जेवर चमकाने के बहाने घर तक पहुंचकर सोना कम कर देने का एक नया तरीका द्वारका इलाके से सामने आया है। यहां कुछ ठग सफाई का बहाना बनाकर घर में घुसते हैं और चंद मिनटों में कीमती सोने का वजन घटा देते हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि सफाई के बाद गहना पहले से भी ज्यादा चमकदार नजर आता है, इसलिए घर मालिक को तुरंत ठगी का एहसास तक नहीं होता।
वैसे तो धूल, गंदगी और पसीने की वजह से गहनों की चमक समय के साथ कम होती ही रहती है, इसलिए ज्यादातर लोग इसे साफ करवाने के लिए जौहरी के पास ही जाते हैं। बड़े-बुजुर्ग अक्सर चेतावनी देते हैं कि दुकान पर सफाई के दौरान भी बारीकी से थोड़ा सोना निकाल लिया जा सकता है। लेकिन द्वारका वाला मामला इससे भी आगे का है, क्योंकि यहां ठग खुद घर तक पहुंच जाते हैं।
भरोसा जीतने का पूरा खेल
ये ठग सीधे गहने साफ करने की पेशकश नहीं करते। पहले किसी सामान को बेचने या मामूली सी सेवा देने के बहाने घर में एंट्री लेते हैं। बातचीत के बीच खुद को मूर्तियां और गहने चमकाने में उस्ताद बताकर भरोसा जमाने की कोशिश करते हैं। अक्सर वे पहले घर में रखी किसी मूर्ति को मुफ्त में साफ करके दिखाते हैं, और जैसे ही वह चमकने लगती है, घरवालों का शक कम हो जाता है। भरोसा बनते ही ये पहले चांदी और फिर सोने के गहने साफ करने की बात छेड़ते हैं, और यही वह पल होता है जब सतर्क रहना सबसे ज्यादा जरूरी हो जाता है।
सोना कैसे गायब कर दिया जाता है
ज्यादा रगड़कर पॉलिश करने पर गहने की ऊपरी सतह से बारीक धातु उतर जाती है, जिससे असली वजन घट जाता है। कुछ मामलों में खास किस्म के केमिकल इस्तेमाल किए जाते हैं, जो गहने में मिली दूसरी धातुओं को घोल देते हैं और गहने को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा सफाई के बहाने गहने के किसी छोटे हिस्से को धीरे से निकाल लेने या बदल देने की कोशिश भी की जा सकती है। ये तीनों तरीके इतनी सफाई से अंजाम दिए जाते हैं कि आंखों से पकड़ पाना लगभग नामुमकिन होता है।
वजन ही है असली परीक्षा
गहने की चमक देखकर उसकी सफाई को सुरक्षित मान लेना बड़ी भूल हो सकती है। किसी को भी गहना सौंपने से पहले उसका वजन किसी जाने-पहचाने और भरोसेमंद जौहरी से जरूर तुलवा लें। सफाई पूरी होते ही उसी तराजू पर दोबारा वजन करवाएं। अगर वजन में जरा भी अंतर मिले, तो फौरन सवाल-जवाब करें।
सावधानी के लिए ध्यान रखें
- दरवाजे पर आकर गहने साफ करने की पेशकश करने वाले किसी भी अनजान व्यक्ति से सतर्क रहें।
- मूर्ति या चांदी की चीज चमकाकर दिखाए गए भरोसे में आकर तुरंत सोना न सौंपें।
- गहना सौंपने से पहले और सफाई के तुरंत बाद उसका वजन भरोसेमंद जौहरी से जरूर जंचवाएं।
- वजन में कोई भी अंतर दिखे तो उसी वक्त सवाल करें और जरूरत पड़ने पर पुलिस को सूचित करें।


















