ओडिशा के गांव में निकला 14 फीट लंबा किंग कोबरा, तालाब में उतरने के बाद हुआ रेस्क्यूमरिलिन मुनरो की घड़ी पर अटके रक्षा मंत्री, पाकिस्तान में मची खलबलीन्यायपालिका पर टिप्पणी मामला, संजय राउत और निखिल वागले को सुप्रीम कोर्ट का नोटिसपंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा को बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिकापलामू में शारदीय नवरात्रि के दौरान लगता है अनोखा भूत मेला, दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालुतेलंगाना के युवा ने गधों की डेयरी से बदली तकदीर, ₹7,000 लीटर बिकने वाले दूध ने दिलाई नई पहचानजल जीवन मिशन घोटाला: महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से जमानतभीलवाड़ा में तेज रफ्तार कार का कहर, नेशनल हाईवे पर खड़ी दो महिलाओं को मारी टक्करराजस्थान में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा बेपटरी, बुजुर्गों को परोसा गया बासी भोजन और एक कमरे में ठहराए गए आठ-आठ यात्रीहिमाचल के हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में जूनियर से दुर्व्यवहार पर नौ छात्र निलंबित, 3 लाख रुपये का कुल जुर्माना
न्यायपालिका पर टिप्पणी मामला, संजय राउत और निखिल वागले को सुप्रीम कोर्ट का नोटिसअपराध
16 अक्तू॰ 2026, 1:45 pm (51 मिनट पहले)· 1

न्यायपालिका पर टिप्पणी मामला, संजय राउत और निखिल वागले को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने सीजेआई और न्यायपालिका के खिलाफ कथित टिप्पणियों को लेकर संजय राउत और निखिल वागले को नोटिस जारी किया है। अदालत ने पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने भारत के मुख्य न्यायाधीश और न्यायपालिका के खिलाफ की गई टिप्पणियों के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने उद्धव गुट वाली शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों से पूछा है कि उनके बयानों और टिप्पणियों को लेकर उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्हें किस तरह एक सोचे-समझे जाल में फंसाया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई

यह पूरी कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन यानी SCBA की ओर से दायर की गई एक आपराधिक अवमानना याचिका के आधार पर आगे बढ़ी है। अदालत में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी अपनी बात रखी और कहा कि कुछ लोग जानबूझकर इस प्रकार की हरकतें करते हैं क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि इससे न्यायपालिका पर दबाव बनाया जा सकता है। इस दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना और मामले की गंभीरता को देखते हुए जवाब तलब किया।

ये भी पढ़ें

वरिष्ठ वकीलों और पक्षों की दलीलें

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील प्रदीप राय ने अदालत को बताया कि इस तरह की याचिका दायर करना उनके लिए भी काफी पीड़ादायक अनुभव रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस मामले में आरोपितों में एक पक्ष संसद के सम्मानित सदस्य हैं तो दूसरा पक्ष एक जिम्मेदार पत्रकार से जुड़ा है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए यह भी सुझाव दिया कि दोनों की व्यक्तिगत उपस्थिति इस मामले में अनिवार्य होनी चाहिए, क्योंकि यदि इस तरह की घटनाओं को अभी नजरअंदाज कर दिया गया तो भविष्य में दूसरे लोगों को भी इस प्रकार की बयानबाजी के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है।

व्यक्तिगत उपस्थिति से फिलहाल छूट

अदालत ने नोटिस जारी करते हुए संजय राउत और निखिल वागले को यह बताने को कहा है कि उन पर अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। हालांकि, सुनवाई के दौरान यह भी साफ किया गया कि फिलहाल दोनों को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दी गई है। मामले की सुनवाई के सिलसिले में मुख्य न्यायाधीश ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की स्थिति यह हो गई है कि लोग खुद इस बात को नहीं समझ पा रहे हैं कि उन्हें किस प्रकार एक सुनियोजित जाल में फंसाया जा रहा है।

किस बयान पर मचा है विवाद

संजय राउत द्वारा दिए गए बयानों को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है। उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े कुछ विशेष मुद्दों पर राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं से मिलने से सीजेआई के इनकार किए जाने के फैसले की कड़ी आलोचना की थी। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए यह भी कहा था कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के करीब 80 जजों को लंदन में राजनीतिक नेताओं के साथ बैडमिंटन खेलते हुए देखा गया था, जिसके बाद से यह मामला तूल पकड़ता चला गया।

सवाल-जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने किसे नोटिस जारी किया है?
सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना सांसद संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले को नोटिस जारी किया है।
यह नोटिस किस मामले में जारी किया गया है?
यह नोटिस सीजेआई और न्यायपालिका के खिलाफ की गई कथित टिप्पणियों के मामले में जारी किया गया है।
अदालत ने नोटिस में क्या सवाल पूछा है?
अदालत ने पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।
यह याचिका किसने दायर की थी?
यह आपराधिक अवमानना याचिका सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की ओर से दायर की गई थी।
संजय राउत ने किस बात को लेकर आलोचना की थी?
संजय राउत ने चुनाव आयोग के मुद्दों पर विपक्षी नेताओं से मिलने से सीजेआई के इनकार करने की आलोचना की थी।
संजय राउत ने जजों को लेकर क्या दावा किया था?
उन्होंने दावा किया था कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के 80 जजों को लंदन में राजनीतिक नेताओं के साथ बैडमिंटन खेलते देखा गया था।
क्या दोनों को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होना है?
फिलहाल दोनों को अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp