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स्वतंत्र भारद्वाज निकला महज एक मोहरा, असली मास्टरमाइंड दक्ष चौधरी का कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार से क्या है कनेक्शनअपराध
5 सित॰ 2026, 7:01 am (34 मिनट पहले)· 2

स्वतंत्र भारद्वाज निकला महज एक मोहरा, असली मास्टरमाइंड दक्ष चौधरी का कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार से क्या है कनेक्शन

स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा जंतर मंतर पर किए गए हमले का मामला तूल पकड़ चुका है, जिसमें यह खुलासा हुआ है कि वह केवल एक मोहरा है और उसका असली मास्टरमाइंड दक्ष चौधरी है। इस घटना को लेकर चिराग पासवान ने भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

नई दिल्ली में खुद को कट्टर हिंदू बताने और सोशल मीडिया पर आक्रामक पोस्ट करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज की करतूतें पिछले 48 घंटों से लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। इस पूरे प्रकरण में चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि स्वतंत्र भारद्वाज इस आपराधिक खेल का अकेला सूत्रधार नहीं है, बल्कि वह केवल एक मोहरा मात्र है। इस पूरी साजिश का असली मास्टरमाइंड और गुरु दक्ष चौधरी बताया जा रहा है, वही शख्स जिसने पहले कांग्रेस पार्टी के युवा नेता को सरेआम थप्पड़ मारने की घटना को अंजाम दिया था। आइए इस पूरे आपराधिक घटनाक्रम और इसके पीछे के किरदारों की पूरी परतें सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं।

जंतर मंतर पर हमले का सनसनीखेज कबूलनामा

विवादों के केंद्र में आए स्वतंत्र भारद्वाज पर मुख्य आरोप यह है कि उसने जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर जानलेवा हमला किया था। उसने संजय कुमार के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी खोपड़ी को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस पूरी घटना को स्वतंत्र भारद्वाज ने किसी डर या पछतावे के बिना एक यूट्यूब चैनल के पॉडकास्ट इंटरव्यू में बड़े गर्व के साथ स्वीकार किया। उसने कैमरे के सामने यह भी डींग हाँकी कि इतनी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने के बाद भी स्थानीय पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार नहीं किया गया था। उसने यह दावा किया कि केंद्रीय मंत्री और लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान तथा दिल्ली सरकार के मंत्री एवं बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के साथ उसके काफी गहरे ताल्लुक हैं, जिसके चलते वह कानून की पकड़ से बाहर रहा। इंटरव्यू के दौरान उसने मुस्कुराते हुए यहाँ तक कह दिया कि बड़े नेताओं के फोन आने के बाद दिल्ली पुलिस ने उसे थाने से छोड़ दिया था।

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सीजेपी का प्रदर्शन और पुलिस का आधिकारिक बयान

सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज का यह विवादित इंटरव्यू तेजी से वायरल होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भारी गुस्से में सड़क पर उतर आए। शुक्रवार को आयोजित इस नए प्रदर्शन की अगुवाई मुख्य रूप से सौरव दास और आशुतोष रांका जैसे नेता कर रहे थे। इस बढ़ते हंगामे के बीच दिल्ली पुलिस की तरफ से एक आधिकारिक बयान सामने आया जिसमें स्पष्ट किया गया कि 38-वर्षीय संजय कुमार को हाथापाई के दौरान सिर पर केवल सामान्य चोटें आई थीं। पुलिस ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें यह कहा जा रहा था कि पीड़ित की खोपड़ी की हड्डी पूरी तरह टूट गई थी। पुलिस का यह भी कहना था कि घटना के तुरंत बाद स्वतंत्र भारद्वाज और उसके एक अन्य साथी सूरज कुमार को मौके से ही हिरासत में ले लिया गया था, जिनसे पूछताछ के बाद उन्हें कानूनी नोटिस देकर छोड़ दिया गया था। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया कि इस मामले में नियमानुसार उचित आरोप-पत्र दाखिल किया जाएगा।

बुलंदशहर से हुई स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी

पुलिस के इस शुरुआती बयान के बाद जंतर मंतर पर चल रहा प्रदर्शन और अधिक उग्र हो गया, जिसमें आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद तथा पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए। बढ़ते राजनीतिक दबाव को देखते हुए संसद भवन थाने की पुलिस ने फौरन गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पीड़ित छात्रा निशु आजाद ने अपनी शिकायत में बताया कि इस घटना के बाद उसे लगातार भद्दी गालियां और बलात्कार की धमकियां दी जा रही थीं, जिसके संबंध में उसने पहले ही एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस जोरदार विरोध प्रदर्शन और निशु आजाद के दलित समुदाय से होने के कारण पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ अनुसूचित जाति और जनजाति (SC/ST ACT) के अलावा हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं भी जोड़ दीं। इसके बाद हरकत में आई दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से दबोच लिया।

चिराग पासवान ने भी दर्ज कराई आधिकारिक शिकायत

दूसरी तरफ, स्वतंत्र भारद्वाज का पुराना वीडियो वायरल होने के बाद बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को घेरना शुरू कर दिया। इंटरनेट पर चिराग पासवान के साथ स्वतंत्र भारद्वाज की पुरानी तस्वीरें भी धड़ल्ले से शेयर की जाने लगीं। इसके बाद स्वतंत्र भारद्वाज के पुराने सोशल मीडिया अकाउंट्स से भी कई तस्वीरें सामने आईं जिनमें वह बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा समेत कई अन्य दिग्गज नेताओं के साथ नजर आ रहा था। लेकिन इंटरव्यू में खुद चिराग पासवान को खुलेआम भैया कहकर संबोधित करने और उनका नाम घसीटने की वजह से एलजेपी (आर) प्रमुख ने इस मामले में तत्काल कड़ा रुख अपनाया।

मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने इस पूरी घटना को बेहद गंभीर करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से एक व्यक्ति कैमरे के सामने खुलेआम यह स्वीकार कर रहा है कि उसने किसी की हत्या के स्तर तक मारपीट की है और इसके बावजूद उस पर कोई सख्त कार्रवाई न होने का दावा कर रहा है, वह समाज के लिए एक बहुत ही गलत मिसाल पेश करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस संवेदनशील विषय की गहराई से जाँच होनी चाहिए। चूंकि उस अपराधी ने कई वरिष्ठ राजनेताओं के साथ-साथ उनके नाम का भी गलत इस्तेमाल किया है, इसलिए उन्होंने उस व्यक्ति के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी है। चिराग ने आगे यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में होने के नाते किसी भी नेता से अनगिनत लोग मिलते हैं और अपनी बात रखते हैं, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं निकाला जा सकता कि वह नेता उस व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से जानता हो। उन्होंने कहा कि उनका या किसी अन्य नेता का उस आरोपी के साथ कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है और केवल नाम के इस घिनौने दुरुपयोग के खिलाफ कानूनी कदम उठाया गया है.

असली मास्टरमाइंड है दक्ष चौधरी

खुद को कट्टर हिंदू और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज के सोशल मीडिया हैंडल पर हमेशा से बेहद आक्रामक, भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट होती रही है। हाल के दिनों में भी उसने जंतर मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान अपनी मौजूदगी को साबित करने वाली कई तस्वीरें साझा की थीं। लेकिन इस आपराधिक कहानी का असली सच कुछ और ही है। असलियत यह है कि स्वतंत्र भारद्वाज आज इस स्तर का गंभीर अपराध करने की हिम्मत इसलिए जुटा पाया क्योंकि उसे दक्ष चौधरी जैसी शातिर शख्सियत का संरक्षण और प्रशिक्षण मिला हुआ था। दक्ष चौधरी को सार्वजनिक मंचों और आयोजनों में हाई प्रोफाइल हस्तियों के साथ बदसलूकी करने तथा विवाद खड़े करने के लिए जाना जाता है। सूत्रों के मुताबिक, दक्ष ने शुरुआत में स्वतंत्र को अपने गिरोह में इसलिए शामिल किया था ताकि वह उसकी सभी आपराधिक हरकतों को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड करे और फिर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड करके जनता के बीच डर और दहशत का माहौल पैदा कर सके।

सवाल-जवाब

स्वतंत्र भारद्वाज पर मुख्य रूप से क्या आरोप है?
स्वतंत्र भारद्वाज पर जंतर मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी खोपड़ी को गंभीर रूप से घायल करने का आरोप है।
इस पूरे मामले का असली मास्टरमाइंड किसे बताया गया है?
पुलिस और जांच से जुड़े बयानों के अनुसार इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र का असली मास्टरमाइंड दक्ष चौधरी है, जिसकी निगरानी में स्वतंत्र भारद्वाज को तैयार किया गया था।
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी कहाँ से हुई?
दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है।
चिराग पासवान ने इस मामले में क्या कदम उठाया है?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपने नाम के दुरुपयोग और घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ अधिकृत शिकायत दर्ज कराई है और निष्पक्ष जाँच की मांग की है।
इस मामले में कौन-कौन सी गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं?
निशु आजाद के दलित होने और हमले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगाई हैं।
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