मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में सोमवार को एक दर्दनाक दुर्घटना सामने आई, जहां शिकार के लिए गए 60 वर्षीय एक व्यक्ति की उसके ही साथी की गोली लगने से मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने मृतक को गलती से कोई जंगली जानवर समझ लिया था और उस पर गोली चला दी। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने स्थानीय इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस बात से हैरान हैं कि इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई।
मुआलनुआम क्षेत्र में हुआ हादसा
अधिकारियों के अनुसार, मृतक की पहचान गिंगखानसुआन गुइते के रूप में हुई है। यह पूरी घटना मुआलनुआम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कावलतुंग इलाके के जंगल में हुई। गिंगखानसुआन गुइते और उनके साथ एक अन्य व्यक्ति, जिसे इस मामले में आरोपी माना जा रहा है, दोनों मिलकर शिकार पर निकले थे। जंगल में प्रवेश करने के बाद दोनों कुछ दूरी पर अलग हो गए और अलग-अलग दिशाओं में आगे बढ़ने लगे।
जंगली जानवर समझने की भूल
जंगल के भीतर घूमते समय आरोपी को झाड़ियों या पेड़ों के बीच कुछ हलचल महसूस हुई। अंधेरे या घने जंगल के कारण उसने बिना पूरी तरह पुष्टि किए यह मान लिया कि वह कोई जंगली जानवर है। इसी गलतफहमी के चलते उसने अपनी बंदूक से गोली चला दी, जो सीधे गिंगखानसुआन गुइते को जा लगी। गोली लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
ग्रामीणों ने की शव की बरामदगी
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने तुरंत गांव के लोगों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण तुरंत जंगल के उस हिस्से में पहुंचे और वहां से मृतक के शव को बाहर निकाला। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की शुरुआती जांच में यह साफ हो गया है कि यह एक आकस्मिक गोलीबारी थी जिसमें साथी को जानवर समझ लिया गया था। हालांकि, इस घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि इसमें कोई अन्य कोण तो नहीं था, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आगे की गहन जांच में जुटे हुए हैं।



















