ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के अप्रत्याशित नतीजों के सामने आने के बाद वित्तीय बाजारों में देश की संपत्तियों और मुद्रा पर नए सिरे से नजर रखी जा रही है। ब्राउन ब्रदर्स हैरीमन के एलियास हद्दाद के विश्लेषण के मुताबिक, राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा के दोबारा चुने जाने के बाद ब्राजीलियाई रियाल (BRL) को अल्पावधि में बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ सकता है। इससे पहले चुनावी दौड़ में फ्लेवियो बोल्सोनारो की जीत की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही थीं, जिसके चलते बाजार में एकतरफा तेजी बनी हुई थी। अब बाजार उस पिछली रैली को पीछे छोड़ते हुए बढ़ते सार्वजनिक कर्ज और नई नीतियों के असर को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, राजनीतिक संतुलन और देश की मजबूत बुनियादी संरचना रियाल को बहुत ज्यादा गिरने से बचा सकती है, जिससे आने वाले समय में निवेशकों के लिए खरीदारी के नए अवसर तैयार हो सकते हैं।
ब्राजील की राजनीति और घरेलू मुद्रा रियाल का गणित
चुनाव पूर्व अनुमानों में जहां फ्लेवियो बोल्सोनारो की जीत की 80% संभावना जताई जा रही थी, वहीं लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ने राष्ट्रपति पद का चौथा कार्यकाल जीतकर सबको चौंका दिया। इस अप्रत्याशित फैसले के चलते पहले दौर के मजबूत प्रदर्शन के बाद बनी रियाल की बढ़त अब तेजी से खत्म हो रही है। एलियास हद्दाद ने बताया कि चुनावी उलटफेर के चलते अल्पावधि में ब्राजील की संपत्तियां जोखिम के दायरे में आ गई हैं, लेकिन यही स्थिति बाद में खरीदारी का आकर्षक मौका पेश कर सकती है।
बाजार में इस बात को लेकर राहत भी है कि ब्राजील की विधायी स्थिति किसी भी अनियंत्रित वित्तीय विस्तार पर स्वाभाविक रोक लगाएगी। लूला के सामने एक रूढ़िवादी संसद है, जहां किसी भी नए कानून या बड़े बजटीय फैसले को मंजूरी दिलाने के लिए उन्हें मध्यमार्गी सांसदों का समर्थन हासिल करना जरूरी होगा। इसके अलावा, ब्राजील का आकर्षक कैरी ट्रेड और ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तथा रक्षा क्षेत्र से जुड़े जिंसों में रणनीतिक उपस्थिति रियाल के लिए प्रमुख ढांचागत संबल बने हुए हैं। यही कारण है कि मुद्रा की संभावित गिरावट एक सीमा में रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
विदेशी मुद्रा बाजार में एशियाई सत्र का रुख
वैश्विक मंच पर सोमवार को एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर की बिकवाली फिर से शुरू होने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन मिला। AUD/USD की जोड़ी 0.7000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बनी रही और एक महीने के उच्चतम स्तर के करीब कारोबार करती देखी गई। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में आई ताजा नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में आई हल्की गिरावट ने डॉलर की तीन सप्ताह के निचले स्तर से उबरने की रफ्तार को थाम दिया है। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा नवंबर में ब्याज दरें बढ़ाए जाने के अनुमानों से भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को सहारा मिला, हालांकि मंगलवार से शुरू हो रही फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की दो दिवसीय बैठक के चलते आगे की बढ़त सीमित नजर आई।
दूसरी ओर, USD/JPY की जोड़ी में सोमवार को एशियाई सत्र के दौरान नए सिरे से बिकवाली दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर की रिकवरी शुक्रवार को 18 सितंबर के बाद के सबसे निचले स्तर को छूने के बाद ठहर गई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के साथ-साथ बैंक ऑफ जापान (BoJ) के सख्त रुख ने जापानी येन को अतिरिक्त ताकत दी, जिससे इस मुद्रा युग्म पर दबाव और गहरा गया। निवेशक अब फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान की नीतिगत घोषणाओं का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिससे फिलहाल बाजार में बहुत बड़ी गिरावट थमी हुई है।
सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार की चाल
कमोडिटी बाजार में सोने (XAU/USD) ने सोमवार को सीमित दायरे में मजबूती दर्ज की। पिछले हफ्ते सोने में भारी गिरावट आई थी, जिसके चलते कीमती धातु लुढ़ककर 3,975 डॉलर के स्तर पर पहुंच गई थी, जो अगस्त के बाद का इसका सबसे निचला स्तर था। मध्य पूर्व में तनाव कम करने के लिए चल रहे राजनयिक प्रयासों के बीच कच्चे तेल के दाम गिरने से सोने को थोड़ा सहारा मिला है और भाव स्थिर होने की कोशिश कर रहे हैं।
डिजिटल परिसंपत्ति बाजार में कार्डानो (ADA) पर बिकवाली का दबाव लगातार बढ़ रहा है। अक्टूबर की शुरुआत से लगातार तीन हफ्तों तक 20% से अधिक की गिरावट झेलने के बाद यह टोकन 0.202 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है। डेरिवेटिव्स बाजार के कमजोर आंकड़े, मंदी का संकेत देने वाले ऑन-चेन आंकड़े और तकनीकी चार्ट्स पर लगातार बिगड़ते हालात कार्डानो में और अधिक गिरावट का जोखिम दिखा रहे हैं।
अमेरिकी बॉन्ड और शेयर बाजार का हाल
अमेरिकी बॉन्ड बाजार में पिछले हफ्ते लगातार दूसरे सप्ताह तेजी देखी गई, जिससे सरकारी बॉन्ड्स की कीमतों में सुधार हुआ। इस हलचल के बीच 10-वर्षीय और 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड क्रमशः 5% और 5.33% के स्तर तक पहुंच गई, जिससे यील्ड कर्व काफी हद तक सपाट हो गया। यह स्थिति तब बनी जब ब्रेंट क्रूड करीब 7% उछलकर 119.50 डॉलर के मार्च स्तर के बेहद करीब पहुंच चुका था। वहीं इक्विटी बाजार संघर्ष करते दिखे और टेक शेयरों ने लगातार दूसरे हफ्ते नुकसान दर्ज किया।
अमेरिकी डॉलर के सामने 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव एक बेहद संवेदनशील मोड़ ला रहे हैं। जहां वित्तीय बाजार दिसंबर में फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की संभावना मानकर चल रहे हैं, वहीं संसद पर नियंत्रण की राजनीतिक लड़ाई भविष्य की राजकोषीय नीतियों की दिशा तय करेगी, जो अंततः 2027 में मौद्रिक नीति की राह को भी प्रभावित कर सकती है।



















