ओडिशा के पुरी जिले के गोपालपुर गांव में शुक्रवार को पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया, जहां गांजा बरामदगी के लिए की गई तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नकदी का अंबार मिल गया। पेंठकटा पुलिस को एक पुख्ता सूचना मिली थी कि इस इलाके में अवैध रूप से प्रतिबंधित पदार्थों का कारोबार चल रहा है, जिसके आधार पर यह छापेमारी की गई। जब पुलिसकर्मी संबंधित किराए के मकान के अंदर दाखिल हुए, तो वहां छिपाकर रखे गए नोटों के बंडल देखकर हैरान रह गए। इतनी भारी मात्रा में कैश मिला कि उसे गिनते-गिनते गिनती करने वाली मशीनें भी हांफने लगीं।
किराए के मकान में चल रहा था अवैध कारोबार
जांच में सामने आया है कि दो संदिग्धों ने इस इलाके में फार्मेसी कॉलेज के पास ठेकेदार चंद्रध्वज पात्र का मकान किराए पर ले रखा था। आरोपी इसी किराए के ठिकाने का इस्तेमाल अवैध गांजा गतिविधियों के लिए करते थे। पुलिस को विशेष सूत्रों से इनके इस गैरकानूनी नेटवर्क के बारे में भनक लगी थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ और करोड़ों रुपये मूल्य के नोटों के बंडल अपने कब्जे में ले लिए। हालांकि, बरामद की गई सटीक राशि और इस बेहिसाब धन के स्रोतों का पता लगाने के लिए अभी गहन जांच-पड़ताल की जा रही है।
एक क्विंटल से अधिक गांजा और पैकेट बरामद
पुलिस कार्रवाई के दौरान तलाशी में लगभग एक क्विंटल वजन का गांजा हाथ लगा, जिसे 176 अलग-अलग पैकेटों में भरकर रखा गया था। शुरुआती पड़ताल से यह बात सामने आई है कि आरोपी इन पैकेटों को सुनियोजित तरीके से अलग-अलग जगहों पर सप्लाई किया करते थे। इसके अलावा, पुलिस को यह अहम सुराग भी मिला है कि इन लोगों ने केवल एक जगह नहीं, बल्कि कई अन्य स्थानों पर भी गांजा छुपाने के लिए डिपो बना रखे थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से टटोलने में जुटी है ताकि यह पता चल सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
दो आरोपी हिरासत में और आपराधिक इतिहास
इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कार्तिकेश्वर सामंतराय और देवेंद्र साहू नामक दो संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। पुरी के एसपी प्रतीक सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को दोनों के किराए के मकान के इस्तेमाल की पुख्ता खबर मिली थी। इसके साथ ही शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि इन दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों में शामिल रहने के रिकॉर्ड दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और यह खंगालने का प्रयास कर रही है कि वे नशा कहां से लाते थे और इसे किन-किन इलाकों में खपाते थे।



















