हरियाणा के हिसार में चर्चित महिला शिक्षिका सोनिया हत्याकांड के मुख्य आरोपी पति सौरभ आनंद को पुलिस ने घटना के चार महीने बाद धर दबोचा है। 50,000 रुपये के इनामी आरोपी की तलाश में पुलिस की सात विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। आरोपी अपनी असली पहचान छिपाकर और भेष बदलकर देश के विभिन्न प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर छिपता फिर रहा था। 26 अगस्त 2026 को हिसार स्थित एक चाय की दुकान पर एक जागरूक कैमरा मैन की सतर्कता से आरोपी की पहचान उजागर हुई, जिसके बाद थाना सिविल लाइन पुलिस की टीम ने घेराबंदी करके उसे गिरफ्तार कर लिया।
घरेलू विवाद से शुरू होकर हत्याकांड तक का पूरा मामला
थाना सिविल लाइन क्षेत्र के अंतर्गत संत नगर की रहने वाली 36 वर्षीया सोनिया एक निजी स्कूल में अध्यापिका थीं। वर्ष 2016 में उनका विवाह सेक्टर-13 निवासी सौरभ आनंद से हुआ था, जो टूर एंड ट्रैवल का व्यवसाय संभालता था। दोनों की एक छह साल की मासूम बेटी भी है। मृतका के भाई सौरभ (पुत्र हरीश कुमार) द्वारा दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत के अनुसार, शादी के शुरुआती समय से ही दंपति के बीच लगातार घरेलू कलह बनी रहती थी। परिजनों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर कई बार आपसी समझौता कराने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति में स्थायी सुधार नहीं हो सका।
शिकायतकर्ता ने बताया कि घटना से लगभग तीन महीने पूर्व आरोपी ने सोनिया का गला घोंटकर उसे जान से मारने की कोशिश भी की थी। इसके बाद 30 अप्रैल 2026 को जब आरोपी अचानक बिना बताए घर से गायब हो गया, तो सोनिया ने सिविल लाइन थाने में उसकी गुमशुदगी की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज कराई। हालांकि, उसी दिन शाम को आरोपी वापस लौट आया था। इसके अगले ही दिन यानी 1 मई 2026 को जब शिकायतकर्ता अपनी बहन के घर पहुंचा, तो सोनिया अंदर मृत अवस्था में मिलीं। घटना स्थल पर खून से लथपथ एक कपड़े प्रेस करने वाली स्त्री (आयरन) पड़ी थी और सोनिया के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। भाई के आरोपों के आधार पर पुलिस ने पति सौरभ आनंद के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था।
धार्मिक स्थलों पर भेष बदलकर कट रही थी फरारी
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी सौरभ आनंद तुरंत मौके से फरार हो गया। पुलिस जांच से बचने के लिए उसने अपनी जीवनशैली और पहनावे में बदलाव किया। वह रेवाड़ी, चंडीगढ़, अमृतसर के अलावा दिल्ली में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों जैसे गुरुद्वारा शीशगंज साहिब और गुरुद्वारा बंगला साहिब में पहचान छिपाकर शरण लेता रहा। इसके अलावा वह उज्जैन, हरिद्वार, मथुरा और अयोध्या जैसे पवित्र शहरों में भी लगातार अपने ठिकाने बदल-बदलकर रह रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने आरोपी की सूचना देने वाले के लिए 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। एएसपी मयंक मुदगिल ने जानकारी दी कि डीएसपी क्राइम और डीएसपी अग्रोहा के मार्गदर्शन में सात विशेष पुलिस टीमों की स्थापना की गई थी। ये टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थीं और तकनीकी सर्विलांस तथा मानवीय इनपुट के जरिए उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी।
चाय की दुकान पर कैमरा मैन की नजर और नाटकीय गिरफ्तारी
चार महीने तक फरार रहने के बाद 26 अगस्त 2026 को आरोपी सौरभ आनंद भेष बदलकर हिसार शहर में ही वापस आया और एक स्थानीय चाय की दुकान पर बैठा था। उसी दौरान वहां से गुजर रहे एक कैमरा मैन की नजर उस पर पड़ी। चूंकि वह कैमरा मैन पूर्व में आरोपी से परिचित था, उसने तुरंत उसे पहचान लिया और उसका नाम लेकर आवाज दी। अपनी पहचान उजागर होते देख आरोपी घबरा गया और मौके से निकलकर मॉडल टाउन क्षेत्र की दिशा में भागने लगा।
कैमरा मैन ने बिना समय गंवाए घटना की जानकारी तुरंत सिविल लाइन थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पीएसआई कर्मजीत अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत हरकत में आए और मॉडल टाउन की तरफ भाग रहे आरोपी का पीछा कर उसे दबोच लिया। इस प्रकार एक सजग नागरिक की त्वरित सूचना से चार महीने से चल रही पुलिस की तलाश समाप्त हुई।
अदालत में पेशी, पुलिस रिमांड और गहन पूछताछ की तैयारी
पुलिस प्रशासन अब गिरफ्तार आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस उससे वारदात में इस्तेमाल हथियारों, फरारी के दौरान मिले सहयोगियों और घटना से जुड़े अन्य सभी तकनीकी पहलुओं पर गहनता से सवाल-जवाब करेगी। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगे कि क्या इस अपराध में या आरोपी को शरण देने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका रही है।
मामले पर कड़ा संदेश देते हुए एसपी सिद्धान्त जैन ने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने वाले और गंभीर अपराधों को अंजाम देकर पहचान छिपाने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। हिसार पुलिस ऐसी घटनाओं पर कड़ी नजर रख रही है और फरार चल रहे तत्वों को कानून के दायरे में लाने के लिए निरंतर अभियान चलाती रहेगी।


















