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मुंबई में तीन दशक पुराना क्रिकेट विवाद: LBW फैसले पर अंपायर पर बैट से हमला करने वाला आरोपी 36 साल बाद गिरफ्तारअपराध
23 अग॰ 2026, 6:59 pm (19 दिन पहले)· 2

मुंबई में तीन दशक पुराना क्रिकेट विवाद: LBW फैसले पर अंपायर पर बैट से हमला करने वाला आरोपी 36 साल बाद गिरफ्तार

मुंबई के बोरीवली में 1990 में एलएडब्ल्यू आउट दिए जाने से नाराज एक बल्लेबाज ने अंपायर के सिर पर बैट से वार कर दिया था। पुलिस ने तकनीकी जांच और मुखबिर की मदद से 55 वर्षीय आरोपी ओमप्रकाश पासी को मीरा रोड से धर दबोचा।

मुंबई से एक हैरान कर देने वाला और अनोखा आपराधिक मामला सामने आया है, जहां तीन दशक से अधिक समय से कानून की गिरफ्त से दूर चल रहे एक भगोड़े को पुलिस ने आखिरकार दबोच लिया है। यह पूरा मामला साल 1990 का है, जब क्रिकेट के मैदान पर मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि बल्लेबाज ने अंपायर की जान लेने की कोशिश की थी। इस मामले में पुलिस लंबे समय से आरोपी की तलाश कर रही थी, जो आखिरकार तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय पूछताछ के जरिए पकड़ में आ गया। पुलिस इस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी हुई है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

साल 1990 के क्रिकेट मैच में हुआ था खूनी संघर्ष

घटना मुंबई के बोरीवली इलाके की है, जहां 1990 के दौरान एक स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था। मैच के दौरान मैदान पर उस वक्त तनाव की स्थिति पैदा हो गई जब अंपायर ने क्रीज पर मौजूद बल्लेबाज को एलबीडब्लू आउट दे दिया। यह फैसला बल्लेबाज को नागवार गुजरा और दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। गुस्से में बेकाबू होकर बल्लेबाज ने अपना आपा खो दिया और अंपायर के सिर पर क्रिकेट बैट से जोरदार हमला कर दिया। इस हमले में अंपायर गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गया और पुलिस की पकड़ से दूर छिपता फिर रहा था।

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हत्या के प्रयास का दर्ज हुआ था गंभीर मामला

मैच के तुरंत बाद अंपायर पर हुए इस जानलेवा हमले की शिकायत पुलिस को दी गई। मेडिकल रिपोर्ट और पीड़ित की गवाही के आधार पर बोरीवली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 307 यानी हत्या का प्रयास और धारा 34 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया था। घटना के बाद से ही आरोपी लगातार अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग ठिकानों पर छिप रहा था और पुलिस की रडार से बाहर था, जिसके चलते मामला ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा था।

तलाश के दौरान खुद पुलिस के हत्थे चढ़ा वांटेड

हाल ही में क्राइम प्रिवेंशन स्क्वॉड ने इस पुराने पेंडिंग मामले पर दोबारा काम करना शुरू किया और तकनीकी जांच का सहारा लिया। संचार साथी प्रणाली की मदद से पुलिस को एक मोबाइल नंबर का सुराग मिला जो आरोपी के नाम पर रजिस्टर्ड था और उसकी लाइव लोकेशन मीरा रोड इलाके में मिल रही थी। पुलिस टीम फौरन मीरा रोड पहुंची और वहां स्थानीय निवासियों से उस नंबर और व्यक्ति के बारे में पूछताछ शुरू की। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस जिस शख्स के बारे में स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही थी और जिसकी तलाश में जुटी थी, वह कोई और नहीं बल्कि खुद भगोड़ा ओमप्रकाश पासी ही निकला। पुलिस ने तुरंत उसे अपनी हिरासत में ले लिया और जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने 1990 के उस खूनी क्रिकेट विवाद में अपनी संलिप्तता और भूमिका को स्वीकार कर लिया।

सवाल-जवाब

यह घटना कब और कहां हुई थी?
यह घटना साल 1990 में मुंबई के बोरीवली इलाके में एक क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी।
आरोपी को कितने साल बाद गिरफ्तार किया गया?
आरोपी ओमप्रकाश पासी को घटना के 36 साल बाद मीरा रोड से गिरफ्तार किया गया है।
अंपायर पर हमला क्यों किया गया था?
अंपायर द्वारा बल्लेबाज को एलबीडब्लू आउट दिए जाने के विवाद के बाद आरोपी ने उस पर बैट से हमला कर दिया था।
पुलिस ने आरोपी को कैसे ढूंढा?
पुलिस ने संचार साथी प्रणाली और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी का मोबाइल नंबर ट्रेस किया और मीरा रोड पर स्थानीय पूछताछ के दौरान वह खुद पुलिस के सामने आ गया।
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