इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और रिश्तों को तार-तार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां आपसी कहासुनी ने एक महिला की जान ले ली। रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के दिन एक मामूली सी टिप्पणी को लेकर हुआ विवाद इतना बढ़ा कि जेठानी ने अपनी ही देवरानी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने सबूत छिपाने की नीयत से शव को घर के बाहर बने पानी के हौज में ठिकाने लगा दिया और ऐसे पेश आई जैसे कुछ हुआ ही नहीं था। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
पारिवारिक अनबन और लव मैरिज की पृष्ठभूमि
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ें पिछले कुछ समय से परिवार में चल रही अनबन और तनाव से जुड़ी हुई हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वंदना ने 11 अगस्त को मंदिर में उपेंद्र के साथ प्रेम विवाह किया था। हालांकि, यह रिश्ता उपेंद्र के परिवार को रास नहीं आ रहा था और वे इस शादी से खासे नाराज थे। इसके अलावा, वंदना की शराब या नशे की लत को लेकर भी घर में आए दिन कलह और असंतोष का माहौल बना रहता था। परिवार के विरोध और लगातार होते तनाव के चलते उपेंद्र अपनी पत्नी वंदना के साथ नेहरू नगर छोड़कर राजनगर में किराए का मकान लेकर अलग रहने लगा था। वंदना के अचानक इस तरह लापता हो जाने के बाद चंदन नगर थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से उसकी तलाश की जा रही थी। लेकिन रक्षाबंधन के दिन दोनों महिलाओं के बीच हुआ एक तीखा संवाद इस खौफनाक त्रासदी की वजह बन गया।
रक्षाबंधन के दिन भाई पर की गई टिप्पणी बना खूनी विवाद
जांच के दौरान पुलिस के सामने यह बात खुलकर आई है कि पार्वती बाई कुशवाह का भाई दमोह जेल में दुष्कर्म के एक मामले में बंद है। आरोप है कि रक्षाबंधन के दिन बातचीत के दौरान वंदना ने पार्वती के भाई को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणी कर दी जो पार्वती को नागवार गुजरी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई जो धीरे-धीरे हिंसक झड़प में बदल गई। घटना के वक्त घर का माहौल पूरी तरह से शांत था क्योंकि पार्वती के बच्चे स्कूल गए हुए थे, जबकि उसका पति और देवर दोनों ही अस्पताल में भर्ती थे। घर के भीतर केवल पार्वती और वंदना ही मौजूद थीं, जिसका फायदा उठाकर यह हिंसक कदम उठाया गया। बहस के दौरान जब गुस्सा चरम पर पहुंच गया, तब पार्वती ने रसोई या घर में रखे चाकू को उठाया और वंदना की गर्दन पर ताबड़तोड़ दो वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद शव को हौज में छिपाना और सामान्य बर्ताव
किसी को भी अपनी करतूत का शक न हो, इसके लिए आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से सबूत मिटाने की कोशिश की। हत्या को अंजाम देने के बाद पार्वती ने मृतका वंदना के शव को घसीटते हुए घर के बाहर बने पानी के हौज तक पहुंचाया और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को हौज के अंदर फेंक दिया। इसके बाद आरोपी ने ऐसा सामान्य व्यवहार किया मानो कुछ हुआ ही नहीं हो। हैरानी की बात यह है कि हत्या करने के बाद पार्वती सीधे उस अस्पताल पहुंच गई जहां उसका पति भर्ती था और वहां जाकर उसने अपने पति से मुलाकात की। एक तरफ जहां पुलिस और परिजन वंदना की तलाश में जुटे थे, वहीं दूसरी तरफ हत्या की आरोपी बेखौफ होकर आम लोगों के बीच घूम रही थी और सामान्य जिंदगी जी रही थी।
सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की सख्ती से खुला राज
मामले की तह तक जाने के लिए स्थानीय पुलिस ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किए। इन फुटेज में पार्वती बाई कुशवाह की संदिग्ध गतिविधियां और उसका आना-जाना पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ। फुटेज के आधार पर पुलिस ने जब पार्वती से कड़ाई से पूछताछ शुरू की, तो वह शुरुआती दौर में पुलिस को लगातार गुमराह करती रही और मनगढ़ंत कहानियां सुनाती रही। हालांकि, जब पुलिस ने उससे मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते हुए यह बताया कि वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू पर उसके फिंगरप्रिंट मिल चुके हैं और अब उसके पास बचने का कोई रास्ता नहीं है, तब जाकर आरोपी टूट गई। उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी पार्वती बाई कुशवाह को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मृतका वंदना के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे उसके परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया है।



















