पश्चिमी उपनगर मलाड में संपत्ति नवीनीकरण के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। वहां एक बंद पड़े व्यावसायिक केंद्र में रखे गहरे फ्रीजर से 78 वर्षीय बुजुर्ग का पार्थिव शरीर बरामद हुआ। जांच पड़ताल में यह तथ्य उजागर हुआ कि दिवंगत बुजुर्ग की 40 वर्षीय संतान ने उनका दाह संस्कार या दफन करने के बजाय पिछले चार वर्षों से शव को रासायनिक और शीतलन तकनीक के सहारे सुरक्षित रख छोड़ा था। जून 2022 से चल रहे इस गुप्त संरक्षण का राज तब खुला, जब जगह के मालिक ने पुनर्निर्माण कार्यों के सिलसिले में चॉल को पूरी तरह खाली कराने की औपचारिक पहल की।
मकान के नवीनीकरण के दौरान खुला गहरा राज
मलाड पूर्व की यह चॉल तकरीबन 2000 वर्ग फुट के भूभाग पर फैली हुई है। संपत्ति स्वामी ने हाल ही में पूरे ढांचे के पुनर्विकास की रूपरेखा तैयार की थी और किराएदारों को जगह खाली करने का निर्देश दिया था। जब मजदूर और सफाईकर्मी परिसर का जायजा ले रहे थे, तब एक बड़े डीप फ्रीजर के भीतर रखा पार्थिव शरीर देखकर वे दंग रह गए। सूचना मिलने पर कानून प्रवर्तन दल तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया। फ्रीजर को सील करके शव को बाहर निकाला गया और आसपास के सभी लोगों से सघन पूछताछ शुरू की गई।
प्राकृतिक निधन और अमेरिका भेजने की गुप्त योजना
प्रारंभिक छानबीन में किसी प्रकार के आपराधिक षड्यंत्र या हत्या की आशंका को खारिज कर दिया गया है। संबंधित 78 वर्षीय वृद्ध गंभीर रूप से कैंसर रोग से ग्रसित थे। जून 2022 में दिल का दौरा पड़ने के कारण उनका देहांत हुआ था, जिसका बाकायदा पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी किया गया वैध मृत्यु प्रमाणपत्र भी बेटी के पास मौजूद है। अंधेरी पश्चिम इलाके में रहने वाली बेटी अपने पिता से अत्यधिक भावनात्मक लगाव रखती थी और इस वियोग को स्वीकार नहीं कर पा रही थी।
पुलिस पूछताछ में परिवार ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद शव को अमेरिका में स्थित एक आधुनिक शव संरक्षण संस्थान तक पहुंचाना था। यह विदेशी संस्था वैज्ञानिक पद्धतियों से पार्थिव शरीरों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की विशेषज्ञता रखती है। बेटी इस जटिल प्रक्रिया के लिए लगातार जरूरी कानूनी परामर्श ले रही थी, संस्थान के प्रतिनिधियों से संपर्क बनाए हुए थी और आवश्यक भारी धनराशि जुटाने के लिए बचत करने में जुटी थी। इसी प्रतीक्षा में उसने बंद पड़े केंद्र के खाली फ्रीजर का सहारा लिया।
किराएदारी की कड़ी और जांच का दायरा
परिसर के मूल मालिक ने अधिकारियों को जानकारी दी कि उसने साल 2022 की शुरुआत में यह जगह अब्दुल रहमान नामक व्यक्ति को लीज पर दी थी। बाद में अब्दुल रहमान ने यह जगह किसी अन्य प्रबंधन समूह को दे दी, जिसने वहां एक स्वास्थ्य क्लिनिक और डे केयर सेंटर का संचालन शुरू किया। करीब एक माह पूर्व यह केंद्र पूरी तरह बंद हो चुका था। केंद्र के संचालकों ने दावा किया है कि उन्हें शीतलन उपकरण के अंदर रखे इस शव के बारे में तनिक भी भनक नहीं थी।
अधिकारियों ने संपत्ति के मालिक, केंद्र प्रबंधकों और परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस टीम ने परिजनों से सीधी बातचीत की है। अब परिवार को यह तय करना होगा कि वे अंतिम संस्कार संपन्न कराएंगे या शव को बीएमसी को सौंपेंगे। इसके लिए आवश्यक कानूनी दस्तावेज हासिल करने होंगे और निर्धारित सरकारी शुल्क का भुगतान करना होगा।



















