राजस्थान के अलवर जिले में आपसी रंजिश के चलते एक युवक की जान लेने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हसनपुर गांव में यह खूनी वारदात अंजाम दी गई। हमलावर युवक को गंभीर चोटें पहुंचाने के बाद एक ईको गाड़ी में लेकर उसके घर के पास पहुंचे और लहूलुहान हालत में सड़क पर फेंककर भागने की फिराक में थे। हालांकि, पीड़ित परिवार के लोगों की मुस्तैदी के चलते गाड़ी को रोक लिया गया और एक हमलावर को मौके पर ही धर दबोचा गया, जबकि दूसरा आरोपी हथियार लहराता हुआ भाग निकलने में कामयाब रहा। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे गांव में भारी तनाव फैल गया है और पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है।
बाजरे के खेत के पास काम के दौरान हुई वारदात
मृतक की शिनाख्त हसनपुर निवासी प्रमोद के तौर पर की गई है। प्रमोद अपने दो भाइयों में सबसे बड़ा था और किसानी का कामकाज संभालकर अपने पूरे कुनबे की गुजर-बसर करता था। घटना के वक्त प्रमोद अपने परिजनों रविकांत और प्रदीप के साथ घर के पिछले हिस्से में बाजरे की कड़बी एकत्र करने और लगाने के काम में व्यस्त था। इसी दौरान वहां अचानक एक ईको गाड़ी आकर थमी। परिजनों का आरोप है कि इस गाड़ी में गांव के ही रहने वाले दया के दो बेटे मोहन और महेंद्र सवार थे। इन दोनों ने बुरी तरह घायल प्रमोद को गाड़ी के भीतर से बाहर निकाला और बेरहमी से सड़क पर पटक दिया ताकि वहां से भाग सकें।
परिजनों की दिलेरी से पकड़ा गया एक आरोपी
प्रमोद को लहूलुहान और बेसुध हालत में सड़क पर गिरते देख परिजन फौरन मौके की तरफ भागे। परिवार के सदस्यों ने अपनी जान की परवाह किए बिना ईको गाड़ी के आगे खड़े होकर उसका रास्ता रोक लिया। भागने की कोशिश कर रहे आरोपियों में से परिजनों ने महेंद्र को मौके पर ही कसकर पकड़ लिया। उसी वक्त दूसरा आरोपी मोहन अपने हाथ में लोहे का सरिया लहराते हुए धमकी देकर वहां से फरार होने में सफल रहा। परिजनों ने आनन-फानन में प्रमोद की जान बचाने की कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण अस्पताल ले जाने या इलाज मिलने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। घर के मुखिया और सबसे बड़े बेटे की असमय मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने स्पष्ट तौर पर बताया है कि यह हमला पुरानी रंजिश के चलते सुनियोजित तरीके से किया गया था।
लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस ने शुरू की पड़ताल
घटना की जानकारी मिलते ही लक्ष्मणगढ़ थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात का मुआयना किया। थानाधिकारी राजेश कुमार मीना ने जानकारी दी कि परिजनों की तहरीर पर हत्या का आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहनता से पड़ताल कर रही है। पकड़े गए आरोपी महेंद्र को पुलिस को सौंप दिया गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है, जबकि फरार आरोपी मोहन की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस दोनों पक्षों के बीच चल रहे पुराने विवाद के मूल कारणों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है ताकि हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके।



















