अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल से वायदा बाजार सुस्त, ब्याज दरों पर केंद्रीय बैंक के अगले कदम का इंतजारमतदाता सूची से 13.39 करोड़ नाम हटने पर निर्वाचन आयोग की सफाई, बताया सूची में दोबारा नाम शामिल कराने का तरीकापूर्णिया पॉलिटेक्निक के छात्रों ने तैयार किया स्मार्ट हेलमेट, शराब पीने या हेलमेट न पहनने पर स्टार्ट नहीं होगी बाइकबिना नीट क्वालिफाई किए भी बन सकते हैं प्राकृतिक चिकित्सा के डॉक्टर, पुणे स्थित एनआईएन ने बीएनवाईएस के लिए मांगे आवेदनअमेज़न सेल में लैपटॉप पर मिल रहा 63% तक का भारी डिस्काउंट, शुरुआती दाम ₹34,990पुष्कर मेले में रेत पर सजेगा राजस्थान का गौरव, भगवान देवनारायण की भव्य सैंड आर्ट बनाएंगे अजय रावतमेघालय के तीन वैज्ञानिकों ने वैश्विक शोध सूची में बनाई जगह, दुनिया के शीर्ष 1,000 विद्वानों में हुए शामिलसार्वजनिक सेवा में 25 साल पूरे होने पर गुरुग्राम में गूंजा नरेंद्र मोदी का प्रशासनिक सफर, अमित शाह ने सराहासार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे होने पर भूटानी प्रधानमंत्री शेरिंग तोगबे ने नरेंद्र मोदी को बताया आज के दौर का अवतारउत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन में व्यापक फेरबदल, 20 आईपीएस अफसरों के कार्यक्षेत्र बदले
लोनावला में जमीन के झगड़े पर 83 वर्षीय दादा ने वकील पोते को गोली से उड़ाया, हादसा बताने की साजिश नाकामअपराध
7 अक्तू॰ 2026, 2:01 pm (42 मिनट पहले)· 0

लोनावला में जमीन के झगड़े पर 83 वर्षीय दादा ने वकील पोते को गोली से उड़ाया, हादसा बताने की साजिश नाकाम

लोनावला के एक होटल में संपत्ति विवाद के चलते बुजुर्ग ने अपने 33 वर्षीय पोते की जान ले ली, जिसके बाद सबूत मिटाने के आरोप में परिवार के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।

महाराष्ट्र के लोनावला में पारिवारिक जायदाद के झगड़े ने एक खौफनाक रूप ले लिया, जहां 83 वर्षीय दादा ने अपने ही 33 वर्षीय पोते की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान पेशे से वकील अभय मराठे के तौर पर हुई है। शुरुआत में परिजनों ने इस पूरी वारदात को राइफल से दुर्घटनावश चली गोली बताकर मामले को दबाने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस की विस्तृत पड़ताल ने इस झूठी कहानी की परतें खोल दीं। शव पर मिले घावों की स्थिति और घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इसे सोची-समझी हत्या करार दिया है।

ससून अस्पताल में पोस्टमार्टम और पुलिस को हुआ पहला संदेह

वारदात के बाद अभय के शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए पुणे के ससून अस्पताल ले जाया गया था। वहां जब पुलिस अधिकारियों ने परिजनों के बयान दर्ज किए, तो उनकी बातों में कई विसंगतियां नजर आईं। परिजनों का दावा था कि राइफल साफ करते या संभालते समय गलती से ट्रिगर दब गया था। हालांकि पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने स्पष्ट किया कि यदि गोली दुर्घटनावश चलती, तो उसका कोण और सीने पर लगने का ढंग बिल्कुल अलग होता। खुद से गोली लगने या किसी हादसे में सीने पर बनने वाले घाव और अभय के शरीर पर मिले निशान में स्पष्ट अंतर था, जिससे पुलिस का शक गहरा गया।

ये भी पढ़ें

होटल के काउंटर पर मिले खून के धब्बे और छींटे

संदेह पुख्ता होते ही क्राइम ब्रांच की जांच टीम उस होटल में पहुंची, जहां यह वारदात हुई थी। होटल के काउंटर के पास की दीवार पर पुलिस को खून का एक बड़ा धब्बा मिला। इसके अलावा जमीन से लगभग पांच फीट की ऊंचाई पर भी खून के छींटे मौजूद थे। इन निशानों की स्थिति ने साफ कर दिया कि अभय को सीधे खड़े रखकर गोली मारी गई थी और यह किसी भी सूरत में साधारण दुर्घटना नहीं हो सकती। इसके बाद होटल के मैनेजर और वहां काम करने वाले कर्मचारियों से अलग-अलग पूछताछ की गई, जिससे पूरे विवाद की असलियत सामने आ गई।

जमीन बेचने को लेकर चल रहा था पुराना पारिवारिक तनाव

पुलिस जांच में सामने आया कि अभय मराठे और उनके 83 वर्षीय दादा मोटीराम मराठे के बीच एक संपत्ति को बेचने को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। अभय उस जायदाद को बेचना चाहते थे, जबकि बुजुर्ग मोटीराम इस बिक्री का लगातार कड़ा विरोध कर रहे थे। सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे इसी मुद्दे को लेकर होटल में दोनों के बीच एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर अभय अपने दादा की ओर आगे बढ़े, तभी तैश में आकर मोटीराम ने अपनी लाइसेंसी राइफल उठाई और सीधे अभय पर फायर झोंक दिया। सीने में गोली लगते ही अभय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

सबूत मिटाने और सीसीटीवी हटाने के आरोप में चार रिश्तेदार गिरफ्तार

अभय की मौत होते ही परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए इसे दुर्घटना साबित करने का ताना-बाना बुनना शुरू कर दिया। इस दौरान अभय की बहन, चाचा, चाची और चचेरे भाई तुरंत होटल पहुंचे। वे शव को उठाकर होटल के एक कमरे में ले गए ताकि बाहरी लोगों को कुछ पता न चले। इसके साथ ही होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) को भी वहां से हटा दिया गया। परिजनों पर होटल कर्मचारियों को मुंह बंद रखने की धमकी देने का भी आरोप लगा। इन सब हरकतों के बाद ही अभय के माता-पिता को घटना की सूचना दी गई।

वारदात के साक्ष्य नष्ट करने और सच छिपाने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में ले लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में अभय की बहन राजश्री पवार, 54 वर्षीय चाचा हिरामन मराठे, चाची कविता मराठे और 32 वर्षीय चचेरा भाई मनोज मराठे शामिल हैं। पुलिस अब इस बात की छानबीन कर रही है कि फुटेज को कहां छिपाया गया। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि मोटीराम मराठे के पास 1970 में शिकार के उद्देश्य से ली गई दो लाइसेंसी राइफलें थीं। पुलिस अब यह तकनीकी जांच कर रही है कि हत्या में किस राइफल का इस्तेमाल हुआ और वारदात के बाद हथियार को कहां रखा गया था।

सवाल-जवाब

लोनावला में मारे गए वकील का नाम क्या था?
मृतक का नाम अभय मराठे था और उनकी उम्र 33 वर्ष थी।
गोली चलाने वाले दादा की उम्र कितनी है और उनका क्या नाम है?
आरोपी दादा का नाम मोटीराम मराठे है और उनकी उम्र 83 वर्ष है।
यह पूरी वारदात किस जगह पर हुई?
यह घटना महाराष्ट्र के लोनावला स्थित एक होटल में काउंटर के पास घटित हुई।
हत्या की मुख्य वजह क्या निकलकर सामने आई है?
यह विवाद एक संपत्ति को बेचने को लेकर चल रहे आपसी मतभेद के कारण हुआ था।
पुलिस ने सबूत मिटाने के आरोप में किन लोगों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने अभय की बहन राजश्री पवार, चाचा हिरामन मराठे, चाची कविता मराठे और चचेरे भाई मनोज मराठे को गिरफ्तार किया है।
आरोपी दादा के पास हथियार का लाइसेंस कब से था?
मोतीराम मराठे के पास शिकार के लिए 1970 से दो लाइसेंसी राइफलें थीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp