जल जीवन मिशन घोटाला: महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से जमानतराजस्थान में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा बेपटरी, बुजुर्गों को परोसा गया बासी भोजन और एक कमरे में ठहराए गए आठ-आठ यात्रीआईआईटी जोधपुर का बड़ा शोध, रोबोट और एआई अब करेंगे सोनोग्राफी और फ्रैक्चर की पहचानकनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी का तिरंगा मार्च आज, मध्य दिल्ली में भारी ट्रैफिक और सुरक्षा के कड़े इंतजामईरान में सोशल मीडिया पोस्ट पर 23 वर्षीय नजमेह अमिनी को मौत की सजाविशाखापट्टनम नौसेना जासूसी मामला: ‘एंजेल पायल’ के फर्जी जाल में फंसे कर्मचारीहिमाचल के हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में जूनियर से दुर्व्यवहार पर नौ छात्र निलंबित, 3 लाख रुपये का कुल जुर्मानाराजस्थान के ग्रामीण रण में 370 उम्मीदवारों के बैंक खाते खाली, हलफनामों में उजागर हुआ आर्थिक फासलाश्रीहरगोबिंदपुर में नशा तस्करों का विरोध करने पर खूनी संघर्ष, एक ग्रामीण की जान गई और दो गंभीर रूप से घायलमरिलिन मुनरो की घड़ी पर अटके रक्षा मंत्री, पाकिस्तान में मची खलबली
विशाखापट्टनम नौसेना जासूसी मामला: ‘एंजेल पायल’ के फर्जी जाल में फंसे कर्मचारीअपराध
16 अक्तू॰ 2026, 12:25 pm (1 घंटे पहले)· 1

विशाखापट्टनम नौसेना जासूसी मामला: ‘एंजेल पायल’ के फर्जी जाल में फंसे कर्मचारी

विशाखापट्टनम नौसेना डॉकयार्ड से जुड़े जासूसी कांड में काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने दो और लोगों को दबोच लिया है। इस मामले में अब तक चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और पाकिस्तान से जुड़े हनीट्रैप नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में स्थित नौसेना डॉकयार्ड की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया के जरिए संवेदनशील रक्षा जानकारी पाकिस्तान भेजने का सनसनीखेज षड्यंत्र रचा गया था। इस जासूसी नेटवर्क का दायरा काफी बड़ा है और इसमें इंटरनेट पर सक्रिय एक फर्जी प्रोफाइल की अहम भूमिका रही है।

फेसबुक पर रची गई जासूसी की साजिश

जांच एजेंसियों के अनुसार इस पूरी योजना के केंद्र में ‘एंजेल पायल’ नाम की एक अज्ञात महिला थी, जिसने सोशल मीडिया पर एक कृत्रिम पहचान बनाई थी। करीब डेढ़ दशक पहले इंटरनेट पर खासी चर्चा में आए कैटफिशिंग मामलों की तर्ज पर ही इस प्रोफाइल का इस्तेमाल किया गया। इस फर्जी अकाउंट के जरिए नौसेना से जुड़े दो कर्मचारियों को आपस में जोड़ा गया और उन्हें गोपनीय रक्षा दस्तावेज पाकिस्तानी ऑपरेटिव्स तक पहुंचाने के लिए तैयार किया गया। महिला ने खुद को दुबई की एक शिपिंग कंपनी का कर्मचारी बताया था जो क्रू और जहाजों के लिए लॉजिस्टिक्स संभालती है।

ये भी पढ़ें

दो नए आरोपियों की गिरफ्तारी

इस कड़ी में कार्रवाई करते हुए आंध्र प्रदेश काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने गुरुवार को दो अन्य व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बोंगु रवि (30) और कदरी श्रीनिवास (31) के रूप में हुई है, जो टीडी इंजीनियरिंग कंपनी के लिए काम करते हैं और उनका नाता विशाखापट्टनम नौसेना डॉकयार्ड से रहा है। इस ताजा कार्रवाई के बाद इस सनसनीखेज प्रकरण में अब तक कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

दुबई से लौटा आरोपी और पुलिस का शिकंजा

कदरी श्रीनिवास अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में सऊदी अरब चला गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे वापस लाने के लिए कूटनीतिक और कानूनी दबाव बनाया। बढ़ते दबाव के आगे झुकते हुए वह 11 अक्टूबर को नई दिल्ली के हवाई अड्डे पर उतरा, जहां पहले से ही विशाखापट्टनम सिटी पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस सेल के अधिकारी उसकी प्रतीक्षा कर रहे थे। उसे तुरंत अपनी हिरासत में लेकर विशाखापट्टनम लाया गया। इससे पहले 6 अक्टूबर को भी इसी सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस जासूसी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था।

ऑपरेशन फायरवॉल के तहत कार्रवाई

इस पूरे राष्ट्रव्यापी अभियान को ‘ऑपरेशन फायरवॉल-2026’ का नाम दिया गया है, जिसकी शुरुआत 1 अक्टूबर को की गई थी। इसके तहत कुल 12 विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्हें देश के 10 अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तैनात किया गया है। इन क्षेत्रों में आंध्र प्रदेश के अलावा केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, गोवा, दिल्ली, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और बिहार शामिल हैं, जहां संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।

पाकिस्तानी खुफिया तंत्र का तरीका

जांच अधिकारियों का मानना है कि पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव्स, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट तैयार करती हैं। वे रक्षा प्रतिष्ठानों के पास काम करने वाले कर्मचारियों को निशाना बनाती हैं और उन्हें पैसों का लालच देकर अथवा अन्य तरीकों से अपने जाल में फंसाती हैं। इस मामले की गूंज कई राज्यों तक है और अभी भी करीब 18 संदिग्धों की तलाश जारी है, जिनमें से 13 का संबंध सीधे तौर पर नौसेना से बताया जा रहा है।

कानूनी कार्रवाई और पहले की गिरफ्तारियां

इस सिलसिले में पहली एफआईआर 2 सितंबर को विजयवाड़ा के काउंटर इंटेलिजेंस पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी, जबकि दूसरी एफआईआर 12 अक्टूबर को विशाखापट्टनम के मल्कापुरम थाने में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत पंजीकृत हुई। उसी दिन मुख्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई। इससे पहले इस मामले में प्रदीप मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया था, जिसने एक पाकिस्तानी ऑपरेटिव के लिए व्हाट्सऐप अकाउंट एक्टिवेट करने में मदद की थी। इसके अलावा नौसेना अधिकारियों के लिए अनुबंधित चालक के रूप में काम करने वाले अन्नाम साई वरप्रसाद को भी गिरफ्तार किया गया था, जिसने पैसों के एवज में जानकारियां साझा की थीं। इन दोनों को विजयवाड़ा अदालत ने 14 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

सवाल-जवाब

विशाखापट्टनम नौसेना जासूसी मामले में अब तक कुल कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई है?
इस मामले में कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
ताजा गिरफ्तारियां किन लोगों की हुई हैं?
काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने बोंगु रवि और कदरी श्रीनिवास को गिरफ्तार किया है।
यह जासूसी किस माध्यम से संचालित की जा रही थी?
यह जासूसी फेसबुक पर ‘एंजेल पायल’ नामक फर्जी अकाउंट के जरिए चलाई जा रही थी।
इस राष्ट्रव्यापी अभियान को क्या नाम दिया गया है?
इस अभियान का नाम ‘ऑपरेशन फायरवॉल-2026’ रखा गया है।
यह अभियान कितने राज्यों में चलाया जा रहा है?
यह अभियान आंध्र प्रदेश सहित 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जा रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp