकिन कोई भुगतान नहीं मिला। जब उसने अपने बकाया 345 रुपये वापस मांगे, तो घर से महिला का पति बाहर आ गया और उसने आते ही मुकेश के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर आरोपी ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दीं और बात इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
हाथापाई में फटी शर्ट और पुलिस कार्रवाई का इंतजार
स्थिति तब और बिगड़ गई जब आरोपी ने अपना आपा खो दिया और डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस झड़प के दौरान मुकेश की शर्ट भी फट गई। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने पुलिस को फोन करके पूरी जानकारी दी। मुकेश का यह भी आरोप है कि शिकायत दर्ज होने का संदेश उसके मोबाइल फोन पर आ गया था, लेकिन इसके बावजूद मौके पर कोई भी पुलिसकर्मी जांच के लिए नहीं पहुंचा और न ही उसे उसका 345 रुपये का बकाया भुगतान प्राप्त हुआ।
साथी कर्मियों का विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा की मांग
जब इस घटना की जानकारी आसपास काम कर रहे अन्य डिलीवरी कर्मियों को मिली, तो जेप्टो और दूसरी कंपनियों के दर्जनों कर्मचारी एसेंसिया सोसायटी के बाहर इकठ्ठा हो गए। उन्होंने अपने साथी के साथ हुई इस हरकत का पुरजोर विरोध किया। इस गहमागहमी को देखकर सोसायटी के बाकी लोग भी अपने घरों से बाहर निकल आए। मुकेश का आरोप है कि इतने सारे लोगों के विरोध करने के बावजूद आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और लगातार धमकियां देता रहा। काम करने वाले युवाओं का कहना है कि इस तरह की घटनाएं उनके लिए काम करना मुश्किल बना देती हैं और यह उनकी सुरक्षा का बड़ा मुद्दा है। पीड़ित ने अब प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उसका बकाया पैसा दिलाया जाए।



















