हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर स्थित नगर निगम के खलियार वार्ड के सांबल गांव में अचानक जमीन धंसने की घटना से हड़कंप मच गया है। यहां रहने वाले तिलक राम का छह सदस्यीय परिवार बेघर होने की कगार पर पहुंच चुका है। लगातार जमीन धंसने और दीवारों में दरारें आने की वजह से पूरा परिवार बेहद डरे हुए माहौल में जीने को विवश है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर आपदा की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे उनकी मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं।
टनल निर्माण और ब्लास्टिंग पर उठे सवाल
सांबल इलाके में तिलक राम के मकान के पास की जमीन में काफी चौड़ी और गहरी दरारें उभर आई हैं। ये दरारें धीरे-धीरे बढ़कर मकान के ढांचे तक पहुंच चुकी हैं, जिससे घर के कई हिस्से फटने लगे हैं। परिवार के सदस्य तिलक राम और प्रेमलता का कहना है कि उनके इस क्षेत्र में पहले कभी ऐसी स्थिति पैदा नहीं हुई थी। स्थानीय लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि अचानक जमीन धंसने का क्या कारण है।
हालांकि, प्रभावित परिवार का ध्यान घर से कुछ ही दूरी पर चल रहे सुरंग यानी टनल निर्माण कार्य की ओर गया है। वहां सुरंग बनाने के लिए लगातार बारूद से ब्लास्टिंग की जा रही है। तिलक राम और प्रेमलता ने मांग उठाई है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जमीन धंसने की असल वजह ब्लास्टिंग ही है या कोई अन्य भौगोलिक कारण। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि भू-धंसाव की रोकथाम के लिए तुरंत कंक्रीट और सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं ताकि उनके मकान को पूरी तरह तबाह होने से बचाया जा सके।
जीवनभर की कमाई पर संकट और प्रशासनिक उपेक्षा
पीड़ित परिवार के अन्य सदस्यों उत्तम चंद और भानवी ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने अपने पूरे जीवन की जमा पूंजी और गाढ़ी कमाई लगाकर यह आशियाना खड़ा किया था। अब उनके पास संपत्ति या बचत के नाम पर कुछ भी शेष नहीं बचा है। इसके बावजूद, मजबूरी में उन्हें इसी जर्जर और खतरनाक मकान में हर पल खौफ के साए में रातें बितानी पड़ रही हैं।
परिवार का आरोप है कि भू-धंसाव की सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर जायजा लेने तो पहुंचे, लेकिन निरीक्षण के बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जब परिवार ने अपनी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई, तो वहां से भी उन्हें निराशाजनक जवाब ही मिला। अधिकारियों ने कहा कि जब मकान पूरी तरह गिर जाएगा, तभी क्षतिपूर्ति या मुआवजा दिया जा सकेगा। प्रशासनिक अधिकारियों के इस गैर-जिम्मेदाराना जवाब ने पीड़ित परिवार के मनोबल को पूरी तरह तोड़ दिया है और उन्हें बेसहारा छोड़ दिया है।
मेयर ने लिया संज्ञान और दिया मदद का भरोसा
सांबल गांव में लगातार बढ़ रहे भू-धंसाव के इस संकट के बीच मंडी नगर निगम की मेयर सुमन ठाकुर का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है और वह पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मेयर सुमन ठाकुर ने आश्वासन दिया है कि वह बहुत जल्द विशेषज्ञों और अधिकारियों की एक टीम के साथ प्रभावित स्थल का दौरा करेंगी।
उन्होंने कहा कि मौके पर पहुंचकर स्थिति का बारीकी से जायजा लिया जाएगा और पीड़ित परिवार को सुरक्षित रखने तथा संभव मदद प्रदान करने के लिए नगर निगम स्तर पर हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। हालांकि, पीड़ित परिवार का मानना है कि जब तक धरातल पर काम शुरू नहीं होता, तब तक उनकी चिंताएं खत्म नहीं हो सकतीं।





















