उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद इलाके में एक 13 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की दर्दनाक घटना सामने आई है। पीड़िता सातवीं कक्षा की छात्रा है, जिसे दो नाबालिगों और 18 साल के एक युवक ने कथित तौर पर अगवा कर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के अगले ही दिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले के तीनों आरोपियों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इस सिलसिले में वेव सिटी पुलिस स्टेशन में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
वारदात की पूरी टाइमलाइन और अपहरण का मामला
पुलिस प्रशासन द्वारा मुहैया कराई गई जानकारी के अनुसार यह वाकया बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे का है। पीड़िता अपने घर से पास ही स्थित एक दुकान पर चाइनीज खाना खाने के लिए अकेली निकली थी। इसी दौरान तीनों संदिग्धों ने लड़की को रास्ते में ही रोक लिया और जबरन उसका अपहरण कर लिया। आरोपी उसे उसी क्षेत्र में रहने वाले एक नाबालिग संदिग्ध के रिश्तेदार के मकान के पास ले गए। वहां बने एक वीरान और खाली कमरे में तीनों ने मिलकर लड़की के साथ हैवानियत की।
करीब एक घंटे तक बंधक बनाए रखने के बाद आरोपियों ने पीड़िता को जाने दिया। दोपहर लगभग 3:30 बजे लड़की किसी तरह हिम्मत जुटाकर पैदल ही अपने घर पहुंची, क्योंकि उसका मकान घटनास्थल से ज्यादा दूर नहीं था। जब माता-पिता ने घर लौटने में हुई देरी की वजह पूछी, तो पीड़िता ने रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई। इसके तुरंत बाद पीड़िता की मां वेव सिटी पुलिस स्टेशन पहुंचीं और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस अधिकारी का बयान
शिकायत दर्ज होते ही वेव सिटी की असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) प्रियश्री पाल ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर वेव सिटी थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) (अपहरण) और धारा 70(2) (गैंगरेप) के साथ-साथ 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम' (POCSO) की प्रासंगिक धाराओं को भी शामिल किया है।
एसीपी प्रियश्री पाल ने बताया, "तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है।" उन्होंने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल मेडिकल जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा सकती है और कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।
आरोपियों की पहचान और त्वरित गिरफ्तारी
जांच में सामने आया कि वारदात में शामिल तीनों आरोपी पीड़िता के ही इलाके के रहने वाले हैं और वे पहले से लड़की से परिचित थे। इसके अलावा तीनों संदिग्ध खुद भी छात्र हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने त्वरित छापेमारी की। गुरुवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 16 और 17 साल के दो नाबालिग लड़कों को अपनी अभिरक्षा में ले लिया, जबकि 18 वर्षीय बालिग युवक को गिरफ्तार कर लिया गया।
यह गिरफ्तारी उसी क्षेत्र से की गई जहां कथित रूप से इस वारदात को अंजाम दिया गया था। फिलहाल पुलिस 18 साल के गिरफ्तार युवक के आपराधिक पृष्ठभूमि की विस्तृत जांच कर रही है और उससे आगे पूछताछ जारी है। इस सनसनीखेज घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, वहीं पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है।



















