केरल के पत्तनमथिट्ठा जिले में दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां रात के समय लगातार रोने से आजिज आकर एक व्यक्ति ने आठ महीने की मासूम बच्ची की जान ले ली थी। इस सनसनीखेज मामले में लगभग तीन साल की लंबी जांच के बाद पुलिस ने बच्ची की मां को दबोच लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की कि अगस्त 2023 में हुई इस हत्या के सिलसिले में 38 वर्षीय मंजू को गिरफ्तार कर लिया गया है। तिरुवल्ला के पुलिस उपाधीक्षक पी. आर. संतोष के निर्देशन में गठित एक विशेष जांच दल ने गहन छानबीन के बाद इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया। मृतका का शव 12 अगस्त 2023 को शाम लगभग छह बजे पुलिकीझ थाना क्षेत्र के अंतर्गत वलंजावट्टम इलाके में घास से ढके एक दलदल से बरामद किया गया था।
विवाद के बाद घर से निकलना और नई जगह रहना
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वर्ष 2023 के दौरान अपने पति एसाक्की के साथ पारिवारिक कलह और विवाद होने के बाद मंजू अपनी नवजात बेटी को साथ लेकर अलप्पुझा चली गई थी। पुलिस के मुताबिक, जब वह कलारकोड स्थित एक दुकान के बाहर बैठी हुई थीं, तब शिवन नामक एक व्यक्ति उनके संपर्क में आया। उस व्यक्ति ने महिला और उसकी बच्ची की पूरी देखभाल करने का भरोसा दिलाया था। पुलिस का यह भी कहना है कि शिवन एक खानाबदोश जीवन जीता है। इस मुलाकात के पश्चात, मंजू अपनी बच्ची को लेकर शिवन के साथ चंगनासेरी चली गई, जहां दोनों एक दुकान के बरामदे में रहने लगे थे।
गला घोंटना और शव को ठिकाने लगाने की साजिश
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अगस्त 2023 की एक रात जब मासूम बच्ची अचानक जोर-जोर से रोने लगी, तो उससे बुरी तरह नाराज होकर शिवन ने कथित तौर पर उसका गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस जघन्य अपराध को छुपाने और शव को ठिकाने लगाने के लिए शिवन और मंजू ने मिलकर शिवन के छोटे भाई शक्ति को वहां बुलाया। पुलिस ने बताया कि इसके बाद तीनों आरोपियों ने मिलकर शक्ति द्वारा लाए गए एक स्कूटर का इस्तेमाल किया। वे शव को उसी स्कूटर पर लादकर वलंजावट्टम के दलदली इलाके में ले गए, जहां उसे फेंककर वे वहां से फरार हो गए।
संदेह के घेरे में आना और पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा
यह पूरा राज तब खुला जब मंजू अपनी बच्ची को साथ लिए बिना ही वापस पलक्कड़ स्थित अपनी मूल कॉलोनी में लौट आई। मंजू मूल रूप से मीनाक्षीपुरम थाना क्षेत्र में मीनकारा बांध के नजदीक स्थित चेम्मनातोडु अनुसूचित जनजाति कॉलोनी की रहने वाली है। वह अपनी कॉलोनी में बतौर कॉलोनी प्रमोटर भी सक्रिय रूप से काम करती थी। जब स्थानीय स्तर पर अन्य प्रमोटर ने उससे बच्ची के गायब होने और उसके साथ न होने के बारे में पूछताछ की, तो वह कोई संतोषजनक या स्पष्ट जवाब नहीं दे पाई। इसके बाद स्थानीय प्रमोटर ने तुरंत मीनाक्षीपुरम थाने को इसकी सूचना दी। पुलिस ने जब मंजू से सख्ती से पूछताछ की, तो इस भयावह हत्या का पर्दाफाश हुआ और उसने थाने में अपना जुर्म कबूल कर लिया।
विशेष जांच दल का गठन और अन्य आरोपियों की तलाश
मीनाक्षीपुरम थाने में पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस की एक विशेष टीम ने मंजू को अपनी हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे पुलिकीझ थाने منتقل कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि पत्तनमथिट्ठा के जिला पुलिस प्रमुख आर. आनंद के सख्त निर्देशों के बाद इस मामले के मुख्य आरोपियों यानी पहले आरोपी शिवन और दूसरे आरोपी शक्ति की गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी गई है। वहीं, इस मामले की तीसरी आरोपी मंजू को स्थानीय अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।



















