बॉलीवुड में सक्रिय हस्तियों को निशाना बनाने की साजिश को लेकर पुलिस की जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े तीन संदिग्धों, जिनमें ऋतिक, रेहान और एक नाबालिग शामिल हैं, की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि उनकी मूल योजना क्या थी और उन्होंने अभिनेता टाइगर श्रॉफ को अपना मुख्य निशाना क्यों बनाया। पुलिस हिरासत में मौजूद इन तीनों आरोपियों ने अपनी गतिविधियों और प्राथमिक लक्ष्यों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की है।
शीर्ष सितारों के आवासों की रेकी
जांच के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनकी नजर फिल्म जगत के कई बेहद लोकप्रिय चेहरों पर थी। योजना के शुरुआती चरण में इन शूटरों ने अमिताभ बच्चन, आमिर खान, अक्षय कुमार और सलमान खान के आवासों की गहन रेकी की थी। इन चारों बड़े अभिनेताओं के परिसरों की निगरानी करने के बाद शूटरों को एहसास हुआ कि वहां सुरक्षा के बेहद कड़े और पुख्ता प्रबंध मौजूद हैं। इन सुरक्षा घेरों को भेदना उनके लिए बेहद जोखिम भरा और कठिन साबित हो सकता था।
कड़ी सुरक्षा के चलते बदली गई रणनीति
चारों दिग्गज कलाकारों के निवास स्थलों पर तैनात कड़े पहरे को देखते हुए गिरोह ने अपनी रणनीति में अचानक बदलाव किया। शूटरों ने तय किया कि अत्यधिक सुरक्षा घेरे में रहने वाले कलाकारों पर हमला करने के बजाय किसी ऐसे चर्चित सितारे को चुना जाए जिसकी निजी सुरक्षा न्यूनतम हो। इस आकलन के आधार पर टाइगर श्रॉफ का चयन किया गया, क्योंकि उनके सार्वजनिक आवागमन के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था नहीं रहती थी।
फुटबॉल मैच और सात दिनों की निगरानी
शूटरों ने पाया कि टाइगर श्रॉफ प्रत्येक रविवार को बिना किसी विशेष सुरक्षा इंतजाम के फुटबॉल खेलने जाया करते थे। इस दौरान उनके साथ कोई बड़ा सुरक्षा दल मौजूद नहीं रहता था और केवल उनका ड्राइवर ही साथ चलता था। इस कमजोर कड़ी को भांपते हुए आरोपियों ने लगातार सात दिनों तक उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और रेकी पूरी होने के बाद उन्हें अंतिम लक्ष्य के रूप में निर्धारित किया। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की अग्रिम पड़ताल जारी है।



















