यूरोपीय साझा मुद्रा यूरो पर एक बार फिर चौतरफा दबाव गहराता दिख रहा है। यूरोज़ोन के सरकारी बॉन्ड बाजार में बढ़ते यील्ड अंतर और आर्थिक बिखराव से जुड़े नए डर ने पूरे क्षेत्र में वित्तीय हालात को काफी सख्त बना दिया है। इस स्थिति के चलते प्रमुख मुद्रा जोड़ी EUR/USD फिसलकर मई 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर तक पहुंच गई है। फ्रांस और जर्मनी के बॉन्ड स्प्रेड में लगातार आ रही चौड़ाई अगर आगे भी बनी रहती है, तो अमेरिकी डॉलर अपनी बढ़त का दायरा और बढ़ा सकता है। हालांकि, बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के पास मौजूद विशेष सुरक्षा उपाय इस तनाव को अनियंत्रित प्रणालीगत संकट में तब्दील होने से रोक सकते हैं।
ईसीबी के आपात सुरक्षा उपकरण और बाजार की चुनौतियां
बाजार के जानकारों का कहना है कि ईसीबी के पास अनपेक्षित स्प्रेड विस्तार को सीमित करने के लिए ठोस और प्रभावी वित्तीय साधन सुरक्षित हैं। ओसीबीसी के क्रिस्टोफर वोंग के अनुसार, इनमें ट्रांसमिशन प्रोटेक्शन इंस्ट्रूमेंट (TPI) सबसे अहम है, जिसे खास तौर पर अव्यवस्थित बाजार गतिविधियों से निपटने के लिए तैयार किया गया था ताकि पूरे यूरोज़ोन में मौद्रिक नीति का प्रवाह बिना किसी बाधा के बना रहे।
क्रिस्टोफर वोंग ने कहा कि "ईसीबी अनपेक्षित स्प्रेड विस्तार को सीमित करने के लिए शक्तिशाली उपकरण रखता है, जिसमें ट्रांसमिशन प्रोटेक्शन इंस्ट्रूमेंट (TPI) भी शामिल है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि इस व्यवस्था को सक्रिय करने की सीमा काफी सख्त है और इसके लिए कड़े राजनीतिक तथा आर्थिक मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य होता है, लेकिन यदि वित्तीय विखंडन और गहराता है तो ईसीबी चुपचाप हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेगा। यदि बॉन्ड स्प्रेड इसी तरह लगातार चौड़ा होता रहता है, तो निकट अवधि में केंद्रीय बैंक की पहली रक्षा पंक्ति केवल मौखिक हस्तक्षेप यानी बयानों के जरिए बाजार को शांत करने तक सीमित रह सकती है।
EUR/USD में लगातार गिरावट और मई 2025 के बाद का न्यूनतम स्तर
मुद्रा बाजार के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो EUR/USD जोड़ी बुधवार को लुढ़ककर 1.1312 के स्तर तक गिर गई थी। यह स्तर मई 2025 के बाद से अब तक का सबसे कमजोर स्तर दर्ज किया गया है। मुद्रा जोड़ी का यह भाव अपने जनवरी के उच्चतम स्तर 1.2082 से काफी नीचे बना हुआ है।
यूरो में आई इस भारी गिरावट के पीछे अमेरिकी डॉलर की तेज मजबूती, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पसरी भू-राजनीतिक अनिश्चितता और यूरोप के लिए ऊर्जा की ऊंची कीमतों से जुड़ी ताजा चिंताएं मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। ऊर्जा आयात पर यूरोप की निर्भरता और महंगाई का नया जोखिम निवेशकों को यूरो से दूर रख रहा है, जिससे डॉलर के मुकाबले इसकी कमजोरी लगातार बढ़ रही है।
ग्लोबल फॉरेक्स मार्केट में अन्य प्रमुख मुद्राओं का हाल
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में केवल यूरो ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रमुख मुद्राएं भी अमेरिकी डॉलर की ताकत के सामने संघर्ष करती दिखी हैं। सोमवार को देर से एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD में नई बिकवाली दर्ज की गई और यह जोड़ी 0.6900 के स्तर की ओर फिसल गई। डॉलर के बढ़ते दबदबे के साथ-साथ पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के बीच जारी भू-राजनीतिक तनावों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर गहरा असर डाला है। अब इस जोड़ी में नई दिशा तय करने के लिए व्यापारियों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और आरबीए की नीतियों पर टिकी हुई है।
दूसरी तरफ, एशियाई सत्र में USD/JPY ने शुरुआती नुकसान की भरपाई करते हुए फिर से 158.00 का स्तर पार कर लिया। यह जोड़ी पिछले एक हफ्ते के दायरे में ही कारोबार करती नजर आई। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदें भले ही कमजोर पड़ी हों, लेकिन भू-राजनीतिक अनिश्चितता डॉलर को निरंतर सहारा दे रही है। हालांकि, बैंक ऑफ जापान (BoJ) के सख्त रुख की संभावनाओं और जापानी येन को समर्थन देने के लिए संभावित सरकारी दखल के जोखिमों के चलते इस जोड़ी की आगे की बढ़त सीमित रह सकती है।
सोने के भाव और अमेरिकी सेवा क्षेत्र के आंकड़े
कीमती धातुओं के बाजार में, सोने ने सोमवार को अपने पिछले नुकसान की कुछ हद तक भरपाई करने की कोशिश की, लेकिन यह धातु अपने पुराने सीमित दायरे में ही बंधी रही। सोने में ऊपरी स्तरों की ओर होने वाली बढ़त 4,200 डॉलर के नीचे ही सीमित रही, जबकि दो महीने का निचला स्तर 4,110 डॉलर इससे कुछ ही दूरी पर बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में आई हालिया मामूली गिरावट ने कीमती धातुओं को थोड़ा सहारा जरूर दिया, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की ऊंची यील्ड डॉलर में होने वाली किसी भी बड़ी गिरावट को रोक रही है।
आर्थिक संकेतकों के मोर्चे पर, अमेरिकी ISM सर्विसेज पीएमआई के सितंबर महीने में मामूली सुधार दर्ज करने की उम्मीद जताई जा रही है। माना जा रहा है कि अमेरिकी सेवा क्षेत्र मजबूती के साथ विस्तार के दायरे में बना रहेगा। इसी बीच, वित्तीय बाजारों में पिछले कुछ दिनों के दौरान फेड की ओर से मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त किए जाने के दांव काफी कमजोर पड़ते दिखे हैं।
क्रिप्टो बाजार में पाई नेटवर्क की स्थिति
क्रिप्टोकरेंसी के क्षेत्र में, पाई नेटवर्क (PI) में लगातार पांचवें कारोबारी दिन गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह लुढ़ककर 0.090 डॉलर के नीचे चला गया। इस निरंतर बिकवाली के बावजूद खुदरा मांग स्थिर बनी हुई है, जहां सक्रिय परपेचुअल कॉन्ट्रैक्ट्स का सांकेतिक मूल्य 10 मिलियन डॉलर से ऊपर बना हुआ है। हालांकि, तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ते नकारात्मक दबाव के कारण PI का तकनीकी परिदृश्य अभी भी मंदी के रुख की ओर इशारा कर रहा है।


















