केरल के पलक्कड़ जिले में स्थित अलाथुर इलाके से एक दिल दहला देने वाली पारिवारिक हिंसा की घटना सामने आई है. यहां अपनी 10 वर्षीय पोती को उसके सगे भाई के जानलेवा हमले से बचाने के प्रयास में 65 वर्षीय सुलेमान गंभीर रूप से घायल हो गए थे. अस्पताल में कई दिनों तक चले इलाज के बाद बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया. पुलिस ने आरोपी 16 वर्षीय किशोर को हिरासत में लेकर जुवेनाइल होम भेज दिया है, जबकि घायल बच्ची अब पूरी तरह खतरे से बाहर है.
कावासेरी में घरेलू विवाद के बाद हुआ खूनी संघर्ष
यह दुखद घटना 19 अक्टूबर को अलाथुर के पास स्थित कावासेरी में घटित हुई थी. सुलेमान वाझक्काचिरा क्षेत्र के स्थायी निवासी थे और अपने परिवार के साथ रह रहे थे. प्राप्त विवरण के अनुसार, उस दिन घर के भीतर किसी घरेलू मसले को लेकर 16 वर्षीय नाबालिग लड़के और उसकी 10 साल की छोटी बहन के बीच तीखी बहस शुरू हो गई थी. विवाद इतना बढ़ गया कि किशोर गुस्से में आपा खो बैठा और उसने अपनी छोटी बहन पर चाकू से प्रहार करने का प्रयास किया.
मासूम बच्ची को बचाने दौड़े दादा पर चाकू से कई वार
जब बच्चों के बीच विवाद बढ़ रहा था, तभी बुजुर्ग सुलेमान स्थिति को शांत कराने और अपनी मासूम पोती को सुरक्षित करने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचे. आवेश में आए पोते ने अपनी बहन को छोड़ बुजुर्ग दादा पर ही धारदार हथियार से हमला बोल दिया. इस अचानक हुए वार में सुलेमान के सीने, पेट और गर्दन पर गहरे घाव लगे. इस छीना-झपटी और हमले में 10 वर्षीय बच्ची को भी चोटें आईं. घर में मची चीख-पुकार के तुरंत बाद दोनों घायलों को नजदीकी अलाथुर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया.
त्रिशूर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान बुजुर्ग की सांसें थमीं
अलाथुर के निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने सुलेमान की बिगड़ती शारीरिक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए तुरंत त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया. वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में उनका गहन उपचार चल रहा था. हालांकि, चोटें अत्यधिक गंभीर होने के कारण शुक्रवार की देर रात बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया. स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को उनकी मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि की. वहीं दूसरी ओर, मासूम बच्ची का समय पर उपचार होने से उसकी सेहत में सुधार हुआ और वह अब खतरे से पूरी तरह बाहर है.
फरार किशोर को पुलिस ने पकड़ा, अब दर्ज होगी हत्या की धारा
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी नाबालिग मौके से भाग निकला था. घटना की सूचना मिलते ही अलाथुर पुलिस ने मामला संज्ञान में लेते हुए इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया और कुछ ही समय बाद आरोपी लड़के को ढूंढ निकाला. चूंकि आरोपी की उम्र केवल 16 वर्ष है, इसलिए उसे किशोर न्याय अधिनियम के नियमों के तहत निरुद्ध कर जुवेनाइल होम भेज दिया गया है. पुलिस ने शुरुआती दौर में आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमला करने और हत्या के प्रयास के तहत मामला पंजीकृत किया था. अब सुलेमान के निधन के बाद पुलिस मुकदमे में हत्या की वैधानिक धारा जोड़ने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है और विवाद की मूल वजह की जांच कर रही है.



















