गुजरात के सूरत शहर से एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है जहां चोरों को पकड़ने के लिए नहीं बल्कि उनकी जान बचाने के लिए पुलिस और दमकल विभाग को मोर्चा संभालना पड़ा। यहां चोरी के इरादे से घुसे शातिर खुद ही एक ऐसी मुसीबत में फंस गए कि उन्हें बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों और रेस्क्यू टीमों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। यह पूरी घटना शहर के खटोदरा इलाके की है, जो अपनी अजीबो-गरीब परिस्थितियों के कारण चर्चा का विषय बन गई है।
बंद फैक्ट्री में घुसे और भूल गए रास्ता
खटोदरा इलाके में एक फैक्ट्री काफी समय से बंद पड़ी थी और इसी बात का फायदा उठाकर दो लोग वहां चोरी करने के मकसद से दाखिल हुए। अंदर घुसने के बाद उन्होंने कीमती सामान टटोलना शुरू किया और घूमते-घूमते वे इमारत के दूसरे हिस्से में जा पहुंचे। लेकिन जब उनका काम पूरा हुआ और बाहर निकलने का वक्त आया, तो वे मुख्य रास्ता पूरी तरह भूल गए और अंदर ही भटकते रह गए।
तीसरी मंजिल की खिड़की से लगाई मदद की गुहार
बंद परिसर के भीतर काफी देर तक ठोकरें खाने के बाद भी जब उन्हें बाहर निकलने का कोई जरिया नहीं मिला, तो उनके हाथ-पांव फूल गए और वे बुरी तरह डर गए। किसी तरह वे भटकते हुए इमारत की तीसरी मंजिल की खिड़की तक जा पहुंचे और बाहर सड़क पर चल रहे लोगों को देखने लगे। कोई अन्य उपाय न पाarak उन्होंने खिड़की से ही नीचे खड़े राहगीरों को देखकर जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया कि हमें बचाओ, हमें बचाओ।
दमकल विभाग ने सुरक्षित नीचे उतारा
फैक्ट्री के अंदर से आ रही इस तरह की अजीब आवाजों को सुनकर आसपास के स्थानीय लोग बेहद हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत बिना देर किए पुलिस और फायर ब्रिगेड को इस घटना की सूचना दी। खबर मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंच गया और भारी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को खिड़की के रास्ते सुरक्षित नीचे उतार लिया, जिसके बाद जाकर राहत की सांस ली गई।


















