बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हाल ही में हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को एक नया और अहम सुराग हाथ लगा है। इस चर्चित मामले में 22 साल के प्रांजल ठकराल को 11वें आरोपी के रूप में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से गिरफ्तार किया गया है। कम उम्र में तकनीकी शिक्षा हासिल करने वाले इस युवक के अपराध की दुनिया से जुड़ने से हर कोई हैरान है। आज के दौर में जहां युवा तकनीकी और कॉर्पोरेट जगत में करियर बनाने की दौड़ में लगे हैं, वहीं प्रांजल की राह ने सबको चौंका दिया है।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद अपराध का रास्ता
प्रांजल ठकराल के पास इंजीनियरिंग का डिप्लोमा है, लेकिन इसके बावजूद उसने गैरकानूनी गतिविधियों की राह चुनी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह मार्च के महीने में ही जमानत पर जेल से बाहर आया था। इससे पहले पानीपत में एक व्यवसायी पर हुए हमले के सिलसिले में उसे जेल भेजा गया था। रिहाई के बाद उसने अपनी जिंदगी सुधारने के बजाय लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मुख्य संचालक अनिल पंडित के संपर्क में आकर टाइगर श्रॉफ पर हमले की खतरनाक साजिश में हिस्सा लिया।
अमेरिका से संचालित हो रहा था सिंडिकेट और सीक्रेट ऐप्स का इस्तेमाल
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र का मुख्य सरगना अनिल पंडित है, जो अमेरिका में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क को संभाल रहा है। गिरफ्तार प्रांजल इस साजिश का एक अहम हिस्सा था, जो पैसों का इंतजाम करने, साजो-सामान जुटाने और हमलावरों तक हथियार पहुंचाने का काम संभाल रहा था। कानून प्रवर्तन एजेंसियों की पकड़ से बचने के लिए ये सभी आरोपी अत्यधिक सुरक्षित और गोपनीय मैसेजिंग एप्लीकेशन का उपयोग करते थे। अब क्राइम ब्रांच प्रांजल के मोबाइल फोन से डिलीट की गई चैट्स और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क की एक-एक कड़ियाँ जोड़ी जा सकें।
क्या थी टाइगर श्रॉफ पर हमले की पूरी घटना
यह सनसनीखेज घटना 18 अक्टूबर की शाम को हुई, जब अभिनेता टाइगर श्रॉफ जुहू स्थित पुष्पा नरसी पार्क में फुटबॉल खेलने के पश्चात अपनी गाड़ी से रवाना हो रहे थे। उसी समय घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गनीमत यह रही कि इस जानलेवा हमले में कोई बड़ा जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी अपनी मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर फरार हो गए और सूरत के रास्ते पुणे-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हो गए। हालांकि, पुलिस की सक्रियता के चलते तीनों शूटरों को राजस्थान के कोटा से धर दबोचा गया, जब वे दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने की योजना बना रहे थे। पुलिस सूत्रों का यह भी दावा है कि इस गिरोह का वास्तविक निशाना कोई अन्य वीआईपी था, लेकिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को देखकर उन्होंने अपना लक्ष्य बदलकर टाइगर श्रॉफ को निशाना बना लिया। फिलहाल प्रांजल 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में है और क्राइम ब्रांच उससे लगातार पूछताछ कर रही है।



















