राजस्थान के भरतपुर स्थित भौंडा गांव में बीजेपी नेता अतर सिंह भड़ाना पर 11 अक्टूबर की शाम हुए हिंसक हमले का एक निगरानी फुटेज सामने आया है। इस दृश्य में खदान परिसर के भीतर हथियारों से लैस उपद्रवियों का एक बड़ा हुजूम अचानक दाखिल होता दिखाई देता है। शाम के समय हुए इस अचानक हमले ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था। परिसर में घुसते ही उपद्रवियों ने भारी पथराव शुरू कर दिया और खदान के कर्मचारियों तथा वहां मौजूद संपत्ति को सीधे निशाने पर ले लिया।
भौंडा गांव की खदान में दो दर्जन से ज्यादा हमलावरों की घुसपैठ
उपलब्ध विवरण के अनुसार, यह पूरी घटना 11 अक्टूबर को शाम करीब 6:30 बजे घटित हुई। अतर सिंह भड़ाना की भौंडा गांव स्थित खदान पर अचानक दो दर्जन से ज्यादा लोगों का एक समूह आ धमका। इन लोगों के हाथों में लाठियां, फरसे और कई अन्य घातक हथियार साफ नजर आ रहे थे। परिसर में कदम रखते ही इस भीड़ ने आक्रामक रुख अपना लिया। हमलावरों का यह पूरा दस्ता एक संगठित तरीके से आगे बढ़ा और खदान परिसर में स्थित रिहायशी आवास और विश्राम कक्ष की ओर तेजी से कदम बढ़ाने लगा।
भीड़ के इस अचानक हमले से खदान परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हमलावरों ने आवास और विश्राम कक्ष की इमारतों पर लगातार भारी पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पत्थरों की बारिश के बीच वहां काम करने वाले लोगों और सुरक्षाकर्मियों के लिए स्थिति बेहद गंभीर और तनावपूर्ण हो गई। उपद्रवियों ने केवल इंसानों को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि वहां खड़ी कीमती मशीनों पर भी लाठियों और पत्थरों से हमला बोल दिया।
बाहर खड़े अतर सिंह भड़ाना पर लाठियों और पत्थरों से प्रहार
जिस समय हमलावरों का यह समूह खदान के भीतरी हिस्से की ओर बढ़ रहा था, उस वक्त अतर सिंह भड़ाना परिसर के बाहर मौजूद थे। उन्हें देखते ही हमलावरों के एक हिस्से ने उन पर सीधे पत्थरों और लाठियों से हमला कर दिया। लाठियों के ताबड़तोड़ वार और पत्थरों की मार से भड़ाना वहीं गंभीर रूप से चोटिल हो गए। उन पर हुआ यह हमला बेहद तेज और सीधा था, जिससे उन्हें संभलने का कोई मौका नहीं मिला।
उस समय भड़ाना के साथ उनकी सुरक्षा में तैनात निजी गार्ड मौजूद थे। जब हमलावरों ने भड़ाना को चारों तरफ से घेरकर पीटना शुरू किया, तब सुरक्षाकर्मियों ने जान जोखिम में डालकर बीच-बचाव किया। गार्डों ने तेजी दिखाते हुए घायल अवस्था में भड़ाना को अपने कंधे पर उठाया और हमलावरों की पहुंच से दूर परिसर के सुरक्षित भीतरी हिस्से में ले गए। सुरक्षाकर्मियों की इस त्वरित कार्रवाई से भड़ाना को उस वक्त उपद्रवियों के सीधे प्रहार से बाहर निकाला जा सका।
परिसर की मशीनों, आवास और विश्राम कक्ष में भारी तोड़फोड़
हमलावरों का इरादा केवल मारपीट तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने खदान की संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया। फुटेज में साफ दिखता है कि हमलावर खदान में बने आवासीय कमरों और विश्राम कक्ष की ओर बढ़ते हैं और वहां जमकर तोड़फोड़ करते हैं। खिड़कियों, दरवाजों और खदान कार्य में उपयोग होने वाली भारी मशीनों को पत्थरों व लाठियों से क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
भीड़ के उत्पात से पूरे परिसर में भगदड़ मच गई और चारों तरफ बिखरे पत्थर और टूटी मशीनों के हिस्से नजर आने लगे। विश्राम कक्ष के आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखे। हमलावरों का समूह काफी देर तक परिसर के अलग-अलग हिस्सों में घूम-घूम कर उत्पात मचाता रहा और मशीनों के कलपुर्जों को नुकसान पहुंचाता रहा।
जांच के केंद्र में आया घटनाक्रम का निगरानी फुटेज
11 अक्टूबर की शाम घटित इस पूरी हिंसक वारदात का दृश्य अब मामले की जांच में सबसे अहम साक्ष्य बनकर उभरा है। फुटेज में उपद्रवियों के खदान परिसर के मुख्य द्वार से दाखिल होने, उनके हाथों में मौजूद लाठियों और फरसों, आवास व विश्राम कक्ष पर पथराव करने, मशीनों को तोड़ने और अतर सिंह भड़ाना पर हुए जानलेवा हमले का पूरा घटनाक्रम दर्ज है।
जांच एजेंसियां अब इस फुटेज के प्रत्येक फ्रेम की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं ताकि हमले में शामिल सभी हमलावरों के चेहरों की पहचान की जा सके। फुटेज में दिखने वाली हर गतिविधि और हमलावरों के आने-जाने के रास्तों का मिलान किया जा रहा है। भौंडा गांव की खदान पर शाम 6:30 बजे शुरू हुए इस हिंसक तांडव की वास्तविक कड़ियों, पूर्व नियोजित साजिश और इसमें शामिल लोगों की व्यक्तिगत जवाबदेही की आधिकारिक पुष्टि कानूनी जांच के निष्कर्षों के बाद ही तय होगी।



















